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राम मंदिर CEO चयन पर अमिताभ ठाकुर ने ट्रस्ट से मांगा जवाब, बोले- प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई तो कोर्ट जाएंगे
Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या राम मंदिर CEO नियुक्ति को लेकर अमिताभ ठाकुर ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। पूर्व IPS राजेश पांडेय के दावे का हवाला देते हुए ठाकुर ने ट्रस्ट से स्पष्टीकरण मांगा है।
Ayodhya Ram Mandir
Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या में राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) की नियुक्ति को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। CEO पद के लिए आवेदन करने वाले पूर्व IPS अधिकारी और आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए औपचारिक पत्र भेजा है। ठाकुर ने पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडेय के हालिया पॉडकास्ट में दिए बयान का हवाला देते हुए पूछा है कि यदि सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा अंतिम चयन सूची में शामिल नहीं थे और इंटरव्यू में भी नहीं बैठे, तो उन्हें अंतिम तीन उम्मीदवारों में किस प्रक्रिया के तहत शामिल किया गया और फिर CEO के पद पर नियुक्ति कैसे हुई?
राजेश पांडेय के दावे ने खड़े किए चयन प्रक्रिया पर सवाल
अमिताभ ठाकुर के मुताबिक, पूर्व IPS राजेश पांडेय ने एक पॉडकास्ट में दावा किया है कि CEO पद के चयन के दौरान उन्हें अपना चयन लगभग तय लग रहा था, लेकिन अंतिम समय में फैसला बदल गया। पांडेय ने कथित तौर पर यह भी कहा कि सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा अंतिम 16 उम्मीदवारों की सूची में शामिल नहीं थे और उन्होंने इंटरव्यू प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया था।
अंतिम सूची और इंटरव्यू को लेकर मांगा स्पष्टीकरण
ठाकुर ने ट्रस्ट से सवाल किया है कि यदि चयन प्रक्रिया में उम्मीदवारों की एक निर्धारित सूची और इंटरव्यू का चरण था, तो उस प्रक्रिया से बाहर बताए जा रहे व्यक्ति को अंतिम तीन उम्मीदवारों के पैनल में शामिल करने का आधार क्या था। उन्होंने चयन के लिए अपनाए गए मापदंड, अंतिम सूची तैयार करने की प्रक्रिया और नियुक्ति के आधार को स्पष्ट करने की मांग की है।
पारदर्शिता पर सवाल, सुधारात्मक कार्रवाई की मांग
पूर्व IPS अधिकारी ने अपने पत्र में कहा है कि यदि राजेश पांडेय के दावे सही हैं तो मामला केवल एक नियुक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पूरी चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने ट्रस्ट से पूरे घटनाक्रम पर स्पष्ट जवाब देने के साथ आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है।
जवाब नहीं मिला तो कानूनी रास्ता अपनाने की चेतावनी
अमिताभ ठाकुर ने कहा है कि चयन प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों का संतोषजनक और तथ्यात्मक जवाब नहीं मिलने पर वह उपलब्ध कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल करेंगे। उन्होंने संकेत दिया है कि जरूरत पड़ने पर नियुक्ति और चयन प्रक्रिया को सक्षम न्यायिक अथवा वैधानिक मंच के समक्ष चुनौती दी जाएगी।


