राम मंदिर CEO चयन पर अमिताभ ठाकुर ने ट्रस्ट से मांगा जवाब, बोले- प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई तो कोर्ट जाएंगे

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या राम मंदिर CEO नियुक्ति को लेकर अमिताभ ठाकुर ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। पूर्व IPS राजेश पांडेय के दावे का हवाला देते हुए ठाकुर ने ट्रस्ट से स्पष्टीकरण मांगा है।

Ashutosh Tripathi
Published on: 14 Sept 2026 2:20 PM IST (Updated on: 14 Sept 2026 2:20 PM IST)
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Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या में राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) की नियुक्ति को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। CEO पद के लिए आवेदन करने वाले पूर्व IPS अधिकारी और आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए औपचारिक पत्र भेजा है। ठाकुर ने पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडेय के हालिया पॉडकास्ट में दिए बयान का हवाला देते हुए पूछा है कि यदि सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा अंतिम चयन सूची में शामिल नहीं थे और इंटरव्यू में भी नहीं बैठे, तो उन्हें अंतिम तीन उम्मीदवारों में किस प्रक्रिया के तहत शामिल किया गया और फिर CEO के पद पर नियुक्ति कैसे हुई?

राजेश पांडेय के दावे ने खड़े किए चयन प्रक्रिया पर सवाल

अमिताभ ठाकुर के मुताबिक, पूर्व IPS राजेश पांडेय ने एक पॉडकास्ट में दावा किया है कि CEO पद के चयन के दौरान उन्हें अपना चयन लगभग तय लग रहा था, लेकिन अंतिम समय में फैसला बदल गया। पांडेय ने कथित तौर पर यह भी कहा कि सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा अंतिम 16 उम्मीदवारों की सूची में शामिल नहीं थे और उन्होंने इंटरव्यू प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया था।


अंतिम सूची और इंटरव्यू को लेकर मांगा स्पष्टीकरण

ठाकुर ने ट्रस्ट से सवाल किया है कि यदि चयन प्रक्रिया में उम्मीदवारों की एक निर्धारित सूची और इंटरव्यू का चरण था, तो उस प्रक्रिया से बाहर बताए जा रहे व्यक्ति को अंतिम तीन उम्मीदवारों के पैनल में शामिल करने का आधार क्या था। उन्होंने चयन के लिए अपनाए गए मापदंड, अंतिम सूची तैयार करने की प्रक्रिया और नियुक्ति के आधार को स्पष्ट करने की मांग की है।

पारदर्शिता पर सवाल, सुधारात्मक कार्रवाई की मांग

पूर्व IPS अधिकारी ने अपने पत्र में कहा है कि यदि राजेश पांडेय के दावे सही हैं तो मामला केवल एक नियुक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पूरी चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने ट्रस्ट से पूरे घटनाक्रम पर स्पष्ट जवाब देने के साथ आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है।

जवाब नहीं मिला तो कानूनी रास्ता अपनाने की चेतावनी

अमिताभ ठाकुर ने कहा है कि चयन प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों का संतोषजनक और तथ्यात्मक जवाब नहीं मिलने पर वह उपलब्ध कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल करेंगे। उन्होंने संकेत दिया है कि जरूरत पड़ने पर नियुक्ति और चयन प्रक्रिया को सक्षम न्यायिक अथवा वैधानिक मंच के समक्ष चुनौती दी जाएगी।

Ashutosh Tripathi
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Ashutosh Tripathi

Chief Photojournalist Mail ID - tripathiashutosh88@gmail.comtripathiashutosh88@gmail.com

आशुतोष त्रिपाठी जन्म 17 अप्रैल 1988 एक भारतीय फोटोग्राफर और फोटो जर्नलिस्ट हैं। पत्रकारिता जीवन की शुरुआत बतौर रिपोर्टर वॉइस ऑफ़ मूवमेंट में हुई, इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। आशुतोष त्रिपाठी ने 2007 में एमिटी विश्वविद्यालय से मास्टर इन जर्नलिस्म एंड मास कम्युनिकेशन का कोर्स किया। 2010 में वौइस् ऑफ मूवमेंट अखबार में बतौर रिपोर्टर तीन साल काम किया। इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। 2014 में एक फोटोग्राफर बने और एक साल बाद दैनिक भास्कर उत्तर प्रदेश में सीनियर फोटोजर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत रहे। 2016 से लगातार newstrack.com में चीफ फोटोजर्नलिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। 2015 में एक इनके द्वारा की गयी एक बुजुर्ग टाइपिस्ट की स्टोरी ने पूरी दुनिया ख्याति प्राप्त की। 2016 में इन्हें पत्रकारिता जगत में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए नारद पुरुस्कार से सम्मानित किया गया था । 2017 में फोटोग्राफी क्लब ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित इंटरनेशनल फोटोग्राफी कम्पटीशन में इन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया । 2019 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित कुंभ फोटोग्राफी प्रतियोगिता में इन्होंने तृतीय पुरुस्कार मिला था ।।

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