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Ram Lalla SIT: जमीन के सौदों से बैंक खातों तक पहुंची SIT जांच, 33 दिग्गजों से 3 घंटे तक कड़ी पूछताछ, क्या मिला?
Ram Lalla SIT Investigation: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए 33 लोगों से पूछताछ की। जमीन के सौदों, बैंक लेन-देन और दान में मिले आभूषणों की जांच तेज हो गई है। जानिए जांच में अब तक क्या सामने आया।
Ram Lalla SIT Investigation: अयोध्या के पावन राम मंदिर परिसर में हुए सनसनीखेज चढ़ावा चोरी मामले में हर दिन ऐसे नए मोड़ आ रहे हैं, जिसने पूरे देश को हैरान कर दिया है. इस महाघोटाले की तह तक जाने के लिए रात-दिन जुटी विशेष जांच दल यानी एसआईटी ने शुक्रवार को अपनी तफ्तीश का दायरा अचानक बहुत ज्यादा बढ़ा दिया है. इस बड़े एक्शन के तहत जांच टीम ने राम मंदिर को दान देने वाले बड़े दानदाताओं, जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े रसूखदार लोगों, शहर के नामी प्रॉपर्टी डीलरों, बैंक के बड़े अधिकारियों और मंदिर परिसर की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा कर्मियों समेत कुल 33 संदिग्ध लोगों को पूछताछ के लिए तलब किया. एसआईटी के आला अधिकारियों ने इन सभी लोगों को अलग-अलग कमरों में बैठाकर करीब 3 घंटे तक तीखे सवालों की बौछार की. अंदरूनी सूत्रों से मिली बेहद पक्की जानकारी के मुताबिक, एसआईटी ने अब श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की तरफ से पिछले कुछ समय में खरीदी गई करोड़ों रुपये की विवादित जमीनों के असली दस्तावेजों की भी बारीकी से स्क्रूटनी यानी गहन पड़ताल शुरू कर दी है.
खंगाले जा रहे हैं गुप्त दस्तावेज
एसआईटी की इस मैराथन पूछताछ के दौरान राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा हाल के दिनों में खरीदी गई जमीनों, पुराने मकानों, पैसों के भुगतान की पूरी प्रक्रिया और उनसे जुड़े तमाम सरकारी अभिलेखों के बारे में बेहद विस्तृत और पुख्ता जानकारी जुटाई गई. जांच टीम के अफसर इस बात को बहुत गहराई से समझने का प्रयास कर रहे हैं कि आखिर जमीन खरीद की पूरी प्रक्रिया को किस तरह से और किन नियमों के तहत पूरा किया गया था. इसी सिलसिले में अयोध्या के कुछ जाने-माने प्रॉपर्टी डीलरों को भी रडार पर लिया गया. इसके साथ ही इस केस में एक और बड़ा मोड़ तब आया जब टिन्नू यादव के 2 सगे भांजों को एसआईटी के दफ्तर में हाजिर होने का सख्त फरमान सुनाया गया. ये दोनों भाई इलाके में बड़े पैमाने पर प्रॉपर्टी डीलिंग का काम संभालते हैं. जांच एजेंसी ने इन दोनों भाइयों को सामने बैठाकर जमीन से जुड़े गुप्त लेनदेन, बैंक ट्रांसफर और अन्य संदिग्ध पहलुओं पर लंबी पूछताछ की.
आभूषण गलाने के खेल
चढ़ावा चोरी की इस महाजांच में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है. एसआईटी ने रामलला के दरबार में भक्तों द्वारा दान में चढ़ाए गए सोने-चांदी के कीमती आभूषणों को गलाने की पूरी प्रक्रिया को भी बहुत विस्तार से समझा. जांच टीम ने इस पूरी गलाने वाली व्यवस्था से जुड़े सभी छोटे-बड़े पहलुओं की जानकारी ऑन-रिकॉर्ड जुटाई है, ताकि सरकारी फाइलों में दर्ज रिकॉर्ड और असलियत में की गई प्रक्रिया का आपस में मिलान किया जा सके. इसके अलावा, मंदिर की सुरक्षा में तैनात कुछ सुरक्षा कर्मियों और बैंक के कर्मचारियों से भी लंबी बातचीत की गई. बैंक कर्मियों से मुख्य रूप से भारी-भरकम भुगतान और वित्तीय प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों को समझने का प्रयास किया गया. एसआईटी अब इन सभी कड़ियों को आपस में जोड़कर इस पूरी साजिश के असली मास्टरमाइंड तक पहुंचने का रास्ता तलाश रही है.
13 जून से जारी है SIT का चक्रव्यूह
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अयोध्या में चढ़ावा चोरी का यह शर्मनाक मामला पहली बार 6 जून को दुनिया के सामने आया था. इसके तुरंत बाद सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 13 जून को इस पूरे प्रकरण की हाई-लेवल जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था. जांच के पहले चरण को तेजी से पूरा करने के बाद, एसआईटी ने बीते 23 जून को अपनी एक गोपनीय प्रारंभिक जांच रिपोर्ट राज्य के गृह विभाग को सौंप दी थी. अब इस महाजांच के अगले और सबसे महत्वपूर्ण चरण में जमीन की खरीद, पैसों के लेन-देन, दान के जेवरात और अन्य अहम दस्तावेजों की जांच को बहुत तेज कर दिया गया है. फिलहाल एसआईटी इस पूरे मामले के हर एक छिपे हुए पहलू को बेनकाब करने में जुटी हुई है.


