Ayodhya Ram Mandir: सीता रसोई में बदले नियम, ड्रेस कोड लागू; आधार कार्ड से रामलला दर्शन पर बड़ा मंथन

अयोध्या राम मंदिर की सीता रसोई में कोठारी, भंडारी और सेवकों के लिए धोती-पीताम्बरी ड्रेस कोड लागू किया गया है। अयोध्यावासियों को आधार कार्ड से सीधे दर्शन देने पर भी मंथन जारी है।

Alakha Singh
Published on: 7 Oct 2026 8:51 AM IST
Ayodhya Ram Mandir: सीता रसोई में बदले नियम, ड्रेस कोड लागू; आधार कार्ड से रामलला दर्शन पर बड़ा मंथन
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Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर परिसर स्थित सीता रसोई में अब सेवा करने वाले कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड अनिवार्य कर दिया गया है। रसोई में प्रवेश से पहले कोठारी, भंडारी और सेवकों को धोती के साथ पीताम्बरी धारण करनी होगी। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि के निर्देश के बाद नई व्यवस्था लागू की गई है।

इससे पहले सीता रसोई में कार्यरत कर्मचारी धोती-कुर्ता पहनकर सेवा करते थे। अब रसोई के भीतर निर्धारित वेशभूषा और शुद्धता के साथ ही प्रवेश की अनुमति होगी। घर से मंदिर आने-जाने के दौरान कर्मचारी अपनी सुविधानुसार कपड़े पहन सकेंगे।

CEO जितेंद्र मिश्र ने पहली बार किया सीता रसोई का निरीक्षण

राम मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) जितेंद्र मिश्र ने पहली बार मंदिर परिसर में स्थित सीता रसोई की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने रसोई में प्रवेश किए बिना वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली और कोठारी-भंडारी से राशन तथा प्रसाद से जुड़े हिसाब-किताब के बारे में जानकारी प्राप्त की।

सीईओ ने यह भी जाना कि हर महीने कितनी खाद्य सामग्री आती है, कितने लोगों के लिए रसोई में भोजन तैयार होता है और किन लोगों को यहां प्रसाद ग्रहण कराया जाता है।

मां अन्नपूर्णा के उप मंदिर के पास परकोटे में स्थित आधुनिक सीता रसोई में दो शिफ्टों में कुल आठ कर्मचारी सेवा देते हैं। इनमें दो कोठारी, चार भंडारी और दो सेवक शामिल हैं। भंडारी रामलला समेत मंदिर के अन्य देवी-देवताओं के लिए भोग-प्रसाद तैयार करते हैं, जबकि कोठारी सामग्री का संग्रह कर उसे भंडारी तक पहुंचाते हैं। सेवक रसोई की साफ-सफाई और अन्य सहायक कार्य संभालते हैं।

रामलला के पुजारियों से अलग है व्यवस्था

रामलला के पुजारियों के लिए पहले से ही निर्धारित ड्रेस कोड लागू है। चार पुराने पुजारियों को छोड़कर 20 पुजारियों को छह महीने का प्रशिक्षण देने के बाद राम मंदिर में नियुक्त किया गया है। ये पुजारी शिफ्ट के अनुसार रामलला और राम परिवार की सेवा करते हैं।

हालांकि परकोटे के उप मंदिरों और शेषावतार मंदिर में पूजा-अर्चना करने वाले पुजारियों और अनुष्ठानकर्ता आचार्यों की व्यवस्था अलग है। उन्हें वेतन के बजाय मानदेय मिलता है, इसलिए उन पर वही ड्रेस कोड लागू नहीं है। वे फिलहाल धोती-कुर्ता में सेवा कर रहे हैं।

अयोध्यावासियों के लिए अलग दर्शन मार्ग की मांग

इधर राम मंदिर में नित्य दर्शन करने वाले अयोध्यावासी गृहस्थों और संतों के लिए आम श्रद्धालुओं और पास धारकों से अलग दर्शन मार्ग बनाने की मांग भी तेज हो रही है।

हनुमानगढ़ी और कनक भवन की तर्ज पर स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए अलग व्यवस्था की मांग की जा रही है। चढ़ावा चोरी मामले के बाद ट्रस्ट में हुए बदलावों के बीच स्थानीय लोगों की पहुंच और संवाद को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अब इस मुद्दे पर धार्मिक न्यास समिति की पुनर्गठित कमेटी पर दबाव बढ़ रहा है।

बताया जा रहा है कि राम मंदिर ट्रस्ट की प्रस्तावित कार्यकारिणी बैठक में इस विषय पर चर्चा हो सकती है। फिलहाल मंदिर में दर्शन के लिए आठ लेन निर्धारित हैं और श्रद्धालुओं की संख्या के अनुसार इनका इस्तेमाल किया जाता है।

आधार कार्ड से सीधे प्रवेश पर भी मंथन

अयोध्यावासियों के लिए रामलला के दर्शन की व्यवस्था आसान बनाने के लिए आधार कार्ड के आधार पर सीधे प्रवेश देने के प्रस्ताव पर भी मंथन चल रहा है। हालांकि इस व्यवस्था को लागू करने से पहले सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर पुलिस और प्रशासन की राय अहम होगी।

ट्रस्ट यह आकलन भी कर रहा है कि यदि स्थानीय अयोध्यावासियों को आधार कार्ड की जांच के बाद सीधे प्रवेश की सुविधा दी जाती है, तो प्रतिदिन कितने साधु-संत और गृहस्थ रामलला के दर्शन कर सकते हैं।

इसके लिए वर्तमान में जारी दैनिक पास के आंकड़ों को आधार बनाया जा रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था का उद्देश्य स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए दर्शन को आसान बनाना है, लेकिन अंतिम निर्णय सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक आकलन के बाद ही होने की संभावना है।

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Alakha Singh is a Senior journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. At Livehindustan Alakha has worked on National, States and Utility beats (Career Beat in last 4 years mainly), Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma in Journalism from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

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