Ram Mandir News: राम मंदिर ट्रस्ट में बड़े बदलाव का सुझाव, SIT जांच के बीच स्वतंत्र CEO की उठी मांग

Ram Mandir News: अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में कथित अनियमितताओं और SIT जांच के बीच नृपेंद्र मिश्रा ने स्वतंत्र CEO नियुक्त करने का सुझाव दिया। जानिए ट्रस्ट प्रबंधन सुधार पर उनका पूरा बयान।

Harsh Sharma
Published on: 18 Jun 2026 4:28 PM IST (Updated on: 18 Jun 2026 4:44 PM IST)
Ram Mandir News: राम मंदिर ट्रस्ट में बड़े बदलाव का सुझाव, SIT जांच के बीच स्वतंत्र CEO की उठी मांग
X

Ram Mandir News: अयोध्या में स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को लेकर हाल ही में सामने आए कथित दान और चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोपों और चल रही एसआईटी जांच के बीच बड़ा बयान सामने आया है। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष और प्रधानमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा ने ट्रस्ट के कामकाज को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए एक अहम सुझाव दिया है।

ट्रस्ट में स्वतंत्र CEO नियुक्त करने का सुझाव

नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट के संचालन को बेहतर और पारदर्शी बनाने के लिए एक स्वतंत्र मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की जानी चाहिए। उनका सुझाव है कि इस पद पर किसी अनुभवी पूर्व IAS अधिकारी को जिम्मेदारी दी जाए, ताकि पूरे प्रबंधन को पेशेवर तरीके से संभाला जा सके।उन्होंने कहा कि अगर ऐसा किया जाता है तो मंदिर के संचालन में और अधिक अनुशासन और पारदर्शिता आएगी, जिससे श्रद्धालुओं का भरोसा मजबूत होगा।

पारदर्शिता और श्रद्धालुओं का भरोसा सबसे जरूरी

एक इंटरव्यू के दौरान नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थान नहीं है, बल्कि यह देश और दुनिया के करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। इसलिए इसके प्रबंधन में पारदर्शिता सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल में दान और चढ़ावे से जुड़ी जो भी खबरें सामने आई हैं, वे चिंताजनक हैं। ऐसे मामलों से श्रद्धालुओं के विश्वास पर असर पड़ सकता है, इसलिए प्रबंधन को और मजबूत करने की जरूरत है।

बड़ा प्रबंधन ढांचा, जिम्मेदारियां भी अधिक

मिश्रा ने बताया कि राम मंदिर परिसर लगभग 71 एकड़ में फैला हुआ है और यहां रोजाना करीब एक लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। इतने बड़े स्तर पर व्यवस्था संभालना किसी छोटे शहर या जिले के प्रशासन जैसा है। उन्होंने कहा कि भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा, दर्शन व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को संभालना एक बड़ी जिम्मेदारी है। इसलिए इसे पेशेवर तरीके से चलाना जरूरी है।

पहले से मौजूद समिति और नए बदलाव का सुझाव

उन्होंने यह भी बताया कि ट्रस्ट के नियमों में पहले से एक प्रबंधन समिति का प्रावधान है, जिसके अध्यक्ष महासचिव चंपत राय हैं। ऐसे में अगर एक स्वतंत्र CEO की नियुक्ति की जाती है, तो यह मौजूदा नियमों के खिलाफ नहीं होगा। उनका मानना है कि इस तरह की व्यवस्था से कामकाज और अधिक व्यवस्थित हो सकता है और भविष्य में किसी भी विवाद की संभावना कम हो जाएगी।

जांच और हालिया विवाद पर टिप्पणी

राम मंदिर से जुड़ी जमीन और दान को लेकर उठे विवादों की जांच एक विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही इसकी रिपोर्ट सामने आएगी। हालांकि नृपेंद्र मिश्रा ने साफ कहा कि वे जांच प्रक्रिया में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं करना चाहते, इसलिए इस मामले पर वे कोई सीधा सुझाव नहीं दे रहे हैं।

मंदिर को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रतीक बताया

उन्होंने कहा कि राम मंदिर केवल अयोध्या या उत्तर भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अब सनातन धर्म का एक वैश्विक प्रतीक बन चुका है। इसलिए इसका प्रबंधन भी अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार होना चाहिए। मिश्रा ने यह भी कहा कि जैसे वैष्णो देवी मंदिर पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है, उसी तरह राम मंदिर अब पूरी दुनिया के हिंदुओं के लिए आस्था का केंद्र बन चुका है।

बेहतर भविष्य की उम्मीद

अंत में उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार और ट्रस्ट मिलकर मंदिर के संचालन को और बेहतर बनाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और मंदिर की छवि पूरी तरह साफ और पारदर्शी बनी रहे।

Harsh Sharma
ABOUT THE AUTHOR

Harsh Sharma

Harsh Sharma is a Content Writer at Newstrack.com.

Next Story