संतों का सानिध्य भारत की संस्कृति का आधार, दिनेश शर्मा ने कहा जगत के कल्याण के लिए है राम नाम अमृत

मणिराम छावनी, अयोध्या में श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष, संत शिरोमणि गो संत सेवी परमार्थ पारायण महंत श्री नृत्य गोपालदास जी महाराज के 88वें जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि रहे दिनेश शर्मा

Newstrack Network
Published on: 19 Jun 2026 8:40 PM IST
Dinesh Sharma Ayodhya News (Social Media)
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Dinesh Sharma Ayodhya News (Social Media)

Dinesh Sharma Ayodhya: राज्यसभा सांसद और पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने कहा कि राम नाम का अमृत जगत के कल्याण के लिए है। भगवान राम से बड़ा उनका नाम है। सद्कर्म करना और संतों के सानिध्य में रहना ही भारत की संस्कृति का आधार हैं।

मणिराम छावनी, अयोध्या में श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष, संत शिरोमणि गो संत सेवी परमार्थ पारायण महंत श्री नृत्य गोपालदास जी महाराज के 88वें जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए डॉ शर्मा ने कहा अयोध्या धाम ऐसा पवित्र स्थल है जहाँ पर आकर परम आनद की अनुभूति होती है।


उन्होंने कहा कि जहाँ पर संत हैं वही बसंत है तथा वही पर दुख का अंत भी है। महाराज जी के नेतृत्व में राम मंदिर का निर्माण हुआ है , वे सत्तायु होकर स्वस्थ रहे तथा कृष्ण जन्मभूमि के निष्कंटक सर्वमान्य निर्माण के लिए भी नेतृत्व और मार्गदर्शन करें।


उन्होंने मणिराम छावनी, अयोध्या में श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष, संत शिरोमणि परमार्थ पारायण महंत श्री नृत्य गोपालदास जी महाराज के 88वें जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित 10 दिवसीय श्रीराम कथा का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के मुख्य आतिथ्य में पूज्य संतों के साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित होकर जन्मोत्सव का शुभारंभ कर कथा व्यास पूज्य संत स्वामी मिथिलेश नंदनी शरण जी महाराज के श्रीमुख से कथा का श्रवण किया।


नौ दिनों तक चलने वाले जन्मोत्सव समारोह में विगत कई वर्षों से डॉ शर्मा प्रथम दिन उत्सव की शुरुआत में मुख्य अतिथि के रूप में आते रहे हैं उन्होंने श्री राम जन्मभूमि आंदोलन के समय मणिराम छावनी तथा महंत स्वामी नृत्य गोपाल दास जी महाराज के नेतृत्व में संत महंतों के योगदन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें कई बर कार सेवकों के साथ मणिराम छावनी आना हुआ, हजारों लाखों लोग एक साथ सामूहिक भोजन करते थे और जय श्री राम के उद्घोष से पूरा अयोध्या और आसपास के जिले गूंजा करते थे।


आज भव्य राम मंदिर का निर्माण विश्व हिंदू परिषद द्वारा चलाए गए आंदोलन एवं उसमें संतों की सहभागिता के कारण संभव हो सका मोदी जी और योगी जी के अथक सहयोग से माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद यह दुर्लभ मंदिर निर्माण संभव हुआ है।


उन्होंने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा की राम अस्तित्व में नहीं है, रामसेतु बंध रामेश्वरम है ही नहीं, जय श्री राम बोलने पर कर सेवकों पर गोली वर्षा करवाने वाले, जिन्होंने कभी रामलला के दर्शन भी नहीं किए हैं ऐसे दलों द्वारा लगातार श्री राम जन्मभूमि मंदिर को बदनाम करने का षड्यंत्र किया जाता रहा है।


श्री राम जन्मभूमि मंदिर आंदोलन के संबंध में आज भी लोग कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की नकारात्मक भूमिका को भूल नहीं है डॉ शर्मा ने ऐसे लोगों को नकारात्मक प्रचार से बाज आने को कहा। उन्होंने कहा गंगा माता, गौ माता, धरती माता का त्रिकोण भारत माता है। और सनातन धर्म ही एक ऐसा रास्ता सुझाता है जिसमें सभी का सम्मान और संरक्षण का भाव सम्मिलित है।


इस अवसर पर मंत्री सूर्य प्रताप शाही, परम पूज्य महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज के उत्तराधिकारी पूज्य संत कमल नयन दास जी महाराज, पूज्य रामानुजाचार्य विद्ययाभास्कर, पूज्य संत राजकुमार दास जी अयोध्या, महंत मैथिलीशरण दस जी महाराज, नेपाल से पधारे जगतगुरू श्री कृष्णाचार्य जी महाराज, पूज्य श्री रामानंदाचार्य महाराज, पूज्य व्यास मिथलेश नंदनी शरण जी महाराज, महंत तुलसीदास जी, महंत महेंद्र दास जी महाराज, महंत विमल दास जी महाराज आदि उपस्थित रहे।



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