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Ram Mandir चढ़ावा चोरी के आरोपी लवकुश के मकान पर फिर फंसा पेंच, 9वीं सुनवाई में ADA ने लौटाई मानचित्र
Ayodhya News: प्राधिकरण की इस कार्रवाई के बाद फिलहाल निर्माणाधीन मकान का मानचित्र स्वीकृत नहीं हो सका है। जांच के दौरान पत्रावली में खामियां मिलने के बाद सुप्रिया को संशोधन के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है।
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Ayodhya News: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के आरोपी लवकुश मिश्र के निर्माणाधीन मकान को लेकर विवाद एक बार फिर सामने आया है। अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) की ओर से मकान के मानचित्र को लेकर चल रही कार्रवाई में नया मोड़ आया है। प्राधिकरण ने नौवीं सुनवाई के दौरान लवकुश मिश्र की पत्नी सुप्रिया मिश्रा को मानचित्र में मिली गड़बड़ियों को दुरुस्त करने का एक और मौका दिया है। इसके साथ ही मानचित्र से जुड़ी पत्रावली वापस कर दी गई है।
प्राधिकरण की इस कार्रवाई के बाद फिलहाल निर्माणाधीन मकान का मानचित्र स्वीकृत नहीं हो सका है। जांच के दौरान पत्रावली में खामियां मिलने के बाद सुप्रिया को संशोधन के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 सितंबर को निर्धारित की गई है।
नौवीं बार मिला मानचित्र दुरुस्त करने का मौका
लवकुश मिश्र के निर्माणाधीन मकान के मानचित्र को लेकर एडीए में काफी समय से प्रक्रिया चल रही है। इस मामले में प्राधिकरण ने सुप्रिया मिश्रा को पहली बार 3 जुलाई को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया था। हालांकि, वह उस सुनवाई में उपस्थित नहीं हुईं। इसके बाद प्राधिकरण की ओर से नोटिस जारी किया गया और 15 जुलाई को सुनवाई का अंतिम अवसर दिया गया। निर्माणाधीन मकान पर भी नोटिस चस्पा कराया गया था।
इसके बाद सुप्रिया मिश्रा प्राधिकरण कार्यालय पहुंचीं और अपना पक्ष रखने के लिए करीब एक महीने का समय मांगा। प्राधिकरण ने उन्हें मानचित्र से जुड़ी खामियों को दूर करने का अवसर दिया। अब नौवीं सुनवाई में एक बार फिर पत्रावली वापस करते हुए 15 दिन में जरूरी संशोधन करने को कहा गया है।
SIT जांच के दौरान सामने आया था मकान का मामला
राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच के दौरान लवकुश मिश्र के शहर में मकान निर्माण कराए जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद संबंधित इंजीनियरों ने निर्माणाधीन मकान की जांच की। जांच में कथित तौर पर सामने आया कि भवन का निर्माण विकास प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराए बिना किया जा रहा था।
जांच के अनुसार, निर्माण शुरू होने से पहले मानचित्र के लिए आवेदन तक नहीं किया गया था। ऐसे में प्राधिकरण की अनुमति के बिना निर्माण को लेकर कार्रवाई शुरू हुई। बताया गया है कि लवकुश मिश्र ने 16 अक्टूबर 2025 को यह जमीन अपनी पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम खरीदी थी।
ब्लू जोन में है निर्माणाधीन मकान
नियोजन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, बनबीरपुर में निर्माणाधीन यह मकान अयोध्या विकास प्राधिकरण के सेक्टर-1 के अंतर्गत आता है। महायोजना 2031 के भाग 'क' में इस क्षेत्र को ब्लू जोन के रूप में चिह्नित किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार इस क्षेत्र में आवासीय भवन का निर्माण प्रतिबंधित है। ऐसे में मानचित्र को लेकर प्राधिकरण की कार्रवाई और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। फिलहाल पत्रावली में मिली गड़बड़ियों को दूर करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है।
ADA सचिव राजेश मिश्र के अनुसार, मानचित्र की पत्रावली में गड़बड़ी मिलने के कारण उसे वापस किया गया है। अब अगली सुनवाई 23 सितंबर को होगी। इसके बाद ही स्पष्ट होगा कि मानचित्र में किए गए संशोधन प्राधिकरण के मानकों के अनुरूप हैं या नहीं और निर्माण को लेकर आगे क्या कार्रवाई होती है।


