TRENDING TAGS :
चंदा चोरी मामले के बाद राम मंदिर में बड़ा बदलाव! CA नरपत डुकिया बने संचालन-प्रबंधन के प्रमुख, अब CEO की बारी
Ram Mandir News: इससे पहले मंदिर निर्माण से जुड़े प्रोजेक्ट मैनेजर जगदीश शंकर आफले को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला सचिव बनाया गया था।
Ram Mandir News
Ram Mandir News: अयोध्या (Ayodhya) के राम मंदिर (Ram Temple) में चंदा चोरी मामले के बाद मंदिर से जुड़े प्रशासनिक और प्रबंधन (Temple Management) में बड़े स्तर पर बदलाव किए जा रहे हैं। इसी क्रम में अब सीए नरपत डुकिया (CA Narpat Duka) को राम मंदिर के संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पहले मंदिर निर्माण से जुड़े प्रोजेक्ट मैनेजर जगदीश शंकर आफले (Jagdish Shankar Afle) को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) का पहला सचिव बनाया गया था।
ट्रस्ट की ओर से 8 अगस्त 2026 को जारी पत्र में सीए नरपत डुकिया को मंदिर संचालन एवं प्रबंधन इकाई का प्रमुख बनाए जाने की जानकारी दी गई है। यह आदेश ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन (Dr Krishna Mohan) की ओर से जारी किया गया है। साथ ही आचार्य इंद्रदेव मिश्र (Acharya Indradev Mishra) को नरपत डुकिया का सहयोगी नियुक्त किया गया है।
नरपत डुकिया के पास होगी मंदिर प्रबंधन की बड़ी जिम्मेदारी
सीए नरपत डुकिया को ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन का करीबी माना जाता है। नई जिम्मेदारी के तहत डुकिया के पास मंदिर की समग्र प्रशासनिक व्यवस्था (Administrative Management) के समन्वय की जिम्मेदारी होगी। वह मंदिर से जुड़े अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल बनाए रखने के साथ व्यवस्थाओं की निगरानी भी करेंगे।
इसके अलावा ट्रस्ट की ओर से लिए गए फैसलों का प्रभावी तरीके से क्रियान्वयन (Implementation of Decisions) सुनिश्चित करना भी उनकी जिम्मेदारी होगी। यानी मंदिर के प्रशासनिक कामकाज को व्यवस्थित तरीके से चलाने और अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
इंद्रदेव मिश्र को भी मिली अतिरिक्त जिम्मेदारी
आचार्य इंद्रदेव मिश्र को सीए नरपत डुकिया का सहयोगी नियुक्त किया गया है। उनका यह कार्यकाल दिसंबर 2026 तक रहेगा। इंद्रदेव मिश्र अयोध्या स्थित राम वेद विद्यालय (Ram Ved Vidyalaya) के प्रधानाचार्य भी हैं। उन्हें यह जिम्मेदारी अतिरिक्त रूप से सौंपी गई है।
मंदिर की धार्मिक व्यवस्थाओं (Religious Management) के तहत नित्य पूजन, यज्ञ, वैदिक अनुष्ठान और धार्मिक समिति के निर्देश के अनुसार अलग-अलग उत्सवों और कार्यक्रमों के संचालन की जिम्मेदारी भी इनसे जुड़ेगी। इस तरह नई व्यवस्था में प्रशासनिक प्रबंधन और धार्मिक अनुष्ठानों की जिम्मेदारियां अलग-अलग तय की जा रही हैं।
चंदा चोरी मामले के बाद लगातार हो रहे बदलाव
राम मंदिर में चंदा चोरी (Donation Theft Case) का मामला सामने आने के बाद मंदिर के प्रबंधन में कई स्तर पर बदलाव किए जा रहे हैं। नई व्यवस्था के तहत प्रशासनिक कामकाज और धार्मिक व्यवस्थाओं को अलग-अलग जिम्मेदारियों में बांटने पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही मंदिर की धार्मिक व्यवस्थाओं और प्रशासनिक कामकाज के बीच बेहतर तालमेल बनाने की कोशिश की जा रही है।
पिछले महीने जगदीश शंकर आफले को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला सचिव बनाया गया था। अब सीए नरपत डुकिया को मंदिर संचालन एवं प्रबंधन इकाई की जिम्मेदारी दिए जाने के बाद ट्रस्ट की नई प्रशासनिक व्यवस्था और मजबूत होने की उम्मीद है।
आज होगा ट्रस्ट के सीईओ पद के लिए इंटरव्यू
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद के लिए चयन प्रक्रिया भी जारी है। इस पद के लिए आवेदन मंगाए जाने के बाद 5 हजार से अधिक लोगों ने आवेदन किया था। अब चयन प्रक्रिया के अगले चरण में शामिल डेढ़ दर्जन से ज्यादा उम्मीदवारों का आज इंटरव्यू (CEO Interview) लिया जाएगा।
ट्रस्ट ने इंटरव्यू को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं। राम मंदिर परिसर में होने वाली इस चयन प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा (Security) और गोपनीयता (Confidentiality) पर विशेष जोर दिया गया है। आफले को सचिव बनाए जाने के बाद अब सभी की नजर ट्रस्ट की कार्यकारिणी की ओर से सीईओ और प्रवक्ता (Spokesperson) की नियुक्ति पर है।
प्रवक्ता की नियुक्ति भी अंतिम दौर में
ट्रस्ट के प्रवक्ता की नियुक्ति प्रक्रिया भी अंतिम दौर में बताई जा रही है। जल्द ही इस पद पर नाम का ऐलान किया जा सकता है। इस तरह राम मंदिर प्रबंधन में एक के बाद एक महत्वपूर्ण नियुक्तियां की जा रही हैं। सीए नरपत डुकिया को संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी मिलने, सचिव पद पर जगदीश शंकर आफले की नियुक्ति और अब सीईओ पद के लिए इंटरव्यू की प्रक्रिया के बीच ट्रस्ट की नई प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर लगातार बदलाव देखने को मिल रहे हैं।


