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रामलला के खजाने का खुला कच्चा चिट्ठा, ट्रस्ट ने दिया चढ़ावे का पाई-पाई का हिसाब, अफवाहों पर लगा ब्रेक
Ram Mandir Donation Details: राम मंदिर ट्रस्ट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में चढ़ावे की पाई-पाई का हिसाब सार्वजनिक किया। ट्रस्ट ने आय-व्यय, बैंक खातों, बहुमूल्य भेंट और ऑडिट प्रक्रिया की जानकारी देते हुए अफवाहों पर जवाब दिया और लोगों से सबूत सीधे एसआईटी को सौंपने की अपील की।
Ram Mandir Donation Details: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चंदा चोरी के आरोपों और बड़े पदाधिकारियों के इस्तीफे के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सोमवार को एक बहुत बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। इस विशेष बैठक के बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने मीडिया के सामने आकर राम मंदिर के गुप्त खजाने का पूरा कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया। उन्होंने देश-दुनिया के करोड़ों रामभक्तों को भरोसा दिलाते हुए साफ किया कि भगवान रामलला के पावन दरबार की पाई-पाई का पूरा लेखा-जोखा पूरी तरह से पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित है। इसके साथ ही उन्होंने उन तमाम बहुमूल्य वस्तुओं की पूरी लिस्ट भी सार्वजनिक की, जिनके चोरी होने की झूठी अफवाहें सोशल मीडिया पर उड़ाई जा रही थीं।
कहां से आए 3,264 करोड़ और कहां हुए खर्च
ट्रस्ट द्वारा जारी की गई आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मंदिर के निर्माण और उसके संचालन पर हुए खर्च का पूरा वित्तीय ब्योरा इस प्रकार है। निधि समर्पण अभियान और कॉर्पस फंड के माध्यम से ट्रस्ट को अब तक कुल 3,264 करोड़ रुपये की एक बहुत बड़ी और रिकॉर्ड दान राशि प्राप्त हुई है। इस महाकोष में से अब तक पूरे 2,370 करोड़ रुपये मंदिर के भव्य निर्माण कार्य और अन्य जरूरी पूंजीगत खर्चों में पूरी तरह इस्तेमाल किए जा चुके हैं। इसके अलावा, जब से मंदिर का निर्माण शुरू हुआ है तब से लेकर 31 मार्च 2026 तक देश के आम श्रद्धालुओं द्वारा दानपात्रों में कुल 582 करोड़ रुपये का भारी चढ़ावा अर्पित किया गया है।
बैंक खातों में सुरक्षित हैं शेष राशि
कोषाध्यक्ष ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि दानपात्रों से मिले इस कुल चढ़ावे में से अब तक 391 करोड़ रुपये मंदिर के रोजमर्रा के संचालन और ऑपरेशनल खर्चों को पूरा करने में लगाए गए हैं। इसके बाद बची हुई जितनी भी शेष राशियां हैं, वे सभी ट्रस्ट के विभिन्न बैंक खातों के भीतर पूरी तरह से सुरक्षित रखी हुई हैं। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि नकद रुपयों के अलावा दुनिया भर के भक्तों ने रामलला के चरणों में कुल 2,926 बहुमूल्य वस्तुएं भी भेंट की हैं। ये सभी ऐतिहासिक और कीमती तोहफे तारीख और संपूर्ण विवरण के साथ ट्रस्ट के मुख्य रजिस्टर में दर्ज हैं, जिनका हर साल एक स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म द्वारा कड़ा ऑडिट किया जाता है।
चांदी को गलाकर बनाई गई छड़ें
चोरियों की अफवाहों पर पूरी तरह विराम लगाते हुए ट्रस्ट ने बताया कि दान में मिली चांदी की तमाम वस्तुओं को भारत सरकार की सरकारी टकसाल में सुरक्षित तरीके से गला कर उनकी पक्की छड़ें और सिल्लियां बना दी गई हैं। खास बात यह है कि इन गहनों को गलाने से पहले उनका वजन और बकायदा फोटो रिकॉर्ड में दर्ज किया गया था और टकसाल द्वारा शुद्धता का प्रमाण-पत्र भी ट्रस्ट को दिया गया है। ट्रस्ट ने भक्तों को खुला निमंत्रण दिया है कि वे कभी भी अयोध्या आकर अपनी भेंट का मिलान कर सकते हैं।
सबूत हैं तो सीधे एसआईटी को सौंपें
चढ़ावे की गिनती में हुई गंभीर अनियमितता को लेकर ट्रस्ट ने गहरी चिंता और दुख जताया है। इसी वजह से उत्तर प्रदेश सरकार ने ट्रस्ट के विशेष अनुरोध पर इस मामले की गहराई से जांच करने के लिए एक उच्च स्तरीय एसआईटी का गठन कर दिया है। इसी बड़े प्रकरण के चलते ही एक महामंत्री और एक न्यासी का इस्तीफा भी मंजूर किया गया है। अंत में स्वामी गोविंद देव गिरी ने कड़े लहजे में सभी से यह अपील की है कि अगर किसी के पास भी इस मामले से जुड़ा कोई ठोस सबूत है, तो उसे हवा में उड़ाने के बजाय सीधे एसआईटी जांच टीम को सौंपें ताकि दोषियों को जेल भेजा जा सके।


