'गायब नहीं हुए रामलला के गहने!' राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष का बड़ा धमाका, मीडिया के सामने रखा 5 करोड़ का सोना

Ram Mandir Trust Press Conference: राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक के बाद कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में 5 करोड़ रुपये की स्वर्ण रामचरितमानस और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं मीडिया के सामने पेश कर गायब होने के आरोपों को खारिज किया।

Harsh Srivastava
Published on: 6 July 2026 8:11 PM IST (Updated on: 6 July 2026 8:12 PM IST)
गायब नहीं हुए रामलला के गहने! राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष का बड़ा धमाका, मीडिया के सामने रखा 5 करोड़ का सोना
X

Ram Mandir Trust Press Conference: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे और करोड़ों रुपये की कीमती वस्तुओं के गायब होने के गंभीर आरोपों के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक बहुत ही महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हो गई है। यह हाई-प्रोफाइल बैठक लगभग 3 घंटे तक लगातार चली। इस बार सबसे खास बात यह रही कि मंदिर के इतिहास में पहली बार ट्रस्ट की यह आपातकालीन बैठक किसी बाहरी जगह के बजाय खुद राम मंदिर परिसर के भीतर ही आयोजित की गई थी। बैठक खत्म होने के तुरंत बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर इस पूरे विवाद पर देश के सामने अपना पक्ष रखा। उन्होंने बेहद साफ शब्दों में कहा कि रामलला को दान में मिली सभी बहुमूल्य वस्तुएं पूरी तरह से महफूज हैं और किसी भी सामान के गायब होने की अफवाहें पूरी तरह निराधार हैं।

मीडिया के सामने रखा 5 करोड़ का सोना

अपनी बात को सच साबित करने के लिए ट्रस्ट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन सभी बेशकीमती वस्तुओं को सार्वजनिक रूप से मीडिया के कैमरों के सामने प्रदर्शित किया, जिनके चोरी होने का दावा किया जा रहा था। इस दौरान 5 करोड़ रुपये की लागत वाली सोने की परत चढ़ी 'रामचरितमानस', भगवान राम के पावन चरण चिन्ह, उनका कीमती हार और काकभुशुंडि की मूर्ति को सबके सामने टेबल पर रखा गया। दरअसल, देश के एक पूर्व आईएएस अधिकारी एस. लक्ष्मीनारायणन ने सार्वजनिक रूप से यह सनसनीखेज आरोप लगाया था कि उनके परिवार ने अप्रैल 2024 में राम मंदिर को सोने की रामचरितमानस भेंट की थी, जिसे बाद में दर्शन से हटा दिया गया। पूर्व नौकरशाह का कहना था कि उन्होंने इस बारे में पूर्व महामंत्री चंपत राय से कई बार जवाब मांगा था, लेकिन उन्हें कोई सही जानकारी नहीं दी गई।

लापरवाही पर दो दिग्गजों की विदाई

इस पूरे विवाद और चंदा चोरी के मामले में हुई भारी प्रशासनिक लापरवाही को देखते हुए ट्रस्ट ने एक बहुत बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। बैठक के भीतर ही ट्रस्ट के मुख्य महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा का इस्तीफा तुरंत स्वीकार कर लिया गया। इन दोनों बड़े पदाधिकारियों की विदाई के बाद अब पूर्व आईएफएस अधिकारी कृष्ण मोहन को मंदिर का नया अंतरिम महामंत्री नियुक्त कर दिया गया है। शाम को करीब 6.30 बजे खत्म हुई इस ऐतिहासिक बैठक में ट्रस्ट के चेयरमैन महंत नृत्य गोपाल दास समेत कुल 9 में से 7 स्थाई सदस्य खुद मौजूद थे, लेकिन इस बैठक से चंपत राय और अनिल मिश्रा को पूरी तरह बाहर रखा गया।

22 जुलाई को होगा अगला बड़ा धमाका

स्वामी गोविंद देव गिरी ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि इस पूरे मामले की सच्चाई को सामने लाने के लिए एक विशेष जांच समिति का गठन भी कर दिया गया है। यह समिति चंदे से जुड़े सभी तथ्यों की गहराई से समीक्षा करेगी और अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। ट्रस्ट की अगली बड़ी बैठक अब आने वाली 22 जुलाई को बुलाई गई है। उस समय तक उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम यानी एसआईटी की विस्तृत और अंतिम रिपोर्ट भी ट्रस्ट के सामने पेश कर दी जाएगी। इस अंतिम रिपोर्ट को देखने के बाद ही दोषियों के खिलाफ आगे की बड़ी कानूनी कार्रवाई पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। इसके साथ ही 22 जुलाई की बैठक में कई नए प्रशासनिक अधिकारियों, नए पदाधिकारियों और कुछ नए न्यासियों की परमानेंट नियुक्ति पर भी अंतिम मुहर लगा दी जाएगी।

Harsh Srivastava
ABOUT THE AUTHOR

Harsh Srivastava

Content Writer Mail ID - harshsri764@gmail.comharshsri764@gmail.com

हर्ष श्रीवास्तव वाराणसी के रहने वाले पत्रकार और डिजिटल कंटेंट प्रोफेशनल हैं। वर्तमान में वे लखनऊ स्थित न्यूज़ट्रैक में डेस्क इंचार्ज के पद पर कार्यरत हैं। यहां वे कंटेंट प्लानिंग, एडिटोरियल कोऑर्डिनेशन, न्यूज़रूम संचालन के साथ-साथ रिसर्च आधारित एक्सप्लेनर, न्यूज़ फीचर और विश्लेषणात्मक लेख तैयार करते हैं। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है। उन्होंने वर्ष 2023 में पत्रकारिता की शुरुआत की और हिन्दुस्तान, टाइम्स इंटरनेट, इंडिया न्यूज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। वाराणसी, दिल्ली और लखनऊ में काम करने के दौरान उन्हें रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और डिजिटल पत्रकारिता का अनुभव प्राप्त हुआ। हर्ष की विशेष रुचि राजनीति, चुनाव, अपराध, सार्वजनिक नीति, सुशासन और समसामयिक विषयों पर शोध-आधारित पत्रकारिता में है। वे गहन रिसर्च, फैक्ट-चेकिंग और सरल भाषा के माध्यम से जटिल विषयों को पाठकों तक सटीक, विश्वसनीय और प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रयास करते हैं।

Next Story