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ऑपरेशन सिंदूर के योद्धा अब संभालेंगे राम मंदिर की कमान, एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा बने पहले CEO
Ayodhya Ram Mandir: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर का पहला पूर्णकालिक CEO नियुक्त किया। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वे पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख थे।
Jitendra Mishra
Ayodhya Ram Mandir: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर के प्रशासन को और अधिक व्यवस्थित एवं पेशेवर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मंदिर का पहला पूर्णकालिक CEO नियुक्त किया है। खास बात यह है कि मिश्रा भारतीय वायुसेना के बेहद अनुभवी अधिकारियों में रहे हैं और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख थे।
जितेंद्र मिश्रा ने 1 जनवरी 2025 को Western Air Command के Air Officer Commanding-in-Chief (AOC-in-C) का पद संभाला था। मई 2025 में जब ऑपरेशन सिंदूर हुआ, उस समय पश्चिमी मोर्चे की हवाई सुरक्षा और ऑपरेशनल गतिविधियों की जिम्मेदारी वाली इस महत्वपूर्ण कमान का नेतृत्व मिश्रा कर रहे थे। अप्रैल 2026 में वे वायुसेना से सेवानिवृत्त हुए।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनकी कमांड भूमिका को देखते हुए उन्हें Sarvottam Yudh Seva Medal (SYSM) से सम्मानित किया गया। जून 2026 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। उनके खाते में Ati Vishisht Seva Medal और Vishisht Seva Medal जैसे अन्य सैन्य सम्मान भी हैं।
चार दशक का सैन्य अनुभव
जितेंद्र मिश्रा को 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की फ्लाइंग ब्रांच के फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला था। करीब चार दशक लंबे करियर में उन्होंने फाइटर कॉम्बैट लीडर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट के तौर पर काम किया। उनके पास 3,000 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है और उन्होंने फाइटर, ट्रांसपोर्ट विमान तथा हेलीकॉप्टर समेत 18 से ज्यादा प्रकार के एयरक्राफ्ट उड़ाए हैं।
उनका नाम करगिल युद्ध के दौरान भी महत्वपूर्ण भूमिका से जुड़ा रहा। वह उस टीम का हिस्सा थे जिसने Mirage-2000 में लेजर-गाइडेड बमों की क्षमता को ऑपरेशनल बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। बाद में ऑपरेशन सफेद सागर के दौरान टाइगर हिल और मुनथो ढालो जैसे लक्ष्यों पर इन हथियारों का इस्तेमाल किया गया।
वायुसेना के अलावा मिश्रा ने Integrated Defence Staff में Deputy Chief—Operations तथा Doctrine, Organisation and Training से जुड़ी जिम्मेदारियां भी संभालीं। Aircraft and Systems Testing Establishment, 18 Wing और 15 Wing जैसी महत्वपूर्ण पोस्टिंग भी उनके करियर का हिस्सा रही हैं।
अब अयोध्या में नई जिम्मेदारी
अब सैन्य कमान और रणनीतिक प्रबंधन का यही लंबा अनुभव उन्हें राम मंदिर के प्रशासनिक ढांचे में इस्तेमाल करने की तैयारी है। ट्रस्ट ने पहली बार पूर्णकालिक CEO की नियुक्ति का फैसला किया है। इस पद के लिए देशभर से 5,000 से ज्यादा आवेदन आने की बात सामने आई थी। चयन प्रक्रिया में छंटनी और इंटरव्यू के बाद जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगी।
ट्रस्ट के निर्माण समिति अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र के मुताबिक CEO के सामने मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था, वित्तीय प्रबंधन और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसी अहम जिम्मेदारियां होंगी। CEO सीधे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अधीन काम करेंगे।
यानी जिस अधिकारी ने अपने करीब चार दशक के करियर में देश की सीमाओं की हवाई सुरक्षा और युद्धक अभियानों की कमान संभाली, अब वही अनुभव अयोध्या में राम मंदिर के विशाल प्रशासन और करोड़ों श्रद्धालुओं की व्यवस्था को संभालने में इस्तेमाल होगा।


