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जिसने पकड़ी राम मंदिर की चोरी, उसे ही मिली ट्रस्ट की कमान, जानिए कौन हैं रिटायर्ड IFS कृष्ण मोहन
Ram Mandir Trust Krishna Mohan: राम मंदिर ट्रस्ट ने रिटायर्ड IFS अधिकारी कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी है। जानिए उनका प्रशासनिक सफर, ट्रस्ट में भूमिका और चंदा चोरी मामले में उनकी अहम भूमिका।
Ram Mandir Trust Krishna Mohan: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चंदा चोरी को लेकर मचे देशव्यापी घमासान के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। सोमवार, 6 जुलाई 2026 को हुई ट्रस्ट की आपातकालीन और बेहद महत्वपूर्ण बैठक में सर्वसम्मति से रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी कृष्ण मोहन को मंदिर का नया अंतरिम महासचिव नियुक्त कर दिया गया है। आपको बता दें कि कृष्ण मोहन कोई साधारण व्यक्ति नहीं हैं, बल्कि ये वही जांबाज ट्रस्टी हैं जिन्होंने रामलला के दरबार में चढ़ावे और चंदे की गिनती में चल रही बहुत बड़ी हेराफेरी को रंगे हाथों पकड़ा था। उन्हीं की लिखित शिकायत और तहरीर के आधार पर पुलिस ने इस मामले में कड़क एफआईआर दर्ज की थी। अब चंपत राय के इस्तीफे के बाद ट्रस्ट ने इस ईमानदार पूर्व सरकारी अधिकारी को पूरे मंदिर प्रबंधन को सुधारने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी है।
कौन हैं रिटायर्ड IFS कृष्ण मोहन
कृष्ण मोहन का अतीत बेहद गौरवशाली और प्रशासनिक अनुभवों से भरा हुआ है। वह देश की सबसे प्रतिष्ठित नौकरियों में से एक भारतीय वन सेवा यानी आईएफएस के एक बेहद कड़क और ईमानदार अधिकारी रह चुके हैं। उन्हें इस सेवा के दौरान महाराष्ट्र कैडर का 1978 बैच मिला था। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के रहने वाले कृष्ण मोहन ने अपनी उच्च शिक्षा लखनऊ विश्वविद्यालय से पूरी की है। सरकारी नौकरी से सम्मानपूर्वक रिटायर होने के बाद वे समाज सेवा के कार्यों में जुट गए और राष्ट्रवाद की भावना के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद जैसी बड़ी संस्थाओं से सीधे जुड़ गए। राम मंदिर ट्रस्ट में वे देश के दलित समुदाय का एक बहुत बड़ा और मजबूत प्रतिनिधित्व करते हैं। सितंबर 2025 में जब ट्रस्ट के प्रमुख सदस्य कामेश्वर चौपाल का असमय निधन हो गया था, तब उनके स्थान पर कृष्ण मोहन को ट्रस्ट का नया सदस्य यानी ट्रस्टी नियुक्त किया गया था।
बलिदानों पर बने मंदिर की साख बचाएंगे
इस बेहद चुनौतीपूर्ण और कांटे भरे ताज को अपने सिर पर सजाते ही अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने अपराधियों को सीधी और खुली चेतावनी दे दी है। उन्होंने बेहद कड़े लहजे में कहा कि इस पूरे महापाप में जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उन्हें देश के कानून के तहत सबसे सख्त और न्यायोचित सजा दिलवाना ही हमारी सबसे पहली जिद होगी। इस बेहद शर्मनाक प्रकरण से दुनिया भर में फैले करोड़ों रामभक्तों के दिलों को बहुत गहरा कष्ट और ठेस पहुंची है। उन्होंने भावुक मन से याद दिलाया कि यह पवित्र राम मंदिर लाखों हिंदुओं के संघर्ष और अनगिनत महान बलिदानों की नींव पर खड़ा हुआ है, इसलिए इसकी पवित्रता के साथ किसी को भी खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
लूपहोल्स को बंद करना ही एकमात्र लक्ष्य
कृष्ण मोहन ने मीडिया से बातचीत में यह साफ तौर पर स्वीकार किया कि कहीं न कहीं मंदिर के प्रशासनिक संचालन और चंदे के पूरे प्रबंधन में कुछ बहुत बड़ी व्यावहारिक कमियां रह गई थीं, जिसका फायदा उठाकर इन शातिर चोरों ने इस पवित्र जगह को कलंकित किया। उन्होंने संकल्प लिया है कि उनका सबसे पहला और मुख्य प्रयत्न यही होगा कि व्यवस्था में जहां कहीं भी कोई लूपहोल या सुरक्षा में चूक बची हुई है, उसे पूरी तरह से हमेशा के लिए बंद कर दिया जाए। वह एक ऐसा कड़ा सुरक्षा चक्र तैयार करेंगे जिससे भविष्य के भीतर ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति दोबारा कभी न हो सके। इस चोरी की वजह से समाज के मन में जो एक अविश्वास का भाव जागा है और ट्रस्ट की छवि जो पूरी तरह से धूमिल हुई है, उसे वे अपने अथक प्रयासों से जनता के दिलों में दोबारा स्थापित करेंगे।


