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Azam Khan News: पैन कार्ड केस में आजम-अब्दुल्ला की बढ़ सकती है सजा, 23 मई को कोर्ट सुनाएगा बड़ा फैसला
Azam Khan News: रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में आजम खान और अब्दुल्ला आजम के पैन कार्ड मामले में सजा बढ़ाने पर सुनवाई पूरी हो गई। कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है, जो 23 मई 2026 को आ सकता है।
Azam Khan News: उत्तर प्रदेश के रामपुर में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता Azam Khan और उनके बेटे Abdullah Azam Khan से जुड़े चर्चित पैन कार्ड मामले में कानूनी प्रक्रिया एक अहम मोड़ पर पहुंच गई है। विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में सजा बढ़ाने की मांग को लेकर चल रही सुनवाई पूरी हो चुकी है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस मामले में 23 मई 2026 को कोर्ट अपना फैसला सुना सकती है।
सजा बढ़ाने की मांग पर हुई बहस
बुधवार को कोर्ट में राज्य सरकार और बचाव पक्ष के बीच लंबी कानूनी बहस हुई। सरकार की ओर से पेश हुए वकीलों ने अदालत से कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पहले दी गई सजा पर्याप्त नहीं है। उन्होंने अदालत में कई पुराने फैसलों और कानूनी उदाहरणों का हवाला देते हुए सजा बढ़ाने की मांग की। सरकारी पक्ष का कहना है कि इस मामले में दस्तावेजों से जुड़ी गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं, इसलिए कड़ी सजा जरूरी है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला अब्दुल्ला आजम खान के कथित तौर पर दो अलग-अलग पैन कार्ड बनवाने से जुड़ा है। आरोप है कि इन दस्तावेजों में जन्मतिथि को लेकर अलग-अलग जानकारी दी गई थी। इसी को लेकर साल 2019 में रामपुर के सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। जांच के बाद पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद मामले की सुनवाई कई वर्षों तक चली। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद 17 नवंबर 2023 को विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने आजम खान और उनके बेटे को दोषी मानते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई थी।
शासन की अपील के बाद फिर बढ़ी हलचल
मामले में सजा सुनाए जाने के बाद शासन की ओर से अदालत में सजा बढ़ाने की अपील दायर की गई थी। सरकार का मानना है कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए अधिक कड़ी सजा दी जानी चाहिए। अब इस अपील पर सुनवाई पूरी हो चुकी है और कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। ऐसे में 23 मई को आने वाला फैसला आजम परिवार के लिए काफी अहम माना जा रहा है।
राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज
इस मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में भी लगातार चर्चा हो रही है। समाजवादी पार्टी के समर्थक जहां इसे राजनीतिक दबाव से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं विपक्षी दल इसे कानून की सामान्य प्रक्रिया बता रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि कोर्ट का फैसला आने वाले समय में आजम खान और अब्दुल्ला आजम की राजनीतिक स्थिति पर भी असर डाल सकता है। फिलहाल दोनों पक्षों की नजरें अब 23 मई को आने वाले अदालत के फैसले पर टिकी हुई हैं


