Azam Khan News: आजम खान को कोर्ट से बड़ा झटका, 7 साल की सजा बढ़कर हुई 10 साल

Azam Khan News: दो पैन कार्ड मामले में समाजवादी पार्टी नेता Mohammad Azam Khan को बड़ा झटका लगा है। एमपी-एमएलए कोर्ट ने उनकी सजा 7 साल से बढ़ाकर 10 साल कर दी है। वहीं Abdullah Azam Khan की 7 साल की सजा बरकरार रखते हुए जुर्माना बढ़ाया गया है।

Harsh Sharma
Published on: 23 May 2026 3:47 PM IST
Azam Khan News: आजम खान को कोर्ट से बड़ा झटका, 7 साल की सजा बढ़कर हुई 10 साल
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Azam Khan News: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता Mohammad Azam Khan और उनके बेटे Abdullah Azam Khan की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। दो पैन कार्ड मामले में एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अभियोजन पक्ष की अपील पर सुनवाई करते हुए पहले दी गई सजा में बदलाव किया है। इस फैसले के बाद आजम खान की जेल की सजा बढ़ा दी गई है, जबकि अब्दुल्लाह आजम की जेल की सजा पहले जैसी ही रखी गई है।

पहले दोनों को मिली थी 7 साल की सजा

इस मामले में इससे पहले मजिस्ट्रेट कोर्ट ने आजम खान और अब्दुल्लाह आजम दोनों को दोषी मानते हुए सात-सात साल की कैद की सजा सुनाई थी। साथ ही दोनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। कोर्ट के फैसले के बाद अभियोजन पक्ष ने सजा को कम बताते हुए ऊपरी अदालत में अपील दायर की थी और सजा बढ़ाने की मांग की थी। अब एमपी-एमएलए सेशन Court ने इस अपील पर फैसला सुनाते हुए आजम खान की सजा में बढ़ोतरी कर दी है। कोर्ट ने उनकी सात साल की सजा बढ़ाकर 10 साल कर दी है। इसके साथ ही उन पर लगाया गया 50 हजार रुपये का जुर्माना भी बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है।

अब्दुल्लाह आजम की सजा में नहीं हुआ बदलाव

कोर्ट ने अब्दुल्लाह आजम खान की जेल की सजा में कोई बदलाव नहीं किया है। उन्हें पहले की तरह सात साल की सजा ही भुगतनी होगी। हालांकि कोर्ट ने उनके जुर्माने की रकम बढ़ा दी है। पहले उन पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था, जिसे अब बढ़ाकर साढ़े तीन लाख रुपये कर दिया गया है।

परिवार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा फैसला

कोर्ट के इस फैसले को आजम खान परिवार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में भी इस फैसले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि इस फैसले का असर आने वाले समय में उनकी राजनीति पर भी पड़ सकता है। फिलहाल दोनों नेताओं की तरफ से आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर कोई बड़ा बयान सामने नहीं आया है। लेकिन माना जा रहा है कि फैसले को चुनौती देने के लिए उच्च अदालत का दरवाजा खटखटाया जा सकता है।

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Harsh Sharma is a Content Writer at Newstrack.com.

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