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एचपीवी वायरस बना गर्भाशय ग्रीवा कैंसर का मुख्य कारण, जागरूकता कार्यक्रम में दी गई अहम जानकारी
Azamgarh News: एच पी वी एक सामान्य यौन संचारित संक्रमण है जो आमतौर पर कोई लक्षण नहीं दिखाता है और अपने आप ठीक भी हो जाता है, लेकिन यह गंभीर बीमारी लापरवाही से सवाईकल कैंसर गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर भी बन जाता है।
एचपीवी वायरस बना गर्भाशय ग्रीवा कैंसर का मुख्य कारण (photo: social media )
Azamgarh News: सवाईकल कैंसर गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओ का कैसर एचपी वी संक्रमण अधिकांश के कारण बनता है एच पी वी का पूरा नाम ह्यूमन पेपिलोमा वायरस है। यह 200 से ज्यादा ज्ञात वायरसो का एक समूह है जो आमतौर पर कोई गंभीर समस्या पैदा नहीं करता है लेकिन उच्च जोखिम वाले रूप में ही कैंसर का रूप ले सकते हैं। एच पी वी एक सामान्य यौन संचारित संक्रमण है जो आमतौर पर कोई लक्षण नहीं दिखाता है और अपने आप ठीक भी हो जाता है, लेकिन यह गंभीर बीमारी लापरवाही से सवाईकल कैंसर गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर भी बन जाता है।
महिला जागरूकता कार्यक्रम के दौरान यह बात स्त्री रोग विशेषज्ञ डा०सबा, प्रभारी अधिकारी डा० प्रज्ञामिश्र, डा० इन्द्रा राजेश, डा० प्रांजलि दत्त आदि द्वारा बताई गई। सवाईकल कैंसर गर्भाशय ग्रीवा (गर्भाशय का निचला पतला हिस्सा जो योनि से जुड़ता है) की कोशिकाओ का कैंसर मुख्य कारण हयूमन पैपिलोमा वायरस (एच पी वी) संक्रमण इससे बचाव के लिए एच पी वी रेस्ट करवाना सुरक्षित यौन सम्बन्ध बनाना और धूम्रपान छोड़ना महत्वपूर्ण के साथ ही लाइफ स्टाइल में भी परिवर्तन करना है।
निदान और उपचार से ठीक किया जा सकता है रोग
इनर व्हील क्लव की अध्यक्ष शिखाराज ने चन्दन अस्पताल के एक कार्यक्रम में अध्यक्षता करते हुये कहा कि असुरक्षित यौन सम्बन्ध से बचना चाहिये लाइफ स्टाल में परिवर्तन उचित जागरुकता बचाव गर्भाशय ग्रीवा कैंसर कारण लक्षण निदान और उपचार से इस रोग को ठीक किया जा सकता है। डा० सवा, डा० प्रज्ञा मिश्न ने बताया कि एच पी वी से मौत भी हो सकती है, मुख्य रूप से सवाईकल कैंसर और अन्य प्रकार के कैंसर जैसे लिंग, गुदा, मुख-ग्रसनी और योनि के कैंसर से जो कुछ एचपीवी प्रकारों के कारण हो सकते है। एच पी वी से होने वाली मौतों को रोकने के लिए महत्वपूर्ण जागरुकता बचाव एच पी वी टीकाकरण, नियमित स्क्रीनिंग (जैसे पैप टेस्ट) और सुरक्षित यौन संबध बनाए रखना महत्वपूर्ण है, साफ सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जाये। पी ए टी अर्चना अग्रवाल, मनीषा चोला, रोली बंसल ने भी अपने विचार व्यक्त किए, कहा मधुमेह, उच्च रक्त चाप पर भी ध्यान दें ।
कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण, महिलाओं में बढ़ता अन्धविश्वास, पाखण्डो को कैसे दूर किया जाये, शिक्षा पर्यावरण संरक्षण, मधुमेह, उच्च रक्तचाप आधुनिक लाइफस्टाइल पर भी चर्चा हुई । वृक्षों का वितरण भी किया गया, निः शुल्क चिकित्सा शिविर में महिलाओं ने अपना वी पी. शुगर लेबल भी चेक कराया। अस्पताल द्वारा आमजन को चन्दन केयर द्वारा प्रिविलेज कार्ड भी मुहैया कराये गये। इस मौके पर पूर्व उपनिदेशक सूचना प्रमोद कुमार, तेज पाल, डा0 कुसुम गौतम भी रहे।


