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Azamgarh news: 7.60 लाख की प्रतिभूति राशि हड़पने वाला आरोपी गिरफ्तार! आबकारी विभाग में मचा हड़कंप
Azamgarh news: गिरफ्तार अभियुक्त को उसके अपराध से अवगत कराते हुए नियमानुसार पुलिस हिरासत में लिया गया।
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Azamgarh news: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद आजमगढ़ के निर्देशन में अपराध एवं वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु चलाये जा रहे अभियान के क्रम में थाना सिधारी पुलिस द्वारा धोखाधड़ी एवं साजिश कर प्रतिभूति राशि हड़पने वाले वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर विधिक कार्यवाही की गयी।
बीते 21.05.2026 को वादी मुकदमा प्रभु नारायण सिंह प्रभारी आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-1 सदर आजमगढ़ द्वारा थाना सिधारी पर लिखित तहरीर दी गयी कि अभियुक्तगण राजेन्द्र सिंह एवं संजीत सिंह निवासीगण ग्राम नेवादा थाना कप्तानगंज जनपद आजमगढ़ द्वारा जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय में प्रतिभूति के रूप में जमा सावधि जमा संख्या 99203030003432 एवं 699203030003439 में निहित ₹7,60,000/- की धनराशि को कपटपूर्ण आशय से हड़पने हेतु सावधि जमा रसीदों की छायाप्रतियों का प्रयोग कर बैंक कर्मियों से मिलीभगत करते हुए उक्त धनराशि अपने खाते में स्थानांतरित करा ली गयी।
प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना सिधारी पर मु0अ0सं0 209/2026 धारा 318(4)/319(2)/316(5)/61(2) बीएनएस पंजीकृत किया गया, जिसकी विवेचना उ0नि0 मृत्युंजय सिंह द्वारा की जा रही है।
दिनांक 22.05.2026 को उ0नि0 मृत्युंजय सिंह मय हमराही कर्मचारीगण के क्षेत्र भ्रमण एवं अभियुक्त तलाश के दौरान मुखबिर खास से सूचना प्राप्त हुई कि मुकदमा उपरोक्त से संबंधित अभियुक्त भदुली अण्डरपास के पास मौजूद है और कहीं भागने की फिराक में है।
जानकारी मिलने पर पुलिस टीम द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर अभियुक्त संजीत सिंह पुत्र राजेन्द्र सिंह निवासी ग्राम नेवादा थाना कप्तानगंज जनपद आजमगढ़ उम्र करीब 40 वर्ष को समय करीब 09:45 बजे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्त को उसके अपराध से अवगत कराते हुए नियमानुसार पुलिस हिरासत में लिया गया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि उसके पिता राजेन्द्र सिंह के नाम से गुलामी का पुरा क्षेत्र में देशी शराब की दुकान का लाइसेंस आवंटित था, जो फरवरी 2026 में मानक के अनुसार शराब उठान न होने के कारण निरस्त हो गया था। इसके बाद उसने अपने पिता के साथ यूनियन बैंक शाखा कटघर जाकर एफडी की द्वितीय प्रति प्रस्तुत कर ₹7,60,000/- की धनराशि अपने खाते में ट्रांसफर करा ली। आरोपी द्वारा अपना जुर्म स्वीकार करते हुए गलती होना बताया गया।


