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कहां जाऊं...मेरी दुनिया उजड़ गयी..., पत्नी-दो बेटियों की हत्या से टूटे मुफ्ती ने छोड़ दिया गांव
Baghpat Triple Murder Case Update: मुफ्ती रविवार को कुछ रुपए लेकर गांव से बाहर गये थे। लेकिन सोमवार को वह कैंटर में घर का सारा सामान भरकर गांव से ही चले गये।
Baghpat Triple Murder Case
Baghpat Triple Murder Case Update: उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद में मस्जिद में ट्रिपल मर्डर केस ने सभी को झकझोंर कर रख दिया। मर्डर में नाबालिगों का हाथ सामने आया। वहीं अब पत्नी और दो बेटियों की हत्या किये जाने के बाद पूरी तरह से टूट चुके मुफ्ती इब्राहिम ने गांगनौली मस्जिद और गांव दोनों को ही छोड़ दिया है।
मुफ्ती रविवार को कुछ रुपए लेकर गांव से बाहर गये थे। लेकिन सोमवार को वह कैंटर में घर का सारा सामान भरकर गांव से ही चले गये। ग्रामीणों ने उन्हें रोकने की भरसक कोशिश की। लेकिन मुफ्ती रूके नहीं। बताया जा रहा है कि मुफ्ती इब्राहिम अपने पैतृक गांव शामली जिले के सुन्ना गांव में चले गये हैं। इसी कारण बीते दिनों मस्जिद का गेट बंद रहा।
मैं वापस गांव जा रहा हूंः मुफ्ती इब्राहिम
बीते सोमवार को रिश्तेदारों के साथ गांगनौली गांव की मस्जिद पहुंचे मुफ्ती इब्राहिम ने घर का सारा सामाना बांधा और कैंटर पर भर दिया। ग्रामीणों ने उन्हें रूकने के लिए कहा। तब मुफ्ती इब्राहिम ने कहा कि उन्हें अब यह नहीं समझ में आ रहा है कि कहां जाएं और क्या करें। पत्नी और दोनों बेटियों की हत्या के बाद उनकी दुनिया ही उजड़ गयी। वह अब यहां नहीं रहेंगे। अपने गांव वापस चले जायेंगे। मुफ्ती इब्राहिम के मस्जिद छोड़ कर चले जाने के बाद जिम्मेदारी कमेटी को दी गयी। नए मुफ्ती के आने तक मस्जिद की देखरेख कमेटी ही करेगी। तब तक एक शख्स को मस्जिद की सफाई की जिम्मेदारी सौंपी गयी है।
सांसद और रालोद विधायक ने दी सांत्वना
गांगनौली गांव में तिहरे हत्याकांड के बाद सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान, पूर्व विधायक वीरपाल राठी, जिला पंचायत सदस्य बसंत तोमर, कांग्रेस नेता राम हरि पंवार, देवेंद्र चौहान सहित कई नेताओं ने मुफ्ती इब्राहिम को ढांढ़स बंधाया।
ट्रिपल मर्डर से सहमा इलाका
शामली जनपद के सुन्ना गांव के मूल निवासी मुफ्ती इब्राहिम परिवार के साथ बागपत जनपद के गांगनौली की बड़ी मस्जिद के ऊपरी मंजिल में बने कमरे में बीते तीन साल से रह रहे हैं। मुफ्ती की पत्नी इसराना (30) आलिमा की पढ़ाई करके बच्चियों को दीनी तालीम देती थीं। शनिवार दोपहर जब छह बच्चियां दीनी तालीम के लिए मस्जिद पहुंची तो आवाज लगाने पर भी दरवाजा नहीं खुला।
वे सीढ़ी से चढ़कर छत पर पहुंची तो वहां इसराना और उसकी दो बेटियों सोफिया और सुमाइया के शव चारपाई पर पड़े दिखे। जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गयी। मौके पर पहुंची पुलिस को भीड़ ने शव उठाने से इनकार कर दिया और विरोध किया। एसपी से नोकझोंक हुई और एएसपी के वाहन को तोड़ने की भी कोशिश की गयी।
दोनों आरोपी लेते थे दीनी तालीम
पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय के मुताबिक हत्याकांड के दोनों आरोपी मस्जिद में दीनी तालीम लेने के लिए आते थे। इब्राहिम डांटने के साथ ही उनकी पिटाई भी कर देते थे। इससे नाराज होकर आरोपियों ने परिवार को मारने की साजिश रच डाली। उन्हें पता चला कि इब्राहिम किसी काम से देवबंद गए हैं तभी दोनों मस्जिद पहुंच गये। मस्जिद के काम करने के लिए रखी बसूली से पहले इसराना पर वार किए और फिर बच्चियों पर वार मार दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आला कत्ल बसूली और चाकू बरामद कर लिया है। बताया जा रहा है कि मुफ्ती इब्राहिम की पत्नी इसराना पांच महीने की गर्भवती थी।


