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Baghpat News: डबल मर्डर के बाद समाज में उठी अपराध के खिलाफ आवाज, दिखाई एकजुटता
Baghpat News: बागपत के बड़ौत में व्यापारी सोहनलाल अग्रवाल और उनके पुत्र की हत्या के बाद हुई श्रद्धांजलि सभा में अपराध के खिलाफ समाज की एकजुटता देखने को मिली। सभा में पीड़ित परिवार को न्याय और सख्त कार्रवाई की मांग उठी।
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Baghpat News: बड़ौत के टेंट व्यापारी सोहनलाल अग्रवाल और उनके पुत्र विकास अग्रवाल की हत्या के बाद बड़ौत के ऋषभदेव सभागार में आयोजित श्रद्धांजलि सभा केवल एक शोक सभा नहीं रही, बल्कि यह अपराध और गुंडागर्दी के खिलाफ समाज की एकजुटता और चेतावनी का मंच बन गई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों से पहुंचे हजारों लोगों ने जहां दिवंगत पिता-पुत्र को श्रद्धांजलि दी, वहीं मंच से अपराधियों और सोशल मीडिया पर माहौल बिगाड़ने वाले लोगों को खुली चुनौती भी दी गई।
जैन कॉन्फ्रेंस के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. अमित राय जैन ने मंच से अपने संबोधन में कहा कि बड़ौत के व्यापारियों का इतिहास बदमाशों के सामने झुकने का नहीं, बल्कि उनका सिर कुचलने का रहा है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर एक विशेष बिरादरी के खिलाफ लगातार भड़काऊ और आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा रही हैं। ऐसे लोगों को खुली चेतावनी है कि यदि उनमें हिम्मत है तो वे दिन, समय और स्थान तय कर बड़ौत में प्रवेश करके दिखाएं। यहां से सकुशल लौटना आसान नहीं होगा; वे लोग यहां से जीवित लौटकर दिखाएं। उन्होंने कहा कि बड़ौत का समाज किसी से कमजोर नहीं है। यह नगर सामाजिक एकता, व्यापारिक ताकत और नेतृत्व क्षमता के लिए पूरे प्रदेश में अपनी अलग पहचान रखता है। अपराधियों और समाज को बांटने की कोशिश करने वालों को यह समझ लेना चाहिए कि बड़ौत का सर्वसमाज एकजुट होकर जवाब देना जानता है।
हर महीने हथियार साफ करें, फायरिंग का अभ्यास करें
सभा में सबसे अधिक चर्चा डॉ. अमित राय जैन के उस बयान की रही, जिसमें उन्होंने व्यापारियों और नागरिकों से आत्मरक्षा के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन ने बड़ी संख्या में शस्त्र लाइसेंस जारी किए हैं और आज बड़ौत नगर में लगभग एक हजार लाइसेंसी हथियार मौजूद हैं। उन्होंने लोगों से कहा कि अपने लाइसेंसी हथियारों को घरों में बंद रखकर न भूलें। उन्हें केवल चुनाव के समय थानों में जमा न करें, बल्कि समय-समय पर उनकी सफाई करें और वैधानिक नियमों के तहत फायरिंग का अभ्यास भी करें। उन्होंने युवाओं को भी लाइसेंस लेने के लिए प्रेरित करने की बात कही और कहा कि प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक को आत्मरक्षा के लिए तैयार रहना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पारंपरिक सुरक्षा साधन, जैसे लाठी, डंडे, बल्लम और अन्य वैध उपकरण भी घरों और प्रतिष्ठानों पर उपलब्ध रहने चाहिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में समाज अपनी रक्षा कर सके।
मुख्यमंत्री से होगी मुलाकात, रखी जाएंगी कई मांगें
सभा में निर्णय लिया गया कि एक प्रतिनिधिमंडल जल्द मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ जाकर मुलाकात करेगा। ज्ञापन के माध्यम से मृतक सोहनलाल अग्रवाल और विकास अग्रवाल के परिवार को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, मृतक विकास की पत्नी नेहा को सरकारी नौकरी, पूरे परिवार को आजीवन सुरक्षा, तथा बड़ौत कोतवाली में विशेष शिविर लगाकर व्यापारियों के लिए प्राथमिकता के आधार पर शस्त्र लाइसेंस बनाने की मांग रखी जाएगी। इसके अलावा, घटना के बाद आत्मरक्षा के दौरान नामजद हुए व्यापारियों पर दर्ज मुकदमों की समीक्षा कर उन्हें समाप्त करने की मांग भी उठाई जाएगी।
पश्चिम यूपी के बड़ौत में उमड़ा सर्वसमाज
बड़ौत के ऋषभदेव सभागार में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, मेरठ, गाजियाबाद, दिल्ली सहित कई जिलों से लोग पहुंचे थे। सभा में डॉ. अमित राय जैन, बिट्टू गर्ग, धनेंद्र जैन (मेरठ), धनकुमार जैन, इरफान मलिक, अभिमन्यु गुप्ता, दीपक शर्मा, घसिट्टूमल जैन, चौधरी साहब सिंह, धनेंद्र जैन (बड़ौत), राजीव जैन, श्रीपाल जैन, आकाश बंसल, अतुल जैन, अनिल कश्यप, विनोद जैन एडवोकेट, पूर्व विधायक लोकेश दीक्षित, अमित चिकारा, राकेश जैन सभासद, योगेश जिंदल, घनश्याम शर्मा, अनिल कुमार गुप्ता (एडवोकेट सुप्रीम कोर्ट), अश्वनी तोमर चेयरमैन, कुलदीप उज्ज्वल, मुकेश जैन, बीजेपी जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा, जिलाध्यक्ष सुभाष गुज्जर (राष्ट्रीय लोकदल), ब्राह्मण समाज के 84 खाप मुखिया सुभाष शर्मा सहित बड़ी संख्या में सामाजिक, व्यापारिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। श्रद्धांजलि सभा में एक स्वर में कहा गया कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलने और अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होने तक समाज की लड़ाई जारी रहेगी।
बता दें कि जुलाई 2015 में बड़ौत के दिल्ली बस स्टैंड स्थित न्यू आर्य टेंट हाउस पर कोल्ड ड्रिंक और नमकीन को लेकर हुए मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया था। इस मामले में 11 साल बाद, 9 जून 2026 को पिता-पुत्र पर हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी ने अपने साथियों के साथ व्यापारी की दुकान में घुसकर हमला किया और अंधाधुंध फायरिंग की। फायरिंग में पिता-पुत्र दोनों की हत्या हो गई थी। इस मामले में हत्या करने आए हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी को भी भीड़ ने घेरकर मौके पर ही मार दिया था।


