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Baghpat News: गोरखनाथ आश्रम से सियासी संदेश की तैयारी, बागपत में योगी के दौरे को लेकर हाई अलर्ट
Baghpat News: बागपत के गोरखनाथ आश्रम में 11 मई को योगी आदित्यनाथ के संभावित दौरे से पहले प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा से लेकर राजनीतिक संदेश तक पर नजरें टिकीं।
गोरखनाथ आश्रम से सियासी संदेश की तैयारी, बागपत में योगी के दौरे को लेकर हाई अलर्ट (Photo- Newstrack)
Baghpat News: पश्चिमी यूपी के जिला बागपत का मोजीजाबाद नांगल गॉव इन दिनों सिर्फ एक धार्मिक आयोजन का केंद्र नहीं, बल्कि प्रशासनिक सक्रियता और राजनीतिक संकेतों का भी अहम मंच बनता दिख रहा है। 11 मई को योगी आदित्यनाथ के संभावित दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी अस्मिता लाल खुद मोर्चा संभाले हुए हैं, जबकि पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने सुरक्षा का ऐसा चक्रव्यूह तैयार किया है जिसमें किसी भी स्तर पर चूक की गुंजाइश न रहे।
दौरे के कई राजनीतिक मायने
श्री शिव गोरखनाथ आश्रम (खोखरा) में नवनाथ मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा और अष्टमान भंडारे का आयोजन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, लेकिन इस दौरे के कई राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल के दौरे के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में यह मुख्यमंत्री की दूसरी बड़ी जनसभा मानी जा रही है—इससे पहले वह सहारनपुर में जनसभा कर चुके हैं। ऐसे में बागपत से उनका संदेश क्षेत्रीय और व्यापक दोनों स्तरों पर अहम होगा।
प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं। मेरठ मंडल आयुक्त भानुचंद्र गोस्वामी और डीआईजी कलानिधि नैथानी ने खुद मौके पर पहुंचकर सुरक्षा और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। आश्रम परिसर, सभा स्थल, पूजा स्थल से लेकर प्रस्तावित हेलीपैड तक हर बिंदु को संवेदनशील मानते हुए सुरक्षा की बहुस्तरीय रणनीति लागू की जा रही है। खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हैं और स्थानीय स्तर पर सत्यापन अभियान तेज कर दिया गया है। श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रवेश और निकास मार्गों को व्यवस्थित किया जा रहा है, जबकि आसपास के इलाकों में साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण का काम तेजी से चल रहा है।
अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी करेंगे
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेने के साथ ही स्थानीय विकास से जुड़ी घोषणाएं कर सकते हैं। माना जा रहा है कि वह अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी करेंगे, जिसमें कानून-व्यवस्था, विकास योजनाओं और क्षेत्रीय प्राथमिकताओं पर चर्चा होगी। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि गोरखनाथ आश्रम से मुख्यमंत्री क्या संदेश देते हैं—सिर्फ आस्था का, या फिर आने वाले समय की राजनीतिक दिशा का भी।


