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CJP Protest: सोनम वांगचुक के समर्थन में अकेले सड़क पर उतरे जूनियर डॉक्टर, कॉलेज प्रशासन ने कर दिया सस्पेंड!
CJP Protest: बहराइच के महाराजा सुहेल देव गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज के एक जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में अकेले मार्च निकालने के आरोप में निलंबित कर दिया गया।
Bahraich News
CJP Protest: उत्तर प्रदेश के बहराइच (Bahraich) जिले से एक बेहद चर्चित और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ अपनी जिम्मेदारी और सामाजिक सरोकारों के बीच खड़े एक डॉक्टर के कदम उठाने पर प्रशासनिक कार्रवाई की गाज गिर गई है। बहराइच (Bahraich) शहर में स्थित महाराजा सुहेल देव गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (Maharaja Suhel Dev Government Medical College) में कार्यरत एक जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर (junior resident doctor) को रविवार को अचानक सस्पेंड (suspended) कर दिया गया। उन पर आरोप है कि उन्होंने दो दिन पहले शहर की सड़कों पर उतरकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (social activist Sonam Wangchuk) के समर्थन में अकेले ही मार्च (solo march) निकाला था।
अकेले मार्च निकालने पर बढ़ीं मुश्किलें और शुरू हुआ विवाद
अस्पताल परिसर से निकलकर शहर की आम सड़कों तक पहुँचे इस मामले ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। यह पूरी घटना शुक्रवार को घटी थी, जब महाराष्ट्र के अमरावती (Amravati, Maharashtra) के मूल निवासी और मेडिकल कॉलेज में जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर के तौर पर कार्यरत डॉ. रूपक इखे (Dr Rupak Ikhe) ने सामाजिक सरोकार जताते हुए बहराइच (Bahraich) की सड़कों पर अकेले ही एक मार्च (lone march) आयोजित किया था। उनके इस कदम के बाद कॉलेज प्रशासन और स्थानीय महकमे में हलचल मच गई, जिसके परिणामस्वरूप रविवार को उनके खिलाफ निलंबन की सख्त कार्रवाई अमल में लाई गई।
पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित
डॉक्टर के इस तरह से अकेले सड़क पर उतरने और सामाजिक कार्यकर्ता के समर्थन में अपनी आवाज उठाने के रुख को मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मेडिकल कॉलेज के प्रशासन (administration of the medical college) ने त्वरित कदम उठाए हैं। प्रशासन ने इस पूरे घटनाक्रम और इसके पीछे के कारणों की गहराई से पड़ताल करने के लिए एक तीन सदस्यीय जांच समिति (three-member inquiry committee) का भी गठन कर दिया है। यह समिति अब इस पूरी घटना और डॉक्टर द्वारा उठाए गए कदमों की जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके बाद ही आगे की स्थिति पूरी तरह से साफ हो पाएगी।


