Cash Haul in Ballia Chhapra Express: स्लीपर कोच में मिला नोटों का जखीरा, पहुंची Income Tax की टीम

Cash Haul in Ballia Chhapra Express: बलिया-छपरा एक्सप्रेस में जीआरपी की चेकिंग के दौरान एक युवक के पास से 36.25 लाख रुपये से भरा बैग बरामद हुआ। नकदी से जुड़े वैध दस्तावेज न मिलने पर आयकर विभाग ने जांच शुरू कर दी है। मामला टैक्स चोरी और काले धन से जुड़ा हो सकता है।

Aditya Kumar Verma
Published on: 12 Jun 2026 9:14 AM IST
Cash Haul in Ballia Chhapra Express
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Image Source- GRP Ballia

Cash Haul in Ballia Chhapra Express: उत्तर प्रदेश के बलिया में जीआरपी को नियमित चेकिंग अभियान के दौरान बड़ी सफलता हाथ लगी है। यहां गोमती नगर से छपरा जा रही ट्रेन संख्या 15054 बलिया-छपरा एक्सप्रेस में जांच के दौरान एक यात्री के पास से नोटों से भरा बैग बरामद किया गया। बैग में रखी गई भारी नकदी को लेकर जब पुलिस ने पूछताछ की तो यात्री कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद मामले की सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई और जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

संदिग्ध गतिविधियों ने खींचा ध्यान

वहीं जीआरपी प्रभारी राजकपूर सिंह ने न्यूजट्रैक से बातचीत में बताया कि, थाने के सिपाही संदीप कुमार और रामजन्म राजभर ट्रेन में नियमित चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान स्लीपर कोच में यात्रा कर रहे एक व्यक्ति की गतिविधियां पुलिस को संदिग्ध लगीं। संदेह होने पर उसकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसके पास मौजूद बैग को जब खोला गया तो पुलिस भी हैरान रह गई क्योंकि पूरा बैग नोटों से भरा हुआ था।

इसके बाद आरोपी संचित अग्रवाल को नकदी के बारे में पूछताछ की गई और उसे ट्रेन से उतारकर हिरासत में ले लिया गया। नोटों से भरे बैग के साथ उसे जीआरपी थाने लाया गया, जहां बरामद धनराशि की गिनती कराई गई।

गिनती में निकले 36.25 लाख रुपये

वहीं जीआरपी थाने में हुई गिनती के दौरान बैग से कुल 36 लाख 25 हजार रुपये बरामद हुए। पुलिस ने जब इस धनराशि के संबंध में जानकारी मांगी तो युवक कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। वह नकदी से जुड़े किसी प्रकार के वैध दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं कर पाया।

पूछताछ में उसकी पहचान गाजीपुर जनपद के नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित रजदेपुर पुलिस चौकी अंतर्गत नवाब साहब का फाटक निवासी संचित अग्रवाल पुत्र संतोष अग्रवाल के रूप में हुई।

आभूषण कारोबारी होने का दावा

वहीं पूछताछ के दौरान संचित अग्रवाल ने बताया कि वह गाजीपुर में सन बाजार में बालाजी इंटरप्राइजेज नाम से आभूषण की दुकान संचालित करता है। उसका कहना था कि वह यह धनराशि छपरा कचहरी स्टेशन के पास स्थित अमन जायसवाल की आभूषण दुकान पर देने के लिए लेकर जा रहा था।

हालांकि वह अपने इस दावे के समर्थन में कोई वैध दस्तावेज या ऐसा कोई प्रमाण नहीं दिखा सका जिससे नकदी के स्रोत और उसके उपयोग की पुष्टि हो सके। इसी वजह से मामला और गंभीर हो गया तथा अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई।

वाराणसी से पहुंची आयकर विभाग की टीम

वहीं इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने इसकी सूचना आयकर विभाग को दी। सूचना मिलने के बाद वाराणसी से आयकर विभाग की जांच इकाई की टीम बलिया पहुंची और मामले की जांच अपने हाथ में ले ली।

आयकर विभाग अब बरामद धनराशि के स्रोत, उसके वास्तविक उपयोग और उससे जुड़े सभी वित्तीय पहलुओं की जांच कर रहा है। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी नकदी कहां से आई और इसे किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था।

टैक्स चोरी के एंगल से भी जांच

अधिकारियों के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला टैक्स चोरी से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है। बताया जा रहा है कि इन दिनों सोने और चांदी के दामों में लगातार उतार-चढ़ाव और ऊंची कीमतों के कारण बड़े स्तर पर नकद लेनदेन हो रहे हैं। ऐसे मामलों में कर चोरी की आशंका भी बनी रहती है।

अधिकारियों का मानना है कि बरामद की गई धनराशि काला धन भी हो सकती है। इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए आयकर विभाग पूरे मामले की गहन जांच कर रहा है। फिलहाल नकदी के स्रोत और उसके उद्देश्य को लेकर जांच जारी है तथा संबंधित एजेंसियां सभी पहलुओं की पड़ताल में जुटी हुई हैं।

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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