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Balrampur News: नौकरी के नाम पर ठगी, आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार
Balrampur News: पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से सेन्चुरी इंडस्ट्रीज नामक फर्म की चार मुहरें भी बरामद की हैं। यह कार्रवाई थाना तुलसीपुर पुलिस टीम ने की।
नौकरी के नाम पर ठगी, आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार (photo: social media )
Balrampur News: बलरामपुर पुलिस ने नौकरी दिलाने और रेलवे व एयरपोर्ट में टेंडर दिलाने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से सेन्चुरी इंडस्ट्रीज नामक फर्म की चार मुहरें भी बरामद की हैं। यह कार्रवाई थाना तुलसीपुर पुलिस टीम ने की।
मामला 20 अगस्त 2025 का है, जब ग्राम जरवा रोड, तुलसीपुर निवासी मोहम्मद हकीम ने थाने में तहरीर दी थी कि कुछ लोगों ने फर्म बनाकर रेलवे और एयरपोर्ट में टेंडर दिलाने की बात कही और नौकरी लगवाने के नाम पर उनसे व अन्य ग्रामीणों से लगभग 56 लाख रुपये वसूले। रकम बैंक खाते में जमा कराने और नकद लेने के बाद भी न तो नौकरी मिली और न ही पैसा वापस किया गया। शिकायत के आधार पर थाना तुलसीपुर में मुकदमा अपराध संख्या 186/25 धारा 406, 419, 420 भादवि पंजीकृत किया गया।
तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने इस गंभीर प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। उनके आदेश पर अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पांडेय व क्षेत्राधिकारी तुलसीपुर बृजनंदन राय के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। लगातार तलाश के बाद गुरुवार को पुलिस ने नथुनिया मोड़ के पास से वांछित अभियुक्त मनीष कुमार ओझा पुत्र वीरेन्द्र प्रसाद ओझा, निवासी खिरिया मनकौरा काशीराम, थाना तुलसीपुर को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद जब अभियुक्त से पूछताछ की गई तो उसने चौंकाने वाले खुलासे किए। मनीष ने बताया कि उसने अपनी पत्नी, रिश्तेदारों और उनकी पत्नियों के साथ मिलकर मील चुंगी नाका पर किराए के मकान में सेन्चुरी इंटरप्राइजेज नाम से कार्यालय खोला था। फर्म अपनी पत्नी के नाम से पंजीकृत कराई थी। इसके बाद क्षेत्र के भोले-भाले लोगों को रेलवे और एयरपोर्ट टेंडर में पैसे लगाने तथा चार महीने में रकम दोगुनी करने का लालच दिया गया। इस बहाने लाखों रुपये इकट्ठे कर लिए गए। उसने स्वीकार किया कि एकत्रित धनराशि आपस में बांटकर खर्च कर दी गई। जैसे ही ग्रामीणों ने पैसा वापस मांगना शुरू किया, वह कार्यालय बंद कर फरार हो गया और फर्म से जुड़े दस्तावेज भी नष्ट कर दिए।पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से फर्म की चार नकली मुहरें बरामद कर उसे न्यायालय में पेश किया। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भी तलाश की जा रही है।


