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Balrampur News: अवैध क्लीनिक पर बड़ा एक्शन, हेल्थ केयर सेंटर सील कर मचा हड़कंप
Balrampur News: जिले में अवैध क्लीनिकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई जारी है। MS Health Care Center पर छापेमारी के दौरान अनियमितताएं मिलने पर क्लीनिक को सील कर दिया गया।
Balrampur News: जिले में अवैध रूप से चल रहे क्लीनिकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। इसी अभियान के तहत शुक्रवार को MS Health Care Center पर औचक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद क्लीनिक को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
औचक निरीक्षण में सामने आई अनियमितताएं
यह कार्रवाई मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर की गई। क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत गठित जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर क्लीनिक की पूरी व्यवस्था की जांच की। निरीक्षण के दौरान डॉक्टर वाहिद अली मरीजों का इलाज करते हुए पाए गए। टीम ने क्लीनिक के दस्तावेज, लाइसेंस और अन्य संचालन संबंधी कागजातों की जांच की। जांच में कई कमियां और नियमों का उल्लंघन पाया गया, जिसके बाद टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए क्लीनिक को बंद कर दिया।
जनहित में तुरंत लिया गया फैसला
स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि यह कार्रवाई जनहित को ध्यान में रखते हुए की गई है। बिना मानक और नियमों का पालन किए चल रहे ऐसे संस्थान मरीजों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकते हैं। इसी कारण विभाग ने मौके पर ही क्लीनिक को सील करने का निर्णय लिया।
जांच टीम में शामिल अधिकारी
इस निरीक्षण टीम में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय भान, चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकल्प मिश्रा और स्टाफ सदस्य दिनेश त्रिपाठी शामिल रहे। टीम ने पूरी प्रक्रिया को नियमों के अनुसार पूरा किया और विस्तृत रिपोर्ट तैयार की।
अवैध क्लीनिकों पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी Dr. Santosh Kumar Srivastava ने बताया कि जिले में बिना पंजीकरण और नियमों का पालन किए चल रहे क्लीनिक, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी और अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही या अवैध संचालन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
लोगों से की गई अपील
स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे केवल पंजीकृत और मान्यता प्राप्त चिकित्सा संस्थानों में ही इलाज कराएं। किसी भी अवैध क्लीनिक में उपचार कराना स्वास्थ्य के लिए खतरा हो सकता है। विभाग ने यह भी बताया कि सरकारी अस्पतालों में कई स्वास्थ्य सेवाएं मुफ्त उपलब्ध हैं। इनमें आयुष्मान कार्ड से इलाज, टीबी उपचार, बीपी-शुगर जांच, टीकाकरण, जच्चा-बच्चा देखभाल, एनसीडी स्क्रीनिंग और 24 घंटे इमरजेंसी सेवाएं शामिल हैं।


