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Banda Becomes India’s Hottest City: यूपी का ये छोटा जिला बना दुनिया का ‘तंदूर’! तापमान पहुंचा 48.2°C के पार, दुनिया के वैज्ञानिक हैरान
Banda Becomes India’s Hottest City: इन दिनों यूपी के एक छोटे से जिले बांदा ने दुनिया भर की चिंता बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विभाग ने बांदा का आज बुधवार को तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया है, जो देश का अब तक सबसे गर्म शहर बन चुका है।
Banda Becomes India’s Hottest City
Banda Becomes India’s Hottest City: इन दिनों पूरे देश में भीषण गर्मी का कहर जारी है। लेकिन इन सब के बीच मौसम के हाल को लेकर बेहद हैरान कर देने वाली खबर सामने आयी है। इस वक्त उत्तर प्रदेश का बांदा शहर पूरी दुनिया के मौसम वैज्ञानिकों के बीच सबसे ज़्यादा चर्चा का केंद्र बन गया है। बुंदेलखंड का यह छोटा सा जिला तेजी से रिकॉर्ड तोड़ गर्मी झेल रहा है। भारतीय मौसम विभाग (India Meteorological Department) के अनुसार, आज बुधवार को बांदा का अधिकतम तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो देश में सबसे अधिकतम रहा। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान ने वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है।
बीते एक महीने के अंदर बांदा तीन बार एशिया और विश्व के सबसे गर्म शहरों की लिस्ट में शामिल हो चुका है। मई और अप्रैल में यहां दर्ज हुए तापमान ने कई पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल साधारण हीटवेव (heatwave) नहीं, बल्कि जलवायु परिवर्तन और मानवीय गतिविधियों का खतरनाक संकेत है।
Banda Temperature- 75 साल का रिकॉर्ड टूटा
IMD के मुताबिक, सोमवार को बांदा में 47.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था, जो मई महीने में बीते 75 सालों का सबसे ज़्यादा तापमान माना जा रहा था। इससे पहले 27 अप्रैल को भी बांदा का तापमान 47.6°C तक पहुंचा था। आज बुधवार को 48.2°C तापमान ने हालात बेहद गंभीर बना दिए हैं।
हालांकि, बांदा का अब तक का सर्वाधिक तापमान 49.2°C रहा है, जो 10 जून 2019 को रिकॉर्ड किया गया था, लेकिन तेजी से कई दिनों तक 47-48 डिग्री तापमान बने रहना वैज्ञानिकों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है।
Heatwave in UP- आखिर क्यों तप रहा है बांदा?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यूपी में पड़ रही भीषण गर्मी के पीछे कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण थार रेगिस्तान से आने वाली गर्म और शुष्क पश्चिमी हवाएं हैं। इन हवाओं के कारण से बुंदेलखंड क्षेत्र में तापमान तेजी से बढ़ रहा है।
इसके अलावा साफ आसमान और तेज धूप भी गर्मी को और खतरनाक बना रही है। बुंदेलखंड की पथरीली जमीन दिन में तेजी से गर्म होती है और रात तक गर्मी छोड़ती रहती है। यही सबसे बड़ा कारण है कि यहां तापमान लंबे समय तक ऊंचा बना रहता है।
"बुंदेलखंड की कठोर और चट्टानी जमीन तेजी से गर्मी सोखती है। पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव भी इस क्षेत्र पर बहुत कम पड़ा, जिसके चलते तापमान में राहत नहीं मिल सकी।"
- मोहम्मद दानिश, IMD के लखनऊ केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक
Climate Change- क्या बांदा बन गया है ‘मानव निर्मित हीट आइलैंड’?
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बांदा अब धीरे-धीरे एक “Human Made Heat Island” यानी मानव निर्मित गर्म क्षेत्र में तब्दील होता जा रहा है। इसका सीधा संबंध पर्यावरणीय असंतुलन और लगातार घटती हरियाली से है। भूवैज्ञानिकों के मुताबिक जिले में हरित आवरण बहुत कम हो चुका है। लगभग 105 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाले बांदा जिले में केवल 3% हरित क्षेत्र बचा है। यह आंकड़ा बुंदेलखंड के अन्य जिलों की तुलना में बेहद कम है।
तुलना करें तो चित्रकूट में लगभग 18% वन क्षेत्र है, जबकि झांसी और ललितपुर में भी बांदा से कहीं अधिक हरियाली मौजूद है। इसे लेकर विशेषज्ञ मानते हैं कि पेड़ों की लगातार कटाई, भूजल स्तर में गिरावट और नदियों के सूखने से गर्मी का प्रभाव और भी खतरनाक हो गया है।
Banda Weather- गर्मी बढ़ाने वाले ये 4 बड़े कारण
बांदा में तेजी से बढ़ रही गर्मी के पीछे कई मानवीय कारण भी जिम्मेदार बताए जा रहे हैं। इनमें प्रमुख हैं:
- बड़े पैमाने पर रेत खनन
- चट्टानों की लगातार कटाई
- तेजी से घटती हरियाली
- भूमिगत जलस्तर में बड़ी गिरावट
"बांदा के अत्यधिक गर्म रहने की सबसे बड़ी वजह इसका पथरीला भूभाग है। यहां जमीन तेजी से गर्म होती है और लंबे समय तक गर्म रहती है।"
- वीके जोशी, पर्यावरणविद और भारतीय
भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के सेवानिवृत्त महानिदेशक
"गर्मी बढ़ाने वाले हालात लगातार बढ़ रहे हैं जबकि तापमान कम करने वाली प्राकृतिक परिस्थितियां खत्म होती जा रही हैं। साफ आसमान और घटती हरियाली स्थिति को और खतरनाक बना रहे हैं।"
- प्रोफेसर ध्रुव सेन सिंह, LU भूविज्ञान विभाग
कर्क रेखा के करीब होने का भी प्रभाव
बांदा की भौगोलिक स्थिति भी इसे और भी अधिक गर्म बनाती है। यह जिला कर्क रेखा के निकट स्थित है, जहां सूर्य की किरणें ज़्यादा एकदम सीधी पड़ती हैं। इससे यहां तीव्र सौर विकिरण होता है और तापमान तेजी से बढ़ जाता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगर आगामी सालों में हरियाली और जल संरक्षण पर गंभीर काम नहीं किया गया, तो बुंदेलखंड के कई इलाके भविष्य में रहने लायक नहीं बचेंगे।
लोगों का जीना हुआ मुश्किल
भीषण गर्मी के कारण बांदा में जनजीवन बेहद बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। दोपहर के वक्त सड़कें सूनी नजर आती हैं। गर्म हवाओं और लू के कारण लोगों को घरों में रहने की सलाह दी जा रही है।
वहीं, अस्पतालों में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और तेज बुखार के मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। प्रशासन ने लोगों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने, आधी पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है।
बांदा दुनिया के लिए क्यों बना चेतावनी?
वैज्ञानिकों का मानना है कि बांदा केवल एक जिला नहीं, बल्कि जलवायु परिवर्तन का बड़ा संकेत बन चुका है। जिस तेजी से यहां तापमान बढ़ रहा है, वह भविष्य के लिए बड़ी चेतावनी माना जा रहा है।
अगर वक्त रहते पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और वृक्षारोपण पर बड़े स्तर पर काम नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में उत्तर भारत के कई भागों में इसी तरह की भयावह गर्मी देखने को मिल सकती है। बता दें, बांदा की तपती धरती अब केवल बुंदेलखंड की समस्या नहीं रही, बल्कि यह पूरे विश्व के लिए 'क्लाइमेट चेंज' का अलार्म बन चुकी है।


