Banda News: जिले में जारी है अवैध खनन का खेल, जुर्माने के बाद भी केन नदी में गरज रहीं लिफ्टर मशीनें

Bnada News : बांदा में जुर्माने और कार्रवाई के बावजूद केन नदी में अवैध खनन नहीं रुका, लिफ्टर मशीनों से लगातार खनन जारी रहने के आरोप।

Anwar Raza
Published on: 9 May 2026 2:27 PM IST
Banda News: जिले में जारी है अवैध खनन का खेल, जुर्माने के बाद भी केन नदी में गरज रहीं लिफ्टर मशीनें
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Banda Illegal Mining Case

Banda News: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में अवैध खनन का मामला एक बार फिर चर्चा में है। जिले के बहादुरपुर स्योढ़ा बालू खदान और मर्का थाना क्षेत्र के चरका खंड संख्या 10 से सामने आई तस्वीरों ने प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि लाखों रुपए के जुर्माने और नोटिस के बावजूद प्रतिबंधित लिफ्टर मशीनों से खुलेआम खनन कराया जा रहा है।

रात के अंधेरे में चल रहा अवैध खनन

बताया जा रहा है कि चरका खंड संख्या 10 में रात के अंधेरे में भारी मशीनें लगातार गरज रही हैं। केन नदी के बीचोंबीच प्रतिबंधित मशीनों से खनन किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमों को पूरी तरह ताक पर रखकर खनन माफिया नदी का सीना चीर रहे हैं।तस्वीरों में साफ दिखाई दे रहा है कि लिफ्टर मशीनों का इस्तेमाल कर बड़े स्तर पर बालू निकाला जा रहा है। जबकि नियमों के मुताबिक नदी के भीतर मशीनों से खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है।

जलीय जीवों की मौत, पर्यावरण को भारी नुकसान

अवैध खनन की वजह से केन नदी के आंचल में पल रहे जलीय जीवों पर भी बड़ा खतरा मंडरा रहा है। आरोप है कि मशीनों के इस्तेमाल से नदी का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ रहा है और बड़ी संख्या में जलीय जीव तड़प-तड़प कर मर रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रहे अवैध खनन से पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं।

पांच लाख जुर्माने के बाद भी नहीं रुकी मशीनें

सबसे बड़ा सवाल यह है कि स्योढ़ा बहादुरपुर खदान में पांच लाख रुपए के जुर्माने की नोटिस और डीएम को रिपोर्ट भेजे जाने के बावजूद लिफ्टर मशीनें कैसे चल रही हैं। आरोप है कि खनन माफियाओं के सामने प्रशासन पूरी तरह बेबस नजर आ रहा है।लोगों का कहना है कि कार्रवाई के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं, जबकि जमीन पर अवैध खनन लगातार जारी है।

खनिज अधिकारी ने दिया गोलमोल जवाब

मामले को लेकर जब खनिज अधिकारी राज रंजन से सवाल किया गया तो उन्होंने गोलमोल जवाब देते हुए जल्द कार्रवाई की बात कही। हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि मशीनों से केवल लोडिंग और अनलोडिंग की जा सकती है, लेकिन नदी के भीतर मशीनों से खनन की अनुमति नहीं है।

इसके बावजूद खदानों में मशीनों से ही खनन होता दिखाई दे रहा है। मजदूर कहीं नजर नहीं आ रहे, जबकि बड़े पैमाने पर मशीनों से बालू निकाला जा रहा है।

अवैध खनन पर कार्रवाई की उम्मीद छोड़ रहे लोग

लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद अब स्थानीय लोग भी अवैध खनन पर रोक लगने की उम्मीद छोड़ते नजर आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि जिले में माफिया राज बढ़ता जा रहा है और प्रशासन उनसे याराना निभा रहा है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि बांदा में चल रहे इस अवैध खनन के खेल पर आखिर कब रोक लगेगी और केन नदी को बचाने के लिए कौन आगे आएगा।

Shalini Rai

Shalini Rai

Mail ID - raishalini910@gmail.com

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