Banda News: बिचौलियों का खेल खत्म, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से अनाथ बच्चों को मिला नया सहारा

Banda News: बांदा में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत डिजिटल एमआईएस पोर्टल से आवेदन प्रक्रिया आसान हुई, पात्र बच्चों को सीधे खातों में आर्थिक सहायता और शिक्षा का लाभ मिल रहा है।

Shashi kant gautam
Published on: 21 July 2026 10:45 PM IST
orphans get Chief Ministers Childrens Service Yojana
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बिचौलियों का खेल खत्म, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से अनाथ बच्चों को मिला नया सहारा (Photo- Social Media)

Banda News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'सशक्त और सुरक्षित बचपन' के संकल्प को बांदा जिले में पंख लग रहे हैं। जिले में आपदा या अन्य कारणों से अपने माता-पिता को खो चुके निराश्रित नौनिहालों के लिए 'मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना' एक बड़ा सहारा बनकर उभरी है। योगी सरकार की इस संवेदनशील पहल से बांदा के सैकड़ों प्रभावित बच्चों को न सिर्फ आर्थिक संबल मिला है बल्कि उनकी शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की राह भी आसान हुई है। हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बांदा दौरे के दौरान जिले के कई लाभार्थियों को मंच से आर्थिक सहायता के चेक और प्रमाण पत्र वितरित किए गए थे। जिससे प्रशासनिक मशीनरी में योजना को लेकर और तेजी आई है।

बुंदेलखंड के नौनिहालों को सीधे बैंक खातों में मिल रही मदद

बांदा जिले में महिला कल्याण विभाग और जिला प्रोबेशन कार्यालय के समन्वय से लाभार्थियों का सत्यापन कर सीधे उनके बैंक खातों में योजना की राशि भेजी जा रही है। आंकड़ों और प्रगति की बात करें तो करोड़ों का वित्तीय सुरक्षा कवच इस योजना के जरिए जरूरतमंदों को दिया गया है। जिसके क्रम में चित्रकूटधाम मंडल (बांदा, हमीरपुर, महोबा, चित्रकूट) में योजना के तहत सैकड़ों बच्चों के खातों में त्रैमासिक आधार पर वित्तीय लाभ भेजा जा रहा है। जिसके क्रम में कोविड से इतर अन्य गंभीर परिस्थितियों (जैसे माता-पिता की मृत्यु, माता के तलाकशुदा होने या माता-पिता के जेल में होने) के कारण अनाथ हुए बांदा के पात्र बच्चों को 2500 रुपए प्रति माह (त्रैमासिक 7500 रुपये की किस्त) दी जा रही है। वहीं जिले की ऐसी पात्र बेटियां जो वयस्क हो रही हैं। उन्हें शादी के लिए सरकार की ओर से एक लाख एक हजार रुपये की एकमुश्त वित्तीय सहायता दी जा रही है।

लैपटॉप वितरण से डिजिटल पढ़ाई को मिली रफ़्तार

बांदा में योजना के पहले चरण के तहत स्कूली शिक्षा ग्रहण कर रहे पात्र छात्र-छात्राओं को पूर्व में निःशुल्क लैपटॉप भी वितरित किए जा चुके हैं। डिजिटल इंडिया के दौर में बुंदेलखंड के ये अनाथ बच्चे संसाधनों की कमी के कारण पढ़ाई में पीछे न छूटें इसके लिए योगी सरकार की इस पहल की सराहना स्थानीय अभिभावकों और प्रबुद्ध वर्ग द्वारा जमकर की जा रही है।

100% पारदर्शी प्रक्रिया से खत्म हुआ बिचौलियों का खेल

बांदा जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन करते हुए इस योजना के आवेदन को पूरी तरह से डिजिटल और पेपरलेस कर दिया है। अब पात्र बच्चे या उनके अभिभावक UPMBSY Portal के जरिए सीधे आवेदन कर रहे हैं। नए एमआईएस पोर्टल के जरिए बांदा के डीएम और जिला प्रोबेशन अधिकारी हर बच्चे की शिक्षा, स्वास्थ्य कार्ड और वित्तीय लाभ की रियल-टाइम मॉनिटरिंग कर रहे हैं। जिससे भ्रष्टाचार की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो गई है।

विभागीय अधिकारियों के मुताबिक "मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत बांदा जिले में कोई भी पात्र अनाथ बच्चा छूटने न पाए इसके लिए ब्लॉकों और तहसीलों में विशेष सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप प्रत्येक निराश्रित बच्चे को समय पर आर्थिक मदद और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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Shashi Kant Gautam is a journalist with over five years of experience in the news industry. He specializes in regional developments, social issues, and community affairs. He holds a degree in Mass Communication and Journalism. Apart from journalism, he enjoys writing, traveling, and sports, which contribute to his curiosity and broad perspective on current affairs.

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