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बाराबंकी में ABVP कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज, बिना मान्यता एलएलबी पढ़ाई का विरोध उग्र
सैकड़ों छात्रों ने यूनिवर्सिटी के खिलाफ प्रदर्शन किया, पुलिस ने किया दौड़-दौड़ाकर लाठीचार्ज
लखनऊ।बाराबंकी की श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी में बिना मान्यता एलएलबी की पढ़ाई कराए जाने के आरोप में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया विरोध प्रदर्शन उग्र रूप ले बैठा। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हुई। पुलिस चौकी में तोड़फोड़ के बाद पुलिसकर्मियों द्वारा लाठीचार्ज भी की गई।
शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित गदिया पुलिस चौकी के निकट यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे एलएलबी छात्रों का आरोप है कि कॉलेज बिना मान्यता के वर्षों से पढ़ाई कराता रहा, जिससे उनका भविष्य अधर में है। साथ ही फीस के नाम पर अवैध वसूली का भी आरोप लगाया गया है। सोमवार को भारी संख्या में छात्र यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर इकट्ठा हुए। इस प्रदर्शन का नेतृत्व एबीवीपी अवध प्रांत के अध्यक्ष पुष्पेंद्र बाजपेई और प्रांत सह मंत्री अभिषेक बाजपेई कर रहे थे। इनके साथ वैष्णवी सिंह, देवेंद्र सिंह, सलामुद्दीन, अभयराम त्रिपाठी, योगेश सिंह, कामिल, विशाल, अभय शुक्ला, कार्तिकेय, आदर्श पांडेय सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे।
गेट पर नारेबाजी और हंगामे के बीच प्रदर्शनकारी यूनिवर्सिटी के भीतर दाखिल हो गए। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने छात्रों को खदेड़ना शुरू किया। इसी बीच एक कॉलेज गार्ड के साथ मारपीट और गदिया पुलिस चौकी पर शीशा तोड़ने की घटना सामने आई। स्थिति बेकाबू होते देख पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों को सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया, जिससे करीब एक दर्जन कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में प्रमुख रूप से पुष्पेंद्र बाजपेई, अभिषेक बाजपेई, योगेश, अभय, अतुल राय, अमर सिंह, देवेश सहित अन्य कार्यकर्ताओं को मेयो अस्पताल में भर्ती कराया गया।
हालांकि अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी विकास चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि यूनिवर्सिटी के गार्ड और छात्रों में हाथापाई हुई थी, जिसे पुलिस ने सिर्फ अलग कराया। लाठीचार्ज से उन्होंने इनकार किया और कहा कि मौके पर स्थिति अब शांतिपूर्ण है। वहीं एबीवीपी विभाग संगठन मंत्री आकाश शुक्ला ने कहा कि छात्रों पर बेरहमी से लाठीचार्ज किया गया है और यह छात्रहित की आवाज को दबाने का प्रयास है। परिषद ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।


