Barabanki News: सिद्धौर में नकली वन दरोगा का भंडाफोड़, सर्राफ से ठगी कर आरोपी फरार

Barabanki News: बाराबंकी के सिद्धौर में नकली वन दरोगा बनकर सर्राफ से लाखों की ठगी करने वाला आरोपी फरार, कमरे से वर्दी और स्टार बरामद।

Sarfaraz Warsi
Published on: 16 Jun 2026 2:55 PM IST
Barabanki News: सिद्धौर में नकली वन दरोगा का भंडाफोड़, सर्राफ से ठगी कर आरोपी फरार
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Barabanki Fake Forest Inspector News

Barabanki News: बाराबंकी जनपद के सिद्धौर कस्बे में रील और रौब के चक्कर में खाकी वर्दी का इस्तेमाल कर लोगों को ठगने वाले एक शातिर नकली वन दरोगा (फॉरेस्ट सब-इंस्पेक्टर) का सनसनीखेज मामला सामने आया है। खुद को वन दरोगा बताकर एक सर्राफा कारोबारी से लाखों के जेवर ठगने वाले इस जालसाज की जब घेराबंदी की गई, तो वह अपनी बाइक छोड़कर मौके से रफूचक्कर हो गया। सूचना पर पहुंची वन विभाग और पुलिस की टीम ने जब आरोपी के किराए के कमरे पर छापेमारी की, तो वहां से दो स्टार लगी वन विभाग की वर्दी और कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए हैं। वन विभाग के उच्चाधिकारियों ने साफ किया है कि इस नाम का कोई भी अधिकारी विभाग में तैनात नहीं है।

यह पूरा मामला नगर पंचायत सिद्धौर के सिद्धेश्वर वार्ड का है। यहाँ के स्थानीय सर्राफ 'पिंटू ज्वेलर्स' के मालिक गुलाब चंद्र सोनी से खुद को वन दरोगा बताने वाले ललित यादव नाम के युवक ने बीते 4 मई 2026 को करीब 1.77 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर खरीदे थे। उस वक्त आरोपी ने महज 30 हजार रुपये नकद दिए और बाकी रकम बाद में देने की बात कही। इसके बाद जब भी दुकानदार ने अपने पैसे मांगे तो आरोपी कभी नेपाल बॉर्डर तो कभी घने जंगलों में वीआईपी ड्यूटी लगे होने का बहाना बनाकर टालमटोल करने लगा। लगातार बहानेबाजी से दुकानदार का शक गहरा गया, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने उस पर गुपचुप नजर रखनी शुरू कर दी।

मंगलवार को जब कथित दरोगा ललित यादव दोबारा सिद्धौर कस्बे में दिखाई दिया तो विश्व हिंदू महासंघ के जिलाध्यक्ष व स्थानीय सभासद दीप्तांशु निगम ने अपने साथियों शिवकेश शर्मा और राजेंद्र के साथ पुलिस को सूचना देकर मौके पर घेराबंदी कर ली। खुद को घिरता देख शातिर जालसाज ने रौब झाड़ने के लिए अपने मोबाइल से किसी को फोन मिलाया और दावा किया कि वह सीधे जिले के डीएफओ (प्रभागीय वनाधिकारी) से बात करा रहा है।

हालांकि जब मौके पर मौजूद लोगों ने खुद बाराबंकी के डीएफओ आकाश बधवान से आधिकारिक तौर पर फोन कर तस्दीक की तो डीएफओ ने साफ कह दिया कि ललित यादव नाम का कोई भी वन दरोगा जिले में तैनात नहीं है। पोल खुलते ही आरोपी ललित यादव अपनी बाइक और सारा तामझाम छोड़कर मौके से चकमा देकर भाग निकला।

घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्रीय हरख वन रेंजर प्रदीप सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। वन विभाग की टीम ने जब कस्बे स्थित आरोपी के किराए के कमरे की तलाशी ली तो वहां से ललित कुमार यादव के नाम की एक वर्दी बरामद हुई, जिस पर बकायदा 'डबल स्टार' (वन दरोगा के प्रतीक) लगे हुए थे।

हरख रेंजर प्रदीप सिंह ने बताया कि उनके रेंज कार्यालय या जिले में इस नाम का कोई वन दरोगा कार्यरत नहीं है। टीम ने कमरे में साथ रह रहे उसके रूम पार्टनर समीर सिंह (निवासी कित्तूर) को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, साथ ही कमरे से मिले दस्तावेजों को जब्त कर लिया गया है। स्थानीय पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीमें आवश्यक जांच पड़ताल और फरार चल रहे इस शातिर 'फर्जी दरोगा' की तलाश कर रहीं हैं।

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