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SCR में रफ्तार पकड़ेगा विकास: लालगंज से बाराबंकी तक बनेगा ₹1,000 करोड़ का सिक्स लेन हाईवे, सर्वे शुरू
UP SCR Highway Project: उत्तर प्रदेश के राज्य राजधानी क्षेत्र में लालगंज से बाराबंकी तक करीब 1,000 करोड़ रुपये की लागत से सिक्स लेन हाईवे बनेगा। यह मार्ग पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और लखनऊ-अयोध्या हाईवे से जुड़ेगा।
Lucknow News
UP SCR Highway Project: उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) में जिलों के बीच अंतर-संपर्क को विश्वस्तरीय बनाने के लिए बुनियादी ढांचे के विस्तार की बड़ी तैयारी शुरू हो गई है। रायबरेली के औद्योगिक कस्बे लालगंज से बाराबंकी तक लगभग ₹1,000 करोड़ की लागत से एक नया सिक्स लेन हाईवे बनाया जाएगा। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए प्राथमिक सर्वे का काम पूरा कर लिया है। यह ग्रीनफील्ड/ब्राउनफील्ड कॉरिडोर महाराजगंज और हैदरगढ़ से होकर गुजरेगा, जिससे अवध क्षेत्र में माल ढुलाई और यात्री परिवहन को नई गति मिलेगी।
प्रमुख एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों का बनेगा महा-जंक्शन
यह सिक्स लेन हाईवे राज्य की राजधानी लखनऊ के चारों ओर एक मजबूत आउटर कनेक्टिविटी ग्रिड तैयार करेगा:
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ाव: हैदरगढ़ के पास यह हाईवे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और लखनऊ-सुल्तानपुर नेशनल हाईवे (NH-731) को सीधे इंटरकनेक्ट करेगा।
लखनऊ-अयोध्या हाईवे से लिंक: बाराबंकी पहुंचकर यह मार्ग लखनऊ-अयोध्या नेशनल हाईवे (NH-27) से जुड़ जाएगा, जिससे रामनगरी अयोध्या और पूर्वांचल की ओर जाने वाले भारी वाहनों को सुगम बाईपास मिलेगा।
हैदरगढ़ में नया बाईपास: हैदरगढ़ कस्बे को रोजाना के भीषण जाम से निजात दिलाने के लिए हाईवे प्रोजेक्ट के तहत एक अलग बाईपास का निर्माण भी प्रस्तावित किया गया है।
बांदा-बहराइच मार्ग का विलय: प्रस्तावित कॉरिडोर में कोठी से बाराबंकी के बीच बांदा-बहराइच मुख्य मार्ग का हिस्सा भी समाहित किया जाएगा।
प्रोजेक्ट के चलते 37 किमी फोरलेन योजना पर अस्थायी रोक
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता अजीत सोनकर के अनुसार, सिक्स लेन के इस वृहद प्रोजेक्ट की रूपरेखा तैयार होने के बाद बाराबंकी से 'नई सड़क' तक प्रस्तावित करीब 37 किलोमीटर मार्ग को फोरलेन बनाने की पुरानी योजना को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है, ताकि संसाधनों का दोहराव न हो। अब पूरी क्षमता इस एकीकृत सिक्स लेन प्रोजेक्ट पर केंद्रित की जा रही है।
500 गांवों की बदलेगी तस्वीर, आर्थिक विकास को पंख
बाराबंकी के जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने पुष्टि की है कि राज्य राजधानी क्षेत्र (एससीआर) विकास प्राधिकरण की प्राथमिकताओं के तहत इस परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
ग्रामीण कनेक्टिविटी: लालगंज, महाराजगंज, हैदरगढ़ और बाराबंकी ग्रामीण अंचलों की करीब 50 छोटी-बड़ी संपर्क सड़कें (लिंक रोड) सीधे इस हाईवे से जुड़ेंगी।
किसानों और उद्योगों को लाभ: मार्ग के दोनों ओर बसे लगभग 500 गांवों के किसानों को लखनऊ, बाराबंकी और रायबरेली की मंडियों तक सीधी पहुंच मिलेगी। साथ ही लालगंज रेल कोच फैक्ट्री और आसपास के लॉजिस्टिक्स हब को निर्बाध आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी।
परियोजना का प्रारंभिक डीपीआर और सर्वे रिपोर्ट तैयार होने के बाद अब फाइल शासन को अंतिम वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति के लिए भेजी जा रही है, जहां से बजट पास होते ही भूमि अधिग्रहण और निर्माण टेंडर की प्रक्रिया शुरू होगी।


