‘साहब, छुट्टी मिल जाती तो...’ पत्नी का शव देख फूट-फूटकर रोया सिपाही पति, बस्ती में महिला कांस्टेबल की मौत पर सवाल

Basti News: महिला कांस्टेबल केशरी वर्मा की मौत के बाद पति नागेंद्र ने इलाज के लिए छुट्टी न मिलने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Alakha Singh
Published on: 30 Aug 2026 3:40 PM IST (Updated on: 30 Aug 2026 4:20 PM IST)
‘साहब, छुट्टी मिल जाती तो...’ पत्नी का शव देख फूट-फूटकर रोया सिपाही पति, बस्ती में महिला कांस्टेबल की मौत पर सवाल
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Basti News: उत्तर प्रदेश के बस्ती में एक महिला कांस्टेबल की अचानक मौत के बाद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और इलाज के लिए छुट्टी मिलने को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। लालगंज थाने में तैनात 30 वर्षीय महिला कांस्टेबल केशरी वर्मा की शनिवार तड़के तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। उनके पति और साथी सिपाही नागेंद्र वर्मा का आरोप है कि सिर में चोट लगने के बाद इलाज के लिए छुट्टी मांगी गई थी, लेकिन समय पर अवकाश नहीं मिला। उनका कहना है कि अगर पत्नी को समय पर छुट्टी और बेहतर इलाज मिल जाता तो शायद उनकी जान बच सकती थी।

22 अगस्त को हादसा, सिर में लगी थी चोट

केशरी वर्मा 2018 बैच की आरक्षी थीं और दिसंबर 2025 से लालगंज थाने में तैनात थीं। उनके पति नागेंद्र वर्मा भी 2020 बैच के सिपाही हैं और उसी थाने में तैनात हैं। दोनों मूल रूप से अलग-अलग जिलों से हैं और वर्तमान में बस्ती में रह रहे थे।

परिजनों के मुताबिक, 22 अगस्त को छुट्टी पूरी होने के बाद बस्ती लौटते समय केशरी के साथ सड़क हादसा हुआ। रास्ते में अचानक कुत्ता आ जाने के कारण बाइक अनियंत्रित हो गई। हादसे में उनके सिर के पीछे चोट लगी। प्रतापगढ़ में उनका इलाज कराया गया, सिर में चार टांके लगाए गए और सीटी स्कैन भी कराया गया। इसके बाद वह बस्ती लौटकर ड्यूटी पर चली गईं।


इलाज के लिए छुट्टी मांगी, पति ने लगाया इनकार का आरोप

परिवार का कहना है कि सिर की चोट का इलाज अभी चल रहा था और केशरी को आगे के उपचार के लिए छुट्टी की जरूरत थी। पति नागेंद्र ने आरोप लगाया कि उन्होंने छुट्टी के लिए पुलिस अधिकारियों के कार्यालय में संपर्क किया, लेकिन अवकाश नहीं मिला।

कुछ रिपोर्टों में पति की ओर से एसपी कार्यालय में तैनात दो कर्मचारियों पर छुट्टी रोकने का आरोप सामने आया है। नागेंद्र ने इन कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई और मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस जांच के बाद ही जिम्मेदारी तय होगी।


तड़के बिगड़ी हालत, अस्पताल ले जाते समय मौत

शनिवार तड़के करीब चार बजे नागेंद्र ड्यूटी पूरी कर कमरे पर लौटे तो केशरी की हालत अचानक गंभीर मिली। वह साथी पुलिसकर्मियों की मदद से उन्हें अस्पताल लेकर निकले, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी।

केशरी की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। सबसे दर्दनाक दृश्य पोस्टमार्टम हाउस पर दिखाई दिया, जहां पत्नी का शव देखकर सिपाही पति नागेंद्र खुद को संभाल नहीं सके।

‘छुट्टी मिल जाती तो शायद आज जिंदा होतीं...’

पोस्टमार्टम हाउस पर नागेंद्र ने वरिष्ठ अधिकारियों के सामने हाथ जोड़कर न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी के इलाज को गंभीरता से नहीं लिया गया। उनका कहना था कि अगर समय रहते इलाज के लिए छुट्टी मिल जाती तो शायद केशरी आज उनके बीच होतीं।

नागेंद्र ने पहले शिकायत पर कार्रवाई किए बिना पोस्टमार्टम कराने पर भी आपत्ति जताई और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बाद में अधिकारियों की ओर से शिकायत को उच्चाधिकारियों तक भेजकर जांच का आश्वासन दिए जाने के बाद पोस्टमार्टम कराया गया।

पुलिस का क्या कहना है?

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हादसे के बाद केशरी वर्मा का प्रतापगढ़ में इलाज कराया गया था। उनके सिर में टांके लगाए गए और सीटी स्कैन कराया गया। पुलिस का कहना है कि जांच में उस समय कोई बड़ी समस्या सामने नहीं आई थी, जिसके बाद वह लालगंज थाने लौटकर ड्यूटी करने लगी थीं।


पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सामने आएगी। वहीं, पति द्वारा छुट्टी नहीं दिए जाने और इलाज में लापरवाही के लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।

अब जांच पर टिकी नजर

केशरी वर्मा की मौत ने पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य और आकस्मिक चिकित्सा जरूरतों के दौरान अवकाश की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इलाज के लिए छुट्टी मांगने के बावजूद उन्हें अवकाश नहीं मिला था और क्या इसका उनकी हालत पर कोई असर पड़ा?

इन सवालों का जवाब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और छुट्टी से जुड़े रिकॉर्ड की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल परिवार कार्रवाई की मांग पर कायम है, जबकि पुलिस ने आरोपों की जांच का भरोसा दिया है।

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alakhsingh2025@hotmail.com

Alakha Singh is a journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

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