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Basti News: बस्ती के नागपुर कुंवर गांव में विकास ठप, सड़क-नाली को तरसे ग्रामीण
Basti News: परशुरामपुर ब्लॉक के नागपुर कुंवर गांव में आजादी के 78 साल बाद भी सड़क, नाली और बुनियादी सुविधाओं का अभाव। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर लापरवाही के आरोप लगाए, डीएम ने जांच के दिए निर्देश।
बस्ती के नागपुर कुंवर गांव में विकास ठप, सड़क-नाली को तरसे ग्रामीण (Photo- Newstrack)
Basti News: उत्तर प्रदेश सरकार जहां गांवों के सर्वांगीण विकास और हर घर तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का दावा कर रही है, वहीं बस्ती जिले के परशुरामपुर ब्लॉक का नागपुर कुंवर गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। आजादी के करीब 78 साल बीत जाने के बाद भी इस गांव में सड़क, नाली और शुद्ध पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक किसी प्रकार का ठोस विकास कार्य नहीं कराया गया है। गांव की हालत देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो विकास यहां तक पहुंच ही नहीं पाया हो।
सड़क और नाली के अभाव में मुश्किलें
नागपुर कुंवर गांव में सबसे बड़ी समस्या सड़क और नाली की है। गांव में प्रवेश करने के लिए कोई पक्की सड़क नहीं है। बरसात के समय हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जिससे लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी उठानी पड़ती है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में नाली की व्यवस्था न होने से गंदा पानी इधर-उधर जमा रहता है, जिससे बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। इसके अलावा गांव में इंटरलॉकिंग और अन्य विकास कार्य भी नहीं कराए गए हैं।
बीमारों को चारपाई पर ले जाना पड़ता है
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क न होने के कारण यदि गांव में कोई बीमार हो जाता है तो उसे अस्पताल तक पहुंचाना बेहद कठिन हो जाता है। कई बार मरीजों को चारपाई पर लिटाकर गांव से बाहर तक ले जाना पड़ता है, तब जाकर एंबुलेंस या अन्य वाहन मिल पाते हैं।
ग्रामीण शिवपूजन तिवारी ने बताया कि एक बार उनके पिता की तबीयत काफी खराब हो गई थी। उस समय सड़क न होने के कारण उन्हें गोद में उठाकर करीब एक किलोमीटर दूर तक ले जाना पड़ा, तब जाकर वाहन मिल सका।
ग्राम प्रधान पर लापरवाही के आरोप
ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गांव के विकास की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उनका आरोप है कि सरकारी जमीन पर पट्टा करने जैसे मामलों में तो रुचि दिखाई जा रही है, लेकिन गांव की मूलभूत समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार जिला अधिकारी, उपजिलाधिकारी और खंड विकास अधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर समस्या से अवगत कराया। तहसील दिवस में भी शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
डीएम ने जांच के दिए निर्देश
इस पूरे मामले में जब जिला अधिकारी बस्ती से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। यदि गांव में वास्तव में ऐसी स्थिति है तो इसकी जांच कराई जाएगी और आवश्यक विकास कार्य जल्द शुरू करवाए जाएंगे।
वहीं ग्राम प्रधान से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ मिला।


