Basti News: हरेंद्र सिंह आत्महत्या मामला, ग्रामीणों ने की अखिलेश सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग

Basti News: पोखर भीटवा गांव के ग्रामीणों ने विश्व हिंदू महासंघ के जिला अध्यक्ष अखिलेश सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए एसपी कार्यालय का घेराव कर जांच और कार्रवाई की मांग की।

Amril Lal
Published on: 20 Jun 2026 5:46 PM IST
Harendra Singh suicide case, villagers demand action against Akhilesh Singh
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हरेंद्र सिंह आत्महत्या मामला, ग्रामीणों ने की अखिलेश सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग (Photo- Newstrack)

Basti News: बस्ती जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के पोखर भीटवा गांव का मामला उस समय चर्चा में आ गया जब गांव के सैकड़ों ग्रामीण पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच गए और विश्व हिंदू महासंघ के जिला अध्यक्ष अखिलेश सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक बस्ती को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अखिलेश सिंह के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे गांव के लोग आत्महत्या करने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

मुख्यमंत्री के नाम और सत्ता के दुरुपयोग का आरोप

पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने अखिलेश सिंह पर गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि अखिलेश सिंह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम का दुरुपयोग करते हैं और सत्ता का प्रभाव दिखाकर गांव के लोगों को परेशान करते हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जो व्यक्ति उनकी बात नहीं मानता या उनकी जी-हुजूरी नहीं करता, उसके खिलाफ बलात्कार, छेड़खानी और अन्य गंभीर धाराओं में फर्जी मुकदमे दर्ज करवा दिए जाते हैं। उनका कहना है कि अधिकारियों पर दबाव बनाकर लोगों की गिरफ्तारी तक कराई जाती है।


ग्रामीणों ने कहा कि वे भी हिंदू हैं और ठाकुर समाज से आते हैं, लेकिन अखिलेश सिंह स्वयं को तानाशाह बताते हैं और पूरे गांव में भय का माहौल बनाकर रखते हैं। उनका आरोप है कि गांव के पढ़ने वाले बच्चों तक को नहीं बख्शा गया और लगभग 30 से 35 छात्रों के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए हैं, जिससे उनके भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।



सरकारी गनर के दुरुपयोग का भी लगाया आरोप

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि अखिलेश सिंह को उपलब्ध कराए गए सरकारी गनर का दुरुपयोग किया जा रहा है। उनका कहना है कि गनर केवल अखिलेश सिंह के साथ ही नहीं बल्कि उनके परिवार के अन्य सदस्य भी साथ लेकर चलते हैं। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि आखिर किस आधार पर उन्हें सरकारी गनर उपलब्ध कराया गया है और इसकी भी जांच कराई जानी चाहिए।


हरेंद्र सिंह की आत्महत्या के बाद बढ़ा विवाद

ग्रामीणों के अनुसार गांव निवासी हरेंद्र सिंह ऑटो रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। बताया गया कि वह लंबे समय से शराब का सेवन करते थे। रिक्शे की बैटरी खरीदने के लिए उन्होंने बजाज फाइनेंस कंपनी से लोन लिया था। ग्रामीणों का कहना है कि रिक्शा चलाने से जो आमदनी होती थी, उसका अधिकांश हिस्सा शराब में खर्च हो जाता था, जिसके कारण लोन की किस्तें लगातार बढ़ती चली गईं।

किस्त जमा न कर पाने के कारण हरेंद्र सिंह मानसिक दबाव में रहने लगे थे। इसी तनाव के बीच उन्होंने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हरेंद्र सिंह की मौत के बाद मामला और अधिक तूल पकड़ गया।

मुकदमा दर्ज होने के बाद ग्रामीणों ने किया घेराव

ग्रामीणों का कहना है कि हरेंद्र सिंह की आत्महत्या के बाद विश्व हिंदू महासंघ के जिला अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने गांव के कई लोगों के खिलाफ मानसिक उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के आरोप में मुकदमा दर्ज करा दिया। जैसे ही मुकदमा दर्ज हुआ, गांव के लोग एकजुट हो गए और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर घेराव कर दिया। ग्रामीणों ने अधिकारियों से मिलकर अपना पक्ष रखा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

अखिलेश सिंह पर लगाए गए अन्य आरोप

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हरेंद्र सिंह की पत्नी शोभा सिंह से अखिलेश सिंह ने कहा था कि उनका लोन माफ करवा दिया जाएगा। ग्रामीणों के मुताबिक घटना वाले दिन हरेंद्र सिंह को मछली खिलाने के बहाने अखिलेश सिंह ने अपने घर बुलाया था। वहां उन्हें मछली खिलाई गई और शराब भी पिलाई गई। इसके बाद अगली सुबह हरेंद्र सिंह का शव उनके घर के कमरे में रस्सी के फंदे से लटका हुआ मिला।



ग्रामीणों का आरोप है कि इस पूरे घटनाक्रम में अखिलेश सिंह का परिवार भी शामिल था। इसके बावजूद पुलिस ने अखिलेश सिंह के प्रभाव में आकर गांव के अन्य लोगों और उनके परिवारों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर दिए।

सैकड़ों ग्रामीण पहुंचे पुलिस अधीक्षक कार्यालय

पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचने वालों में आशुतोष सिंह, सत्यम मानसिंह, पिंकू सिंह, आदित्य सिंह, कुष्मता सिंह, धर्मवीर सिंह और इंद्रावती सिंह सहित सैकड़ों ग्रामीण शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की।

जांच के बाद होगी कार्रवाई : अपर पुलिस अधीक्षक

इस पूरे मामले पर अपर पुलिस अधीक्षक बस्ती श्याम कांत ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा दिया गया प्रार्थना पत्र प्राप्त कर लिया गया है। ग्रामीणों ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करेगा और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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