Bijnor News: जेल अधीक्षक राजेश कुमार सिंह से बदली जिला कारागार की सूरत, कैदियों ने सराहा बदलाव

Bijnor News: बिजनौर जिला कारागार में जेल अधीक्षक राजेश कुमार सिंह के प्रयासों से बदलाव आया, कैदियों ने व्यवस्थाओं की सराहना की।

Faisal Khan
Published on: 5 Oct 2026 2:52 PM IST
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Bijnor News(Photo-Social Media)

Bijnor News: पश्चिम उत्तर प्रदेश के जिला कारागार बिजनौर में इन दिनों एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहा है। पिछले 20 वर्षों से जिस जेल के भीतर विकास कार्य पूरी तरह थमे हुए थे, वहां नए जेल अधीक्षक राजेश कुमार सिंह के पदभार संभालते ही कायाकल्प हो गया है। उनके आते ही जेल प्रशासन से लेकर कैदियों की मूलभूत सुविधाओं तक, हर क्षेत्र में व्यापक सुधार किए गए हैं, जिसकी चर्चा अब हर तरफ हो रही है।

जर्जर छत से लेकर हाईटेक दफ्तरों तक का सफर

जेल अधीक्षक राजेश कुमार सिंह ने आते ही सबसे पहले जेल की उन बुनियादी समस्याओं पर ध्यान दिया जो सालों से उपेक्षित थीं। बैरकों की जो छतें महीनों से टपक रही थीं, उन्हें पूरी तरह से ठीक कराया गया है। इसके अलावा प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए सभी प्रमुख कार्यालयों को वातानुकूलित (AC) और शानदार तरीके से तैयार किया गया है। बदलाव की यह बयार जेल के इन हिस्सों में साफ देखी जा सकती है:

* जेल अधीक्षक कार्यालय, जेलर और डिप्टी जेलर ऑफिस: इन सभी प्रशासनिक कार्यालयों को आधुनिक और वीआईपी लुक दिया गया है ताकि कार्यप्रणाली अधिक सुगम हो सके।

* प्रशासनिक और रिकॉर्ड रूम: सालों पुराने रिकॉर्ड्स और फाइलों के रख-रखाव के लिए रूम को व्यवस्थित और अपग्रेड किया गया है।

* मुलाकाती कार्यालय: बंदियों से मिलने आने वाले परिजनों की सुविधा के लिए मुलाकाती दफ्तर को बेहद आरामदायक और व्यवस्थित बनाया गया है।

* केस मैनेजर और काउंसिलर ऑफिस: बंदियों की मानसिक काउंसलिंग और कानूनी मदद के लिए बने इस ऑफिस को भी नया रूप दिया गया है।

बंदियों के सुधार और जीवनशैली पर विशेष ध्यान

जेल अधीक्षक का मुख्य फोकस केवल प्रशासनिक सुधारों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने बंदियों के मानवाधिकारों और उनकी जीवनशैली को सुधारने के लिए भी अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। जेल के अंदर अब निम्नलिखित सुविधाएं हाईटेक स्तर पर काम कर रही हैं:

* बैरक और सेल्स: टपकती छतों की मरम्मत के बाद अब बैरक पूरी तरह सुरक्षित और साफ-सुथरे हैं।

* ऑफिस और जेल बाथरूम: सबसे खास बात यह है कि कार्यालयों के साथ-साथ जेल के भीतर बंदियों के इस्तेमाल वाले बाथरूम्स को भी आधुनिक और स्वच्छ बनाया गया है, जिसकी खुद कैदी भी जमकर तारीफ कर रहे हैं।

* विशाल रसोईघर और जेल कैंटीन: कैदियों के लिए बनने वाले भोजन की गुणवत्ता सुधारने के लिए रसोईघर का आधुनिकीकरण किया गया है और कैंटीन की व्यवस्था को बेहतर बनाया गया है।

* मेडिकल अस्पताल: बीमार बंदियों के इलाज के लिए जेल अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं को पहले से कहीं ज्यादा सुदृढ़ किया गया है।

* लाइब्रेरी, शिक्षा केंद्र और कैदी जिम: बंदियों को रचनात्मक कार्यों से जोड़ने के लिए लाइब्रेरी और शिक्षा केंद्र को नया जीवन दिया गया है, साथ ही उनकी शारीरिक फिटनेस के लिए एक शानदार जिम की भी व्यवस्था की गई है।

पश्चिम यूपी की सबसे मॉडल जेल बनने की ओर अग्रसर

जेल में बंद कैदियों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में जेल का ऐसा स्वरूप और एक संवेदनशील जेल अधीक्षक नहीं देखा था। महीनों के भीतर हुए इस बदलाव से बिजनौर जेल की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। स्थानीय लोगों और विभागीय गलियारों में यह चर्चा आम है कि आने वाले कुछ ही समय में बिजनौर जिला कारागार पूरे पश्चिम उत्तर प्रदेश की सबसे बेहतरीन और मॉडल जेल के रूप में जानी जाएगी। इस पूरे विकास कार्य और जेल की कायाकल्प का पूरा श्रेय जेल अधीक्षक राजेश कुमार सिंह की दूरदर्शिता और उनकी कार्यशैली को जाता है।

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