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BJP में महिलाओं से ‘विशेष सेवा’ की मांग? पूनम जायसवाल के आरोपों से मचा सियासी बवाल
कुशीनगर भाजपा की नेत्री पूनम जायसवाल ने संगठन के नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वायरल वीडियो के बाद कांग्रेस ने भाजपा के महिला सम्मान और नारी शक्ति के दावों पर हमला बोला।
कुशीनगर: भाजपा में महिला सम्मान और नारी शक्ति के दावों के बीच कुशीनगर की महिला नेत्री पूनम जायसवाल के सनसनीखेज आरोपों ने पार्टी संगठन को कठघरे में खड़ा कर दिया है। भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व जिला मीडिया प्रभारी पूनम जायसवाल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर भाजपा को घेर लिया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा में महिला कार्यकर्ताओं को सम्मान और जिम्मेदारी देने के बजाय उनका इस्तेमाल सियासी फायदे के लिए किया जाता है और जब वे अपना हक मांगती हैं तो उनसे अनुचित अपेक्षाएं की जाती हैं।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर पूनम जायसवाल के मामले को उठाते हुए भाजपा के कथित सांस्कृतिक संस्कारों पर सवाल खड़े किए। कांग्रेस ने कहा कि नारी शक्ति का ढिंढोरा पीटने वाले भाजपा नेताओं का असली चेहरा सामने आ गया है। पार्टी ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता सरकार के दोहरे चरित्र और महिला विरोधी रवैये का हिसाब जरूर मांगेगी। कांग्रेस ने अपने पोस्ट के अंत में लिखा, 'सब याद रखा जाएगा।'
‘बड़े नेताओं का बिस्तर गर्म नहीं किया, इसलिए पद नहीं मिला’
दरअसल, पूनम जायसवाल ने भाजपा महिला मोर्चा की नई जिला कार्यसमिति में जगह नहीं मिलने के बाद संगठन के कुछ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वायरल वीडियो में उन्होंने कथित तौर पर कहा कि उन्होंने बड़े नेताओं का बिस्तर गर्म नहीं किया, इसलिए उन्हें संगठन में पद नहीं मिला। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके पास पैसे नहीं थे, इसलिए वह पद हासिल नहीं कर सकीं।
पूनम का दावा है कि उन्होंने लंबे समय तक पार्टी के लिए मेहनत की, संगठन के कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाई और अपनी जेब से भी खर्च किया। इसके बावजूद उन्हें नई जिला कार्यसमिति में कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई। उन्होंने संगठन में पदों के बंटवारे को लेकर पैसे और अनुचित समझौतों को महत्व दिए जाने के आरोप लगाए हैं।
44 लोगों की टीम में जगह नहीं मिलने से नाराजगी
इस विवाद की शुरुआत भाजपा महिला मोर्चा की नई जिला कार्यसमिति के गठन के बाद हुई। सामने आई जानकारी के मुताबिक, नई कार्यसमिति में 44 पदाधिकारियों और सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष रूपम राव के नेतृत्व में गठित इस टीम में पूनम जायसवाल को जगह नहीं मिली।
इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी शिकायत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से नहीं, बल्कि कुशीनगर के स्थानीय संगठन के कुछ नेताओं की कार्यप्रणाली से है।
भाजपा की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
मामले के तूल पकड़ने के बाद भाजपा संगठन की प्रतिक्रिया पर भी निगाहें टिकी हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, जिला नेतृत्व की ओर से कहा गया है कि इस संबंध में कोई लिखित शिकायत प्राप्त होने की जानकारी नहीं है और संगठन परिवार की तरह है, जहां बातचीत से समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। हालांकि, पूनम जायसवाल के गंभीर आरोपों पर अब तक कोई विस्तृत बिंदुवार जवाब सार्वजनिक नहीं हुआ है।
इससे पहले सितंबर 2026 में तत्कालीन महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष चंद्रप्रभा पांडेय के इस्तीफे और संगठन में अनदेखी की शिकायतों को लेकर भी सवाल उठे थे। अब पूनम जायसवाल के आरोपों ने एक बार फिर कुशीनगर भाजपा में महिला कार्यकर्ताओं की भूमिका, सम्मान और संगठनात्मक नियुक्तियों की प्रक्रिया को चर्चा में ला दिया है।
फिलहाल पूनम जायसवाल के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में सवाल है कि क्या भाजपा नेतृत्व इन गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच कराएगा या फिर यह विवाद भी संगठन के भीतर की नाराजगी बताकर टाल दिया जाएगा?


