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दुखद खबर! कैंसर से जूझ रहे BSP विधायक उमाशंकर सिंह का हुआ निधन, जानें इनका राजनीतिक सफर
Umashankar Singh Passes Away: वह लंबे वक़्त से कैंसर से पीड़ित थे और उनका इलाज चल रहा था।
Umashankar Singh Passes Away: बहुजन समाज पार्टी (BSP) के विधायक उमाशंकर सिंह (Umashankar Singh) का निधन हो गया है। वह लंबे वक़्त से कैंसर (Cancer) से पीड़ित थे और उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की खबर से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके निधन को पार्टी और समर्थकों के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है।
BSP के विधायक उमाशंकर सिंह उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की रसड़ा (Rasra) तहसील के खनवर (Khanwar) गांव के रहने वाले थे। वह मौजूदा समय में (BSP) के इकलौते विधायक थे। उन्होंने 3 बार विधानसभा चुनाव लड़ा और तीनों बार पार्टी ने उन पर भरोसा जताया। पहली बार साल 2012 में BSP के टिकट पर चुनाव जीता।
इसके बाद साल 2017 में भी मायावती (Mayawati) ने उन पर भरोसा जताया और भारतीय जनता पार्टी की लहर के बावजूद उन्होंने जीत हासिल की। फिर साल 2022 में भी (BSP) के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे।
लोकायुक्त जांच के बाद विवादों में आए
उमाशंकर सिंह का राजनीतिक जीवन विवादों से भी जुड़ा रहा। 18 दिसंबर 2013 को अधिवक्ता सुभाष चंद्र सिंह (Subhash Chandra Singh) ने शपथ पत्र देकर लोकायुक्त (Lokayukta) संगठन में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि विधायक रहने के बावजूद वह लोक निर्माण विभाग (PWD) से सरकारी ठेके लेकर सड़क निर्माण का काम कर रहे थे।
इस मामले की जांच तत्कालीन लोकायुक्त (Lokayukta) न्यायमूर्ति एन.के. मेहरोत्रा (N.K. Mehrotra) ने की। जांच में उमाशंकर सिंह दोषी पाए गए। इसके बाद साल 2015 में उन्हें विधानसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया। हालांकि, उन्होंने इस फैसले को हाई कोर्ट (High Court) में चुनौती दी। साल 2016 में हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग (Election Commission) को मामले की जांच कर राज्यपाल को रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया। इसके बाद 14 जनवरी 2017 को उनकी विधायकी समाप्त कर दी गई।
छात्र राजनीति से कारोबार तक का सफर
उमाशंकर सिंह की शुरुआती पढ़ाई बलिया (Ballia) में हुई। कॉलेज के दिनों में उन्होंने छात्र राजनीति में कदम रखा, लेकिन वहां उन्हें ज्यादा सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने ठेकेदारी के क्षेत्र में काम शुरू किया और धीरे-धीरे बड़ी पहचान बना ली। ठेकेदारी के जरिए उन्होंने काफी संपत्ति अर्जित की। बाद में उन्होंने जिला पंचायत का चुनाव भी लड़ा और जीत हासिल की।
कई क्षेत्रों में फैलाया कारोबार
ठेकेदारी में सफलता मिलने के बाद उमाशंकर सिंह ने अपने कारोबार का विस्तार किया। उन्होंने छात्र शक्ति कन्स्ट्रक्शन्स (Chhatra Shakti Constructions) नाम से कंपनी बनाई, जो सड़क निर्माण का काम करती है। उनकी कंपनी माइनिंग (Mining) सेक्टर में भी सक्रिय रही। इसके अलावा उन्होंने स्कूल और होटल उद्योग में भी अपना कारोबार बढ़ाया। उनकी पत्नी पुष्पा (Pushpa) सीएस इन्फ्रा कंस्ट्रक्शन लिमिटेड (CS Infra Construction Limited) की मैनेजिंग डायरेक्टर हैं।


