Budget 2026 Reaction UP News: आम बजट 2026 पर यूपी में सियासी घमासान, पक्ष-विपक्ष ने रखी अपनी राय

Budget 2026 Reaction UP News: Budget 2026 को लेकर उत्तर प्रदेश में राजनीति गरमा गई है। सत्तापक्ष ने इसे विकासोन्मुखी बताया, जबकि विपक्ष ने महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया।

Newstrack Network
Published on: 1 Feb 2026 4:59 PM IST (Updated on: 1 Feb 2026 10:00 PM IST)
Politicians express their views on General Budget 2026 in UP
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आम बजट 2026 पर यूपी में सियासी घमासान, पक्ष-विपक्ष ने रखी अपनी राय (Photo- Social Media)

Budget 2026 Reaction UP News: केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए आम बजट 2026 को लेकर उत्तर प्रदेश में राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। सत्ता पक्ष के दिग्गज नेताओं ने बजट को आम आदमी, किसान, महिला और युवाओं के लिए लाभकारी बताया है, वहीं विपक्ष ने इसे चुनावी और जुमलेबाजी से भरा करार दिया है।

सत्तापक्ष ने बताया विकास की दिशा में मजबूत कदम

भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि यह बजट “विकसित भारत” के संकल्प को मजबूत करता है। यूपी सरकार के एक मंत्री ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे, रेलवे, डिजिटल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है।

उन्होंने कहा कि किसानों के लिए बढ़ाया गया कृषि बजट और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन युवाओं के लिए नए अवसर खोलेगा।

भाजपा सांसदों का मानना है कि मध्यम वर्ग को टैक्स में राहत देकर सरकार ने उनकी बड़ी चिंता दूर की है। महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार योजनाओं को भी बजट की बड़ी उपलब्धि बताया गया।

विपक्ष ने उठाए सवाल, बताया जनविरोधी बजट

समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बसपा नेताओं ने बजट को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। सपा नेताओं ने कहा कि बजट में किसानों की आय दोगुनी करने का कोई ठोस रोडमैप नहीं है।

कांग्रेस नेताओं ने महंगाई और बेरोजगारी को सबसे बड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि बजट आम आदमी को राहत देने में नाकाम रहा है।

विपक्ष का आरोप है कि शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च अपेक्षा से कम है, जबकि चुनावी राज्यों को ध्यान में रखकर घोषणाएं की गई हैं। बसपा नेताओं ने दलित और पिछड़े वर्ग के लिए बजट को निराशाजनक बताया।

आम जनता की मिली-जुली प्रतिक्रिया

बजट को लेकर आम लोगों की राय भी बंटी हुई नजर आई। व्यापारी वर्ग ने टैक्स राहत का स्वागत किया, जबकि नौकरीपेशा युवाओं ने रोजगार को लेकर और ठोस कदमों की मांग की।

किसानों का कहना है कि योजनाएं अच्छी हैं, लेकिन उनका जमीनी क्रियान्वयन जरूरी है।

नजरें अब अमल पर

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बजट 2026 का असर आने वाले महीनों में दिखेगा। असली परीक्षा इस बात की होगी कि घोषित योजनाएं कितनी तेजी से जमीन पर उतरती हैं।

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Raebareli News: यह बजट आम आदमी की बजाय बड़े उद्योगों और पूंजीगत हितों को अधिक प्राथमिकता-अतुल सिंह

Raebareli News: रायबरेली मोदी सरकार ने केंद्रीय बजट से आम नागरिक,मध्यम वर्ग,किसानों और युवाओं को महंगाई से राहत, रोजगार सृजन और बेहतर सार्वजनिक सेवाओं को निराशा हुई है बजट का समग्र अध्ययन यह दर्शाता है कि यह आम जनता की जमीनी समस्याओं को प्राथमिकता देने में कमजोर रहा है।

बढ़ती महंगाई, शिक्षा,स्वास्थ्य,आवास और रोजमर्रा के खर्चों के मुकाबले अपर्याप्त है।

महंगाई नियंत्रण के लिए पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और आवश्यक वस्तुओं पर कोई ठोस राहत नहीं दी गई,जबकि यही खर्च आम परिवार को सबसे अधिक प्रभावित करते हैं।


बेरोजगारी देश की एक गंभीर समस्या बनी हुई है। स्थायी और गुणवत्तापूर्ण नौकरियों के लिए कोई स्पष्ट कार्ययोजना सामने नहीं आई, जिससे विशेषकर शिक्षित युवाओं में निराशा है।

कृषि क्षेत्र में किसानों की आय बढ़ाने के दावे दोहराए गए, परंतु खेती की बढ़ती लागत, एमएसपी की गारंटी और छोटे किसानों की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।

स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे बुनियादी क्षेत्रों में अपेक्षित निवेश की कमी और निजीकरण पर बढ़ता जोर चिंता का विषय है।

यह बजट आम आदमी की जरूरतों के बजाय बड़े उद्योगों को प्राथमिकता देने वाला है। देश को ऐसे बजट की आवश्यकता है जो आम नागरिक के जीवन में वास्तविक राहत और भरोसा पैदा करे।

रिपोर्ट - नरेन्द्र सिंह, रायबरेली

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Firozabad News: बजट पर अखिलेश को क्या पता? पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह का बड़ा बयान

फिरोजाबाद। केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए आम बजट को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने इसे ऐतिहासिक और दूरदर्शी करार दिया है। फिरोजाबाद में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की बजट पर की गई टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। पर्यटन मंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव को बजट की समझ नहीं है, तभी वे बिना तथ्य जाने इस पर टिप्पणी कर रहे हैं, जबकि देश और प्रदेश के अधिकांश लोग बजट का स्वागत कर रहे हैं।

बजट को लेकर विपक्ष पर हमला

जयवीर सिंह ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा पेश किया गया बजट विकास, रोजगार और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत कदम है। उन्होंने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग केवल राजनीति की नजर से बजट देखते हैं, उन्हें इसके दूरगामी परिणाम समझ नहीं आते।

पर्यटन को मिला बड़ा बढ़ावा

पर्यटन मंत्री ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि इस बजट में पर्यटन क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने बताया कि जब एक पर्यटक किसी राज्य या देश में आता है, तो वह प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब छह लोगों को रोजगार देता है। होटल, ट्रांसपोर्ट, गाइड, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यवसायों को इसका सीधा लाभ मिलता है।


उत्तर प्रदेश में पर्यटन का रिकॉर्ड ग्रोथ

जयवीर सिंह ने कहा कि वर्ष 2017 में जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनी थी, तब उत्तर प्रदेश में पर्यटकों की संख्या करीब 23 करोड़ थी। आज दिसंबर तक यह संख्या बढ़कर 137 करोड़ तक पहुंच चुकी है। यह प्रदेश सरकार की पर्यटन नीति और बेहतर कानून-व्यवस्था का परिणाम है।

पर्यटन हब बनने की दिशा में यूपी

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश और पूरे देश को पर्यटन का बड़ा हब बनाना है। दुनिया के कई देश केवल पर्यटन के भरोसे अपनी पूरी अर्थव्यवस्था चला रहे हैं। भारत में भी इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं।

देश में ही खर्च हो देश का पैसा

पर्यटन मंत्री ने अपील करते हुए कहा कि भारतीय नागरिकों को विदेश घूमने के बजाय अपने ही देश में पर्यटन को बढ़ावा देना चाहिए, जिससे देश का राजस्व देश में ही बना रहे। साथ ही, विदेशी पर्यटकों को भारत आने के लिए आकर्षित करना सरकार की प्राथमिकता है।

हर विधानसभा में पर्यटन गतिविधियां

जयवीर सिंह ने दावा किया कि आज उत्तर प्रदेश की हर विधानसभा में किसी न किसी रूप में पर्यटन से जुड़े कार्य हो रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा है।

बाइट: जयवीर सिंह, पर्यटन मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार

रिपोर्ट- बृजेश राठौर, फ़िरोज़ाबाद

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Amethi News: केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट देश व अमेठी के विकास को नई दिशा देने वाला-सुधांशु शुक्ला

Amethi News: अमेठी। भारतीय जनता पार्टी अमेठी के जिला अध्यक्ष सुधांशु शुक्ल ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए आम बजट का स्वागत करते हुए इसे जनकल्याणकारी, विकासोन्मुखी एवं आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मील का पत्थर बताया है।

केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट को भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय गौरीगंज सहित जनपद के सभी प्रमुख स्थानों पर पार्टी के कार्यकर्ताओं एवं आम जनमानस द्वारा टेलीविजन एवं अन्य माध्यमों से सामूहिक रूप से सुना गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों में बजट को लेकर उत्साह और सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली।


इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष सुधांशु शुक्ला ने कहा कि केंद्र सरकार का यह बजट किसान, युवा, महिला, गरीब और मध्यम वर्ग सभी के लिए आशा और अवसर लेकर आया है। बजट में कृषि, ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर दिया गया है, जिससे अमेठी जनपद को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में सहायता मिलेगी। यह बजट प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को और अधिक मजबूती प्रदान करता है।

वहीं भाजपा प्रवक्ता चन्द्रमौलि सिंह ने कहा कि यह बजट गरीब कल्याण, रोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तिकरण का संतुलित दस्तावेज है। युवाओं के लिए कौशल विकास, स्वरोजगार एवं स्टार्टअप को बढ़ावा देने, महिलाओं के सशक्तिकरण तथा ग्रामीण व शहरी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से अमेठी सहित पूरे देश को व्यापक लाभ मिलेगा। यह बजट सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास की भावना को साकार करता है।भाजपा अमेठी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक और सशक्त कदम है।


इस अवसर पर गौरीगंज स्थित जिला भाजपा कार्यालय पर निवर्तमान जिला अध्यक्ष राम प्रसाद मिश्रा पूर्व जिला अध्यक्ष उमाशंकर पांडे जिला महामंत्री केशव प्रसाद सिंह, प्रवक्ता चन्द्रमौलि सिंह,युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष विषुव मिश्रा,जिला महामंत्री भागीरथी मौर्य शाहिद सभी प्रमुख कार्यकर्ता व आमजन उपस्थित होकर प्रस्तुत बजट को सुना।

रिपोर्ट- सूर्यभान द्विवेदी, अमेठी

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Meerut News: केंद्रीय बजट 2026 पर मिली-जुली प्रतिक्रिया, अर्थशास्त्रियों ने बताया संतुलित, किसान संगठनों ने जताई नाराजगी

Meerut News: मेरठ, 1 फरवरी। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय अस्थिरता और बढ़ते व्यापार विभाजन की चुनौतियों के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शनिवार को प्रस्तुत ₹53.5 लाख करोड़ के केंद्रीय बजट 2026 को लेकर विभिन्न वर्गों से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जहां अर्थशास्त्रियों ने इसे आर्थिक नीति में निरंतरता और प्राथमिकताओं का संतुलित दस्तावेज बताया है, वहीं किसान संगठनों ने बजट को निराशाजनक करार देते हुए किसानों और युवाओं की अनदेखी का आरोप लगाया है। दूसरी ओर भाजपा नेताओं ने इसे विकसित भारत की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है।


चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के अर्थशास्त्र विभाग के आचार्य एवं भारतीय आर्थिक परिषद के पूर्व सचिव प्रो. दिनेश कुमार ने पीटीआई-भाषा से कहा कि यह बजट भले ही प्रत्यक्ष रूप से लोकलुभावन न हो, लेकिन यह निरंतरता और प्राथमिकताओं के आधार पर आर्थिक प्रबंधन का एक कुशल दस्तावेज है। उन्होंने कहा कि जहां बजट 2025–26 का फोकस महामारी के बाद आर्थिक स्थिरता और निवेश को गति देने पर था, वहीं बजट 2026–27 विकास की निरंतरता, राजकोषीय अनुशासन और दीर्घकालिक संरचनात्मक सुधारों पर अधिक केंद्रित है।

प्रो. कुमार के अनुसार बजट में गैर-ऋण प्राप्तियां ₹36.5 लाख करोड़ और कुल व्यय ₹53.5 लाख करोड़ अनुमानित किए गए हैं। केंद्र की शुद्ध कर प्राप्तियां ₹28.7 लाख करोड़ आंकी गई हैं। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2026–27 में राजकोषीय घाटा घटाकर 4.3 प्रतिशत किया गया है, जबकि केंद्र सरकार का ऋण-से-जीडीपी अनुपात 55.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। उन्होंने पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ किए जाने को अधोसंरचना और निजी निवेश के लिए सकारात्मक बताया।


शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए प्रावधानों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में बालिका छात्रावास स्थापित करने और स्वास्थ्य बजट बढ़ाने से मानव पूंजी निर्माण को बल मिलेगा।

वहीं भारतीय किसान यूनियन के मेरठ जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने बजट को देश के इतिहास का सबसे निराशाजनक बजट बताते हुए कहा कि इसमें किसानों और युवाओं का जिक्र तक नहीं है। उन्होंने कहा कि किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और युवा रोजगार के नए अवसरों की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन किसान, युवा, मजदूर और गृहिणियां सभी वर्ग खाली हाथ रह गए हैं।

युवा किसान वीरपाल सुरानी ने कहा कि बजट में युवा किसानों को कोई राहत या सहायता नहीं दी गई है। किसान जसबीर सिंह (पबला, इंचौली) ने कहा कि एमएसपी का उल्लेख न होना किसानों के साथ धोखा है। टिकरी जानी निवासी किसान मोनू ने कहा कि किसान कर्ज में डूबा है और बजट से कोई ठोस राहत नहीं मिली। सरूरपुर निवासी किसान विनोद ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान योजना की राशि बढ़ाए जाने और विशेष पैकेज की उम्मीद थी, लेकिन बजट में ऐसा कोई प्रावधान नहीं किया गया।


दूसरी ओर भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष विनीत अग्रवाल शारदा ने बजट 2026 को ऐतिहासिक और अभूतपूर्व बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने वाला है। उन्होंने कहा कि बजट में व्यापारी, उद्योग, किसान, युवा, मातृशक्ति और आम नागरिक—सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखा गया है।

विनीत अग्रवाल शारदा ने कहा कि एमएसएमई और छोटे व्यापारियों के लिए सरल ऋण व्यवस्था, निवेश प्रोत्साहन और टेक्सटाइल पार्क जैसे प्रावधानों से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, विशेषकर मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में व्यापार और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह बजट देश के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में मजबूत कदम है।

रिपोर्ट- सुशील कुमार, मेरठ

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Sonbhadra News: पावर सेक्टर और बिजली कर्मचारियों के लिए निराशाजनक रहा केंद्रीय बजट 2026 : शैलेन्द्र दुबे

Sonbhadra News: सोनभद्र।ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026 को पावर सेक्टर और बिजली कर्मचारियों के लिए बेहद निराशाजनक करार दिया है। उन्होंने कहा कि इस बजट से बिजली क्षेत्र को लेकर जिन सुधारों और राहत की उम्मीद की जा रही थी, वे पूरी तरह से टूट गई हैं।

शैलेन्द्र दुबे ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की विद्युत वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) लगातार गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही हैं। उनके घाटे बढ़ते जा रहे हैं, जिससे न सिर्फ बिजली आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि कर्मचारियों और अभियंताओं के भविष्य पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। बजट से यह अपेक्षा थी कि डिस्कॉम के घाटे को कम करने, उनकी वित्तीय स्थिति सुधारने और उन्हें मजबूत बनाने के लिए ठोस व स्पष्ट प्रावधान किए जाएंगे, लेकिन बजट में इस दिशा में कोई ठोस पहल नजर नहीं आई।

उन्होंने ट्रांसमिशन सेक्टर का जिक्र करते हुए कहा कि टैरिफ बेस्ड कॉम्पिटेटिव बिडिंग (टीबीसीबी) के नाम पर तेजी से हो रहे निजीकरण पर रोक लगाने की घोषणा की उम्मीद थी। यह विषय केवल आर्थिक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। इसके बावजूद बजट में इस गंभीर मुद्दे पर पूरी तरह चुप्पी साध ली गई, जो चिंता का विषय है।


शैलेन्द्र दुबे ने कहा कि देश में सबसे सस्ती और विश्वसनीय बिजली उपलब्ध कराने के लिए नए सार्वजनिक क्षेत्र के बिजली घरों की स्थापना बेहद जरूरी है, लेकिन बजट 2026 में इस पर भी कोई चर्चा नहीं की गई। बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण—तीनों ही महत्वपूर्ण क्षेत्रों को लेकर सरकार की कोई स्पष्ट नीति या दिशा इस बजट में सामने नहीं आई, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि कर्मचारी वर्ग के लिए भी बजट 2026 उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। बिजली कर्मचारियों सहित देश के लाखों कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली, इनकम टैक्स छूट सीमा बढ़ाने और स्टैंडर्ड डिडक्शन में वृद्धि जैसी घोषणाओं की आस थी, लेकिन इन सभी मुद्दों पर बजट पूरी तरह मौन रहा।

शैलेन्द्र दुबे ने पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (पीएफसी) और रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉरपोरेशन (आरईसी) के पुनर्गठन की घोषणा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि पुनर्गठन किस रूप में होगा। आशंका है कि कहीं इसे राज्यों के पावर सेक्टर को मिलने वाली वित्तीय सहायता को शर्तों से जोड़कर निजीकरण की दिशा में बढ़ाने का माध्यम न बना दिया जाए।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पीएफसी और आरईसी के पुनर्गठन के नाम पर बिजली क्षेत्र के निजीकरण की कोई भी कोशिश की गई, तो देशभर के बिजली कर्मचारी और अभियंता एकजुट होकर इसका पुरजोर और निर्णायक विरोध करेंगे।

रिपोर्ट- मिथिलेश देव पाण्डेय, सोनभद्र

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Jaunpur News: बजट का सजीव प्रसारण: पीयू में वीसी की अध्यक्षता में समिति ने देखा

Jaunpur News: जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने माननीय कुलाधिपति एवं राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेल जी के निर्देशों के क्रम में केंद्रीय बजट 2026-27 के गहन अध्ययन हेतु एक विशेष समिति का गठन किया है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट और आगामी बजट के प्रावधानों का विश्लेषण करने के उद्देश्य से गठित इस समिति ने रविवार को कुलपति प्रो. वंदना सिंह की अध्यक्षता में बजट का सजीव प्रसारण देखा और विश्वविद्यालय की भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत विमर्श किया।

अनुसंधान, नवाचार के नए रोडमैप पर चर्चा के लिए समिति गठित

बजट के प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 अनुसंधान, नवाचार और उन्नत प्रौद्योगिकी को भारत के आर्थिक विकास की आधारशिला के रूप में स्थापित करता है। उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए बताया कि बजट में सेमीकंडक्टर, जैव-प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डिजिटल अनुसंधान को विशेष प्राथमिकता दी गई है। प्रो. सिंह ने विस्तार से जानकारी दी कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के लिए आवंटित ₹40,000 करोड़ से चिप निर्माण और सामग्री अनुसंधान में तेजी आएगी, जिससे उद्योग-शैक्षणिक सहयोग के नए द्वार खुलेंगे।


चर्चा को आगे बढ़ाते हुए कुलपति ने बताया कि स्वास्थ्य और जीवन विज्ञान में 'बायोफार्मा शक्ति' योजना के तहत अगले पांच वर्षों में होने वाला ₹10,000 करोड़ का निवेश शोधार्थियों के लिए बड़े अवसर पैदा करेगा। उन्होंने जोर दिया कि विश्वविद्यालय अब एआई और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से लैब-टू-मार्केट अनुसंधान को गति देने पर ध्यान केंद्रित करेगा। साथ ही चिकित्सा, अनुप्रयुक्त मनोविज्ञान एवं योग जैसे विषयों में अनुसंधान को सशक्त बनाया जाएगा। प्रो. सिंह ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय पहले से ही नवीकरणीय ऊर्जा एवं जल अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में सक्रिय है और अब सरकारी प्राथमिकताओं के अनुरूप इन क्षेत्रों में और अधिक प्रभावी योगदान देने की तैयारी है।

समिति का मुख्य उद्देश्य बजट के उन सभी पहलुओं की पहचान कर एक समेकित रिपोर्ट तैयार करना है, जो उच्च शिक्षा और अनुसंधान के बुनियादी ढांचे को मजबूत कर सकें। यह रिपोर्ट भविष्य में छात्रहित की योजनाओं और नीतिगत ढांचे के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगी।

इस अवसर पर प्रो. सौरभ पाल, डॉ. विक्रांत भटेजा, डॉ. धीरेन्द्र चौधरी, डॉ. काजल डे, डॉ. रमांशु प्रताप सिंह सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

रिपोर्ट- निलेश सिंह, जौनपुर

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Raebareli News: सबका साथ-सबका विकास" के मंत्र के साथ जन-विश्वास की बुनियाद को मजबूत करेगा यह बजट- दिनेश प्रताप सिंह ​

Raebareli News: रायबरेली / लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किए गए बजट की सराहना करते हुए इसे 'सर्वस्पर्शी, समावेशी और जनहितकारी' करार दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में यह बजट भारत को आर्थिक महाशक्ति बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

​बजट की मुख्य विशेषताएं: राज्यमंत्री के वक्तव्य के प्रमुख बिंदु ​सशक्त बुनियादी ढांचा: मंत्री जी ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट विनिर्माण, सेमीकंडक्टर, बायो-परमाणु शक्ति और उन्नत विनिर्माण पर जोर देकर सरकार ने भारत के औद्योगिक भविष्य को सुरक्षित किया है। ​

कृषि और बागवानी का कायाकल्प: बजट में कम उपज वाले फल उद्यानों के पुनरुद्धार और अखरोट, बादाम व खुमानी जैसे उच्च घनत्व वाले बागवानी क्षेत्रों को बढ़ावा देने के प्रावधान किसानों के लिए क्रांतिकारी साबित होंगे। ​विकास भी, विरासत भी: 200 से अधिक पुराने औद्योगिक समूहों को पुनर्जीवित करने और वस्त्र उद्योग के एकीकृत कार्यक्रमों के जरिए सरकार ने परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत समन्वय पेश किया है। ​ऊर्जा और पर्यावरण: सौर ऊर्जा आधारित परियोजनाओं के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना अब धरातल पर उतरेगी। ​


सामाजिक कल्याण: बजट में ग्रामीण-शहरी विकास के साथ-साथ पशुपालन और मत्स्य पालन को दिए गए प्रोत्साहन से समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को लाभ मिलेगा। ​प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री का जताया आभार ​राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि यह बजट युवाओं के लिए रोजगार, महिलाओं के लिए सम्मान और व्यापार जगत के लिए संबल लेकर आया है। ​

"मैं रायबरेली और समस्त उत्तर प्रदेश वासियों की ओर से माननीय प्रधानमंत्री जी और माननीय वित्त मंत्री जी को इस ऐतिहासिक बजट के लिए हृदय से धन्यवाद देता हूँ। यह बजट विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने वाला है।"

— दिनेश प्रताप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), उ.प्र. सरकार

रिपोर्ट- नरेन्द्र सिंह, रायबरेली

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Shashi kant gautam

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