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Chandauli News: गांव से मुंबई तक का सफर: छठ गीतों से शुरू हुआ सफर, अभय लाल यादव बने भोजपुरी फिल्मों के हीरो
Chandauli News: अभय लाल यादव ने अपने करियर की शुरुआत गांव में छठ पर्व पर भक्ति गीत गाने से की थी। धीरे-धीरे उनकी गायकी और अभिनय का हुनर निखरता गया।
अभय लाल यादव बने भोजपुरी फिल्मों के हीरो, गांव से मुंबई तक का सफर (Photo- Newstrack)
Chandauli News: चंदौली जिले के कमालपुर कस्बा निवासी रामबिलास यादव के पुत्र अभय लाल यादव ने गांव के छठ गीतों से अपना सफर शुरू कर मुंबई की फिल्मी दुनिया में खास पहचान बना ली है। 28 वर्षीय अभय लाल, जिनके भीतर बचपन से ही हीरो बनने का जुनून था, आज भोजपुरी फिल्मों के चर्चित चेहरों में शामिल हो गए हैं।
गांव के मंच से शुरू, फिल्मों तक पहुंचा सफर
अभय लाल यादव ने अपने करियर की शुरुआत गांव में छठ पर्व पर भक्ति गीत गाने से की थी। धीरे-धीरे उनकी गायकी और अभिनय का हुनर निखरता गया। उन्होंने अपने दम पर फिल्मी दुनिया में कदम रखा और अब तक पांच भोजपुरी फिल्मों में न सिर्फ मुख्य भूमिका निभाई है, बल्कि फिल्मों के गीत भी खुद गाए हैं।
बड़ी म्यूजिक कंपनियों में बज रहा नाम
अभय लाल ने अब तक टी-सीरीज, बेबी म्यूजिक, चंदा कैसेट, सोनू टेक जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों के लिए 1200 से अधिक भजन और गाने रिकॉर्ड किए हैं। उनकी आवाज़ और अभिनय ने उन्हें भोजपुरिया दर्शकों के बीच खास मुकाम दिलाया है।
इन फिल्मों में कर चुके हैं अभिनय
अभय लाल यादव ने बताया कि उन्होंने ‘पान खाए सइयां हमार’, ‘बलमुआ बल्टा वाला’, ‘उड़न बाज चिरई’, ‘ईमान धर्म’, और ‘इलेवन इडियट’ जैसी फिल्मों में काम किया है। ये सभी फिल्में भोजपुरिया दर्शकों के बीच खूब पसंद की गई हैं।
अपनी माटी से अब भी गहरा जुड़ाव
भले ही अभय अब मुंबई में रहते हैं, लेकिन उनका दिल आज भी अपने गांव और माटी से जुड़ा है। वे हर साल छठ पर्व पर अपने गांव लौटते हैं और छठ मइया के गीतों के माध्यम से श्रद्धा से ओतप्रोत कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हैं। उनका कहना है –
"जब तक जान है, तब तक छठ मइया के गीत गाता रहूंगा, चाहे जहां भी रहूं। अपनी धरती और आस्था से जुड़ाव मेरी सबसे बड़ी ताकत है।"
संघर्षों से पाई पहचान
अभय ने बताया कि उन्होंने अपने बलबूते पर यह मुकाम हासिल किया है। उनके साथ फिल्म निर्देशक और निर्माता अजय कुमार यादव भी कार्य कर रहे हैं। अभय युवाओं के लिए एक प्रेरणा बनकर उभरे हैं, जिन्होंने गांव के माहौल से निकलकर मेहनत और प्रतिभा के बल पर फिल्मी दुनिया में अपनी जगह बनाई।
"गांव की गलियों से निकलकर मुंबई की चकाचौंध में चमकते सितारे तक का यह सफर अभय लाल यादव जैसे कलाकारों की मेहनत, जज्बा और जुनून की मिसाल है।"


