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Chandauli News: चंदौली में विजयादशमी पर 108-102 एम्बुलेंस कर्मियों ने लिया मरीजों की सेवा का संकल्प
Chandauli News: चंदौली में विजयादशमी पर 108 और 102 एम्बुलेंस सेवा के कर्मचारियों ने मरीजों की सेवा और त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का संकल्प लिया।
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Chandauli News: बुराई पर अच्छाई की जीत और धर्म की स्थापना के पावन पर्व विजयादशमी का उल्लास पूरे देश में छाया रहा, लेकिन चंदौली जिले में 108 और 102 एम्बुलेंस सेवा के कर्मचारियों ने इस त्योहार को एक बिल्कुल अलग और प्रेरणादायक अंदाज में मनाया। जहां एक ओर पूरा समाज उत्सव के रंग में डूबा था, वहीं इन आपातकालीन सेवा प्रदाताओं ने अपनी छुट्टियों की परवाह किए बिना मरीजों की जीवन रक्षा को ही अपना सबसे बड़ा धर्म मानकर एक नई मिसाल पेश की। इस अनूठी पहल से न केवल महकमे में उत्साह दिखा, बल्कि आम जनता के बीच भी एक सकारात्मक संदेश गया।
विधिवत पूजन और संकल्प का सजीव माहौल
कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और पूरी श्रद्धा के साथ एम्बुलेंस वाहनों के पूजन से हुई। प्रोग्राम मैनेजर वरुण कुमार के कुशल नेतृत्व, रीजनल मैनेजर प्रमोद चौबे और जिला प्रभारी विकास की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस समारोह में कर्मचारियों ने एक-दूसरे को विजयदशमी की बधाई दी और मुंह मीठा कराया। इसके बाद सभी कर्मियों ने एक सुर में यह महा-संकल्प लिया कि जनपद के किसी भी कोने से आपातकालीन कॉल आने पर वे न्यूनतम समय में मौके पर पहुंचेंगे और जरूरतमंदों को त्वरित चिकित्सा सुविधा मुहैया कराएंगे।
सेवा ही सबसे बड़ा धर्म: वरुण कुमार
समारोह को संबोधित करते हुए प्रोग्राम मैनेजर वरुण कुमार ने कर्मचारियों के समर्पण की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि हमारे पायलट और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) त्योहारों के कठिन पलों में भी मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभाते हैं। उन्होंने बल देते हुए कहा, "विजयादशमी का यह पावन पर्व हमें बुराई के साथ-साथ हर प्रकार की असहजता और विलंब पर जीत हासिल करने की प्रेरणा देता है। हमारा मुख्य उद्देश्य जिले के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ समय पर पहुंचाना है।"
त्वरित रिस्पॉन्स और संवेदनशीलता पर जोर
इस अवसर पर रीजनल मैनेजर प्रमोद चौबे और जिला प्रभारी विकास ने भी कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने निर्देश दिया कि आपात स्थिति में रिस्पॉन्स टाइम को जितना संभव हो सके कम किया जाए, ताकि मरीज को समय रहते अस्पताल पहुंचाया जा सके। अधिकारियों के इन प्रेरणादायक वचनों ने कर्मियों में नई ऊर्जा का संचार किया। इस प्रेरणादायी आयोजन ने यह साबित कर दिया कि असली पर्व वही है जो जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान ले आए।
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