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Chandauli News: रिलीविंग ऑर्डर के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप, रोती रही महिला ANM,तत्काल CMO ने लिया संज्ञान
Chandauli News: चंदौली CMO कार्यालय में रिलीविंग ऑर्डर के लिए रिश्वत मांगने का आरोप, महिला ANM रोई; CMO के हस्तक्षेप से तुरंत आदेश मिला।
Chandauli News: चंदौली जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय में उस समय हंगामे जैसी स्थिति बन गई, जब वाराणसी स्थानांतरित एक महिला एएनएम रिलीविंग ऑर्डर लेने के लिए कार्यालय के बाबू का चक्कर लगा रही थी,जब बाबू द्वारा उसे फिर तक मटोल किया जाने लगा तब वह प्रतीक्षालय कुर्सी पर बैठ कर फूट-फूटकर रोने लगी।
जानकारी के अनुसार, महिला स्वास्थ्य विभाग में एएनएम पद पर तैनात है और उसका स्थानांतरण वाराणसी हो चुका है। आरोप है कि रिलीविंग ऑर्डर जारी करने के लिए CMO कार्यालय में तैनात केशव बाबू ने उससे ज्यादा पैसे की मांग की। महिला का कहना है कि उसने कुछ रुपये देने की बात कही, लेकिन अधिक पैसे मांगे जाने के कारण उसका काम नहीं किया गया और वह परेशान रही। बाबू द्वारा कहा गया कि हमारे यहां से काम नहीं होगा जाओ सीएमओ से कराओ।
बाद में महिला ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से मिलकर अपनी पूरी व्यथा सुनाई। सीएमओ ने उसे बाहर बैठकर आदेश प्राप्त करने का आश्वासन दिया। इसके बावजूद महिला भावुक होकर बाहर रोने लगी, जिससे कार्यालय में मौजूद लोगों और मीडिया का ध्यान उसकी ओर गया।
मामले की जानकारी होने पर मीडिया ने इसका विरोध जताया। इसके बाद कार्यालय में हलचल मच गई और आरोपित बाबू केशव द्वारा तत्काल रिलीविंग ऑर्डर तैयार कर महिला को सौंप दिया गया।
आपको बता दें की मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में तैनात केशव बाबू पर मानमती पैसा नहीं देने के कारण रेलिंग रिलीविंग आर्डर नहीं बनाने का आरोप लगाया गया यही नहीं महिला पीड़ित महिला पीड़ित महिला पीड़ित महिला अपना सब के पास पहुंची जिस पर सीएमओ ने तत्काल मामले का संज्ञान लेते हुए महिला को प्रतीक्षा करने का निर्देश दिया और कहा तत्काल आपका स्थानांतरण आदेश बनाया जा रहा है। सीएमओ के इस आश्वासन के बाद बाहर महिला एनम बैठकर रो-रो कर बाबू के कारनामों को बताने लगी ।आरोप है कि कई दिनों से महिला स्थानांतरण के लिए चक्कर लगा रही थी लेकिन बाबू द्वारा टालमटोल किया जा रहा था ।मुख्य चिकित्सा अधिकारी के हस्तक्षेप के बाद जाकर मामला शांत हुआ और महिला को रिलीविंग आर्डर मुहैया कराया गया।
सवाल है कि इस तरह बाबू की बाबू गिरी से जब विभाग के कर्मचारी अधिकारी परेशान है तो आम जनता का क्या हाल होता होगा।


