Chandauli News: 30 सूत्रीय मांगों को लेकर शिक्षकों का विरोध, काली पट्टी बांधकर जताया आक्रोश

Chandauli News: चंदौली के पीजी कॉलेज में फुपुक्टा के आह्वान पर शिक्षकों ने 30 सूत्रीय मांगों को लेकर हाथों में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। तीन दिवसीय प्रदेशव्यापी आंदोलन 2 से 4 नवंबर तक चलेगा।

Ashvini Mishra
Published on: 2 Nov 2026 3:49 PM IST
Chandauli News: 30 सूत्रीय मांगों को लेकर शिक्षकों का विरोध, काली पट्टी बांधकर जताया आक्रोश
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Chandauli News: चंदौली के पी जी कलेजा में शिक्षकों ने उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक महासंघ (फुपुक्टा) के आह्वान पर अपनी 30 सूत्री लंबित मांगों के समर्थन में हाथों पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेशव्यापी आंदोलन के प्रथम चरण के तहत यह प्रदर्शन 2, 3 और 4 नवंबर तक तीन दिनों तक चलेगा। इसमें महाविद्यालय के अनुदानित और स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों में कार्यरत शिक्षकों ने एकजुट होकर सहभागिता की।

शिक्षकों ने कहा कि लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर शासन और संबंधित विभागों का ध्यान आकृष्ट कराने के उद्देश्य से आंदोलन शुरू किया गया है। उनका कहना है कि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने, बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने तथा शिक्षकों की सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए उनकी जायज मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना आवश्यक है।फुपुक्टा की प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन योजना की बहाली, शिक्षकों की अधिवर्षता आयु 62 से बढ़ाकर 65 वर्ष किए जाने, चिकित्सकीय अवकाश की सुविधा देने और स्थानांतरण प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाने की मांग शामिल है। इसके साथ ही प्रोफेसर पदनाम अर्हता प्राप्त करने की तिथि से दिए जाने, एनपीएस से जुड़ी समस्याओं के समाधान तथा शोध एवं शैक्षणिक संगोष्ठियों के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई।

शिक्षकों ने अनुदानित महाविद्यालयों में संचालित स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों की व्यवस्था समाप्त कर उन्हें अनुदानित व्यवस्था में शामिल करने तथा इन पाठ्यक्रमों में कार्यरत शिक्षकों को यूजीसी वेतनमान देने की मांग पर भी जोर दिया। शिक्षकों का कहना है कि समान शैक्षणिक दायित्व निभाने वाले शिक्षकों की सेवा शर्तों और वेतन संबंधी सुविधाओं में असमानता समाप्त की जानी चाहिए।इसके अलावा सेवानिवृत्त शिक्षकों के जीपीएफ भुगतान की समस्याओं का शीघ्र समाधान, महाविद्यालय के प्रोफेसरों को विश्वविद्यालय की विभिन्न प्राधिकारी परिषदों में समुचित प्रतिनिधित्व, परीक्षा पारिश्रमिक तथा उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन से संबंधित यात्रा भत्ते का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने की मांग भी शामिल है।शिक्षकों ने कहा कि उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

सेवा सुरक्षा, सम्मानजनक सेवा शर्तें, सामाजिक सुरक्षा और शैक्षणिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान शिक्षकों के साथ-साथ प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था के हित में भी आवश्यक है। मांगों के लंबे समय से लंबित रहने के कारण शिक्षकों में असंतोष है।इस अवसर पर शिक्षक संघ जिला अध्यक्ष प्रो. दयानिधि सिंह यादव, प्रो. इंद्रदेव सिंह, प्रो. महेंद्र प्रताप सिंह, प्रो. शमीम राईन, डॉ. राजेश यादव, डॉ. इंद्रजीत सिंह, डॉ. अजय यादव, डॉ. संदीप सिंह, डॉ. यज्ञनाथ, डॉ. सीता मिश्र, डॉ. जितेंद्र यादव, डॉ. श्यामलाल यादव, डॉ. वंदना, डॉ. अमन, डॉ. रजनीश गुप्त, डॉ. अनामिका सिंह सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।

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Ashvini Mishra

वरिष्ठ संवाददाता, चंदौलीreporter.ashvini@gmail.com

मैं 2006 से पत्रकारिता कर रहा हूं, शुरुआत समाचार ज्योति दैनिक पेपर से की,फिर 2010 से इलेक्ट्रानिक मीडिया के क्षेत्र में A2Z न्यूज चैनल ज्वाइन किया, फिर K news में रहा, इसके बाद कैमूर टाइम्स और चंदौली समाचार से होते हुए वर्तमान में न्यूज ट्रैक के लिए काम कर रहा हूं।

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