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Chandauli News: मुगलसराय में संदिग्ध साइबर गैंग के ठिकाने पर पुलिस का छापा, कई हिरासत में
Chandauli News: मुगलसराय में सीओ अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच और पुलिस की संयुक्त टीम ने की छापेमारी, संदिग्धों के नेटवर्क और लेनदेन की जांच जारी।
Chandauli News: चंदौली के मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र में कथित साइबर गैंग की गतिविधियों की सूचना पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सीओ अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच, सर्विलांस सेल और मुगलसराय पुलिस की संयुक्त टीम ने एक संदिग्ध ठिकाने पर छापेमारी की। अचानक हुई पुलिस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस टीम ने मौके से कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
जानकारी के अनुसार, पुलिस को मुगलसराय क्षेत्र में साइबर ठगी से जुड़ी कथित गतिविधियां संचालित होने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और मंगलवार को संयुक्त टीम ने बताए गए स्थान पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके पर मौजूद कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हिरासत में लिए गए संदिग्धों से साइबर नेटवर्क और उससे जुड़ी गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित नेटवर्क का संचालन किस स्तर पर हो रहा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं। इसके अलावा संदिग्धों के संपर्क, लेनदेन और अन्य गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
अचानक पुलिस टीम के पहुंचने से मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। आसपास के लोगों की भी भीड़ जुट गई। हालांकि पुलिस ने जांच प्रभावित न हो, इसके लिए मौके पर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी।कार्रवाई के संबंध में सीओ अरुण कुमार सिंह से जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फिलहाल मामले पर कोई विस्तृत टिप्पणी करने से इनकार किया। पुलिस अधिकारी जांच पूरी होने के बाद ही कार्रवाई से जुड़ी जानकारी सामने आने की बात कह रहे हैं।
फिलहाल पुलिस हिरासत में लिए गए कई संदिग्धों से पूछताछ के साथ ही कथित साइबर नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कहीं इस गतिविधि के तार जिले से बाहर संचालित किसी नेटवर्क से तो नहीं जुड़े हैं।
मुगलसराय में हुई इस कार्रवाई के बाद साइबर अपराध को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि पुलिस जांच पूरी होने और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हिरासत में लिए गए लोगों की भूमिका क्या है और कथित साइबर गैंग का नेटवर्क कितना बड़ा है।


