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Chandauli News: डीएफसी और रेलवे सुरक्षा: तस्करों पर नकेल कसने और सुरक्षा बढ़ाने की तैयारी
Chandauli News: चंदौली में डीएफसी व रेलवे ने सुरक्षा बढ़ाई, शराब तस्करों की गतिविधियों पर रोक के लिए पूर्व सैनिकों की तैनाती
Chandauli News
Chandauli News:आगामी त्योहारों और बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर, ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) और रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने की तैयारी चल रही है। सुरक्षा का सबसे बड़ा फोकस शराब तस्करों पर है, जो खाली मालगाड़ियों का इस्तेमाल करके बिहार में अवैध रूप से शराब पहुंचाने की फिराक में रहते हैं। इस नापाक मंसूबे को सख्ती से विफल करने के लिए, पूर्व सैनिकों को तैनात किया गया है, जिससे DFC और रेल संपत्ति की सुरक्षा पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुई है।
सुरक्षा बैठक: समन्वय और निगरानी पर ज़ोर
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और DFC के सुरक्षा अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक 26 सितंबर, 2025 को हुई। इस बैठक की अध्यक्षता सुरक्षा महानिरीक्षक सह महाप्रबंधक आशीष मिश्रा ने की। बैठक में पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंडल के स्थानीय सुरक्षा प्रभारी, DFC के सुरक्षा अधिकारी और सोननगर से ऊंचडीह के बीच तैनात पूर्व सैनिक शामिल हुए।
मुख्य रूप से, RPF और DFC के सुरक्षा कर्मियों को बेहतर तालमेल के साथ काम करने का निर्देश दिया गया है। आगामी बिहार चुनाव और पर्व-त्योहारों के दौरान तस्करों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने पर ज़ोर दिया गया, ताकि वे खाली मालगाड़ियों का उपयोग करके तस्करी न कर सकें।
तस्करों के मंसूबों को करना है नाकाम
शराब तस्करी को रोकने के लिए अधिकारियों ने कड़े प्रहार की रणनीति बनाई है। सुरक्षा बल अब आपस में खुफिया जानकारी का बेहतर आदान-प्रदान करेंगे, ताकि तस्करों के मंसूबों की जानकारी समय पर मिल सके और उन्हें फेल किया जा सके। इसके अलावा, रेलवे परिसर के भीतर आने वाले DFC के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा की संयुक्त समीक्षा भी की जाएगी।सुरक्षा महानिरीक्षक ने DFC और रेल संपत्ति की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए अन्य आवश्यक निर्देश भी जारी किए।
पूर्व सैनिकों की तैनाती से सुरक्षा हुई मजबूत
इस बैठक में डीडीयू RPF के निरीक्षक प्रभारियों (पी के रावत, शहीद खान, अर्जुन यादव, संदीप कुमार), मंडल निरीक्षक (अरुण राम), और DFC के वरिष्ठ सुरक्षा निरीक्षकों (वी के सिंह, अखिलेश तिवारी) के अलावा 30 पूर्व सैनिकों ने भाग लिया।
वर्तमान में, 60 पूर्व सैनिकों को डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन (DFCC) की सुरक्षा में तैनात किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इन अनुभवी पूर्व सैनिकों की तैनाती के कारण DFC कॉरिडोर की सुरक्षा काफी मजबूत हुई है। उनकी विशेषज्ञता से रेल और DFC कॉरिडोर की सुरक्षा व्यवस्था और भी चाक-चौबंद हो गई है, जिससे अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण रखना आसान हो गया है।


