Chandauli News: उर्वरक दुकानों पर छापेमारी, 5 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी

Chandauli News: चंदौली में उर्वरक बिक्री केंद्रों पर प्रशासन की छापेमारी में 10 सैंपल लिए गए और अनियमितता मिलने पर 5 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। कृषि विभाग ने खाद की पर्याप्त उपलब्धता का दावा किया है।

Ashvini Mishra
Published on: 7 Aug 2026 8:39 PM IST
Chandauli News: उर्वरक दुकानों पर छापेमारी, 5 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी
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Chandauli News: चन्दौली अपर प्रमुख सचिव उ०प्र० शासन के निर्देशों के अनुपालन और जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के आदेश पर शुक्रवार को जिले में उर्वरक बिक्री केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया। शासन के सख्त रुख के बाद बनी संयुक्त टीमों ने तहसीलवार दुकानों पर छापेमारी कर कुल 10 सैंपल भरे। इस दौरान कई अनियमितताएं सामने आने पर 5 दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

निरीक्षण के दौरान जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव ने 'मे० गुप्ता खाद भण्डार' (कन्दवा) में वितरण रजिस्टर अधूरा मिलने और रेट बोर्ड न लगे होने पर नोटिस थमाया। वहीं, 'मे० प्रकाश खाद भण्डार' (तलाशपुर), 'मे० श्रीराम फर्टिलाइजर' (कन्दवां) और 'मे० आलोक उर्वरक केन्द्र' (कन्दवा) की दुकानें बंद मिलने पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके अलावा वरिष्ठ प्राविधिक सहायक (ग्रुप-ए) डॉ० पूजा त्रिपाठी द्वारा चकिया और नौगढ़ तहसील में की गई कार्रवाई के दौरान 'मे० रिशु कृषि केन्द्र' पर रेट बोर्ड और रजिस्टर अपडेट न पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।जिला कृषि अधिकारी ने किसानों को आश्वस्त किया कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। वर्तमान में 19,545 मीट्रिक टन यूरिया, 5,088 मीट्रिक टन डी०ए०पी०, 372 मीट्रिक टन एम०ओ०पी०, 3,992 मीट्रिक टन एन०पी०के० और 13,507 मीट्रिक टन एस०एस०पी० पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।

जिला कृषि अधिकारी एवं अन्य जांच अधिकारियों द्वारा किसानों से अपील किया कि उर्वरक खरीदते समय फार्मर आईडी साथ लाना अनिवार्य है। आईडी न होने की स्थिति में प्रमाणित खतौनी दिखाकर खाद ली जा सकती है। जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनी है, वे जल्द से जल्द बनवा लें। वही विक्रेताओं के लिए कहा कि सभी विक्रेताओं को बिक्री केंद्र पर लाइसेंस, रेट बोर्ड, स्टॉक और वितरण रजिस्टर अपडेट रखते हुए निर्धारित दरों पर ही खाद बेचने की हिदायत दी गई है।जिला कृषि अधिकारी ने चेतावनी दी है कि यदि किसी विक्रेता द्वारा ओवररेटिंग या अनियमितता की शिकायत साक्ष्य के साथ मिलती है, तो उसके खिलाफ 'उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985' और 'आवश्यक वस्तु अधिनियम (3/7)' के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Ashvini Mishra
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Ashvini Mishra

वरिष्ठ संवाददाता, चंदौलीreporter.ashvini@gmail.com

मैं 2006 से पत्रकारिता कर रहा हूं, शुरुआत समाचार ज्योति दैनिक पेपर से की,फिर 2010 से इलेक्ट्रानिक मीडिया के क्षेत्र में A2Z न्यूज चैनल ज्वाइन किया, फिर K news में रहा, इसके बाद कैमूर टाइम्स और चंदौली समाचार से होते हुए वर्तमान में न्यूज ट्रैक के लिए काम कर रहा हूं।

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