Chandauli News: प्राकृतिक खेती कार्यशाला: प्रभारी मंत्री संजीव गोंड ने बताया इसे भविष्य का आधार

Chandauli News: चंदौली में प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन हुआ, जिसमें प्रभारी मंत्री संजीव गोंड ने किसानों को रासायनिक खेती छोड़कर प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की।

Sunil Kumar
Published on: 18 Jun 2026 7:11 PM IST
Chandauli News: प्राकृतिक खेती कार्यशाला: प्रभारी मंत्री संजीव गोंड ने बताया इसे भविष्य का आधार
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Chandauli News: उत्तर प्रदेश के चंदौली में केंद्र सरकार के सुशासन के 12 वर्ष पूरे होने पर दो दिवसीय 'प्राकृतिक कार्यशाला एवं जन- जागरूकता अभियान' की शुरुआत हुई। कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रासायनिक खादों को छोड़कर किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करना है। इस भव्य आयोजन में जिले के प्रभारी मंत्री संजीव कुमार गोंड सहित कई बड़े जनप्रतिनिधि और सैकड़ों किसान शामिल हुए।

प्रभारी मंत्री संजीव गोंड ने कृषि कार्यशाला का किया उद्घाटन

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व चंदौली के प्रभारी मंत्री श्री संजीव कुमार गोंड ने दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का आगाज किया। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि रासायनिक खेती पर निर्भरता कम करके ही हम लागत घटा सकते हैं और देश को स्वस्थ बना सकते हैं। केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरी तरह गरीब और किसानों के कल्याण को समर्पित रहे हैं और प्राकृतिक खेती ही अब हमारे भविष्य का असली आधार है।

500 से अधिक किसानों ने लिया हिस्सा

इस जन-जागरूकता अभियान में चंदौली के करीब 400 से 500 प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम में मुगलसराय विधायक रमेश जायसवाल, चकिया विधायक कैलाश आचार्य, जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग और मुख्य विकास अधिकारी आर जगत साई समेत कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने किसानों को पारंपरिक और जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उप कृषि निदेशक भीमसेन ने मुख्य अतिथियों का स्वागत किया और प्राकृतिक खेती की रूपरेखा सामने रखी।

वैज्ञानिकों ने दिए 'सुपर एलनीनो' से निपटने के मंत्र

कार्यशाला में कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र रघुवंशी ने बदलते मौसम और 'सुपर एलनीनो' जैसी चुनौतियों से निपटने के तरीके बताए। वैज्ञानिकों ने किसानों को कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने के लिए बीजामृत, जीवामृत और घनजीवामृत जैसे जैविक घोल बनाने की विधि सिखाई। इसके साथ ही फसलों को कीटों से बचाने के लिए ब्रह्मास्त्र, अग्नास्त्र और नीमास्त्र जैसे घरेलू कीटनाशक बनाने की लाइव जानकारी भी दी गई।अभियान के पहले दिन किसानों ने पर्यावरण की रक्षा और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने के लिए प्राकृतिक खेती अपनाने का संकल्प लिया। अंत में मुख्य विकास अधिकारी आर जगत साई ने प्रभारी मंत्री और सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

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