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Chandauli News : चंदौली में साहबों की सेवा में सफाईकर्मी, नौगढ़ के गांवों में गंदगी का अंबार
Chandauli News: नौगढ़ के गांवों में सफाई व्यवस्था ध्वस्त, कर्मचारी साहबों के दफ्तर और आवासों पर तैनात, ग्रामीणों में आक्रोश।
Chandauli Naugarh News
Chandauli News: उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के नौगढ़ क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'स्वच्छ भारत मिशन' को अधिकारी और कर्मचारी मिलकर पलीता लगा रहे हैं। कागजों पर तो गांव-गांव में सफाईकर्मियों की तैनाती है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि गांवों में हर तरफ गंदगी और कूड़े के ढेर लगे हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि गांवों की सफाई के लिए जिम्मेदार कर्मचारी दफ्तरों और साहबों के बंगलों पर हाजिरी बजा रहे हैं, जिससे ग्रामीण रामभरोसे रहने को मजबूर हैं।
दफ्तरों और अधिकारियों के आवास पर तैनाती का खेल
नौगढ़ विकासखंड के गांवों में गंदगी का साम्राज्य आखिर क्यों न हो, जब सफाईकर्मी गांवों को छोड़कर जिला मुख्यालय, तहसील और ब्लॉक कार्यालयों में बाबू बने बैठे हैं। इतना ही नहीं, कई सफाईकर्मी तो रसूखदार अधिकारियों के आवासों की शोभा बढ़ा रहे हैं। अधिकारियों की इस मेहरबानी के कारण गांवों की गलियां साफ होने के बजाय कचरे से पटी पड़ी हैं।
रसूख और 'कृपा' के आगे व्यवस्था लाचार
जो सफाईकर्मी दफ्तरों में नहीं हैं, वे या तो सफाईकर्मी संघ के वर्तमान व पूर्व अध्यक्ष हैं या फिर बड़े राजनेताओं और रसूखदार अधिकारियों के खास 'कृपा पात्र' हैं। रसूख के इस घालमेल के कारण ये कर्मचारी अपनी मूल जिम्मेदारी भूलकर घरों पर आराम फरमा रहे हैं और उन्हें पूछने वाला कोई नहीं है।
इन गांवों में नारकीय हुए हालात, बजबजा रही नालियां
नियमित सफाई न होने से स्थानीय नौगढ़ बाजार समेत मगरही, शाहपुर, जमसोत, तिवारीपुर और आसपास के तमाम गांवों के हालात नारकीय हो चुके हैं। जगह-जगह लगा कचरे का ढेर अब सड़ने लगा है। नालियां पूरी तरह चोक हैं और सड़कों पर बहता गंदा पानी स्वच्छ भारत मिशन के दावों की पोल खोल रहा है।
बरसात सिर पर, संक्रामक बीमारियों का बढ़ा खतरा
सामने बरसात का मौसम है और गांवों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। अगर मानसून की बारिश शुरू होने से पहले इन गांवों में युद्धस्तर पर सफाई नहीं कराई गई, तो क्षेत्र में डेंगू, मलेरिया और डायरिया जैसी संक्रामक बीमारियां तेजी से फैल सकती हैं।ग्रामीणों की चेतावनी:स्थानीय जनता में इस प्रशासनिक लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि साहबों की चाकरी में लगे सफाईकर्मियों को तुरंत गांवों में वापस भेजकर सफाई नहीं कराई गई, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।


