Chandauli News: ढाबों और दुकानों पर पिसती मासूमियत, पुलिस ने 5 बच्चों को कराया आजाद

Chandauli News: चंदौली के मुगलसराय में पुलिस और श्रम विभाग की संयुक्त टीम ने होटलों, दुकानों और ढाबों पर छापेमारी कर पांच बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त कराया। कार्रवाई मिशन शक्ति अभियान के तहत की गई।

Sunil Kumar
Published on: 12 Aug 2026 8:14 PM IST
Chandauli News: ढाबों और दुकानों पर पिसती मासूमियत, पुलिस ने 5 बच्चों को कराया आजाद
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Chandauli News: कागजों पर कानून भले ही कितने भी सख्त हों, लेकिन जब तक हमारी आंखें बंद रहेंगी, बच्चों का भविष्य यूं ही होटलों के बर्तनों और ढाबों की कालिख में झुलसता रहेगा। मिशन शक्ति अभियान फेज-5.0 के तहत "ऑपरेशन बचपन बचाओ" की जमीनी सच्चाई भी यही कड़वा सच बयां करती है। चंदौली के पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) में जब पुलिस और श्रम विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी की, तो 5 मासूम बच्चे अपनी कलम छोड़ बड़ों का बोझ उठाते और बाल मजदूरी करते पाए गए।

मुगलसराय के होटलों और ढाबों पर चला चाबुक

पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के कड़े निर्देशों के बाद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) और श्रम अधिकारी पंकज सिंह की संयुक्त टीम ने मुगलसराय बाजार के होटलों, दुकानों और ढाबों पर अचानक धावा बोला। पुलिस की इस कड़ाई से बाल श्रम कराने वाले संचालकों में हड़कंप मच गया। टीम ने मौके से 5 मासूमों को बदतर हालात से रेस्क्यू कराया। इन सभी बच्चों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके परिजनों की सुपुर्दगी में दिया जाएगा।

बाल श्रम कराने वालों पर कब कसेगी नकेल?

मासूमों को छुड़ा लेना ही काफी नहीं है, असली सवाल यह है कि आखिर चंद पैसों के लालच में बच्चों का बचपन छीनने वाले इन ढाबा और दुकान मालिकों पर कठोरतम कार्रवाई कब होगी? चंदौली पुलिस ने चेतावनी जारी करते हुए साफ किया है कि बच्चों से मजदूरी कराना, बाल भिक्षावृत्ति और बाल विवाह जैसे कुकृत्य गंभीर अपराध हैं। कानून का उल्लंघन करने वाले ऐसे तत्वों पर पुलिस की पैनी नजर है और किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

जागरूक बनें, हेल्पलाइन नंबरों का करें इस्तेमाल

अभियान के दौरान आम जनता को भी कड़ा संदेश दिया गया कि वे अपने आसपास हो रहे बाल श्रम के खिलाफ चुप न बैठें। लोगों को शासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों 1090, 1098, 1076, 112 और 1930 के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस प्रशासन का दावा है कि बाल शोषण के खिलाफ यह अभियान थमेगा नहीं, बल्कि आगे भी ऐसे लापरवाह और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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