Chandauli News: ओवरलोड वाहनों पर टास्क फोर्स का बड़ा एक्शन, 1 जुलाई से अवैध स्कूली बसों पर होगी FIR

Chandauli News: चंदौली में जिला प्रशासन और टास्क फोर्स ने ओवरलोड वाहनों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कई वाहन सीज किए और भारी जुर्माना वसूला। 1 जुलाई 2026 से अवैध स्कूली बसों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जाएगा, जिसमें बिना वैध कागजात पाए जाने पर सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी।

Sunil Kumar
Published on: 27 Jun 2026 9:57 PM IST
Chandauli News: ओवरलोड वाहनों पर टास्क फोर्स का बड़ा एक्शन, 1 जुलाई से अवैध स्कूली बसों पर होगी FIR
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Chandauli News: उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में अवैध खनन, ओवरलोडिंग और यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बेहद सख्त रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग और पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के निर्देश पर गठित संयुक्त टास्क फोर्स ने जून महीने में ओवरलोड वाहनों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। इसके साथ ही प्रशासन ने चेतावनी दी है कि 1 जुलाई 2026 से अवैध रूप से चल रहे स्कूली वाहनों के खिलाफ एक बड़ा महाअभियान शुरू होने जा रहा है, जिसके तहत दोषी पाए जाने पर सीधे एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी।

जून महीने की कार्रवाई: 53 वाहन सीज, ₹50 लाख से अधिक का जुर्माना

जिले में परिवहन, खनन, सेल टैक्स और पुलिस विभाग को मिलाकर बनी संयुक्त टास्क फोर्स ने जून महीने में ताबड़तोड़ छापेमारी की। एआरटीओ (प्रवर्तन) डॉ० सर्वेश गौतम और यात्री/मालकर अधिकारी सुश्री अनीता वर्मा के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के आंकड़े इस प्रकार हैं:

75 ओवरलोड वाहनों का चालान काटा गया।

53 ओवरलोड वाहनों को सीज (बंद) कर विभिन्न थानों में खड़ा कराया गया।

इस कार्रवाई से सरकारी कोष में ₹50.63 लाख का भारी-भरकम जुर्माना वसूला गया।

नियम तोड़ने वाले 115 चालकों के लाइसेंस 3 महीने के लिए सस्पेंड करने और 90 वाहनों के परमिट निरस्त करने की संस्तुति की गई है।

1 जुलाई से स्कूली वाहनों पर गिरेगी गाज: सीधे दर्ज होगी FIR

छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूल प्रबंधनों को अंतिम अल्टीमेटम दे दिया है। 1 जुलाई से शुरू हो रहे विशेष चेकिंग अभियान के तहत सभी स्कूली बसों और वाहनों के पास वैध फिटनेस, परमिट, प्रदूषण सर्टिफिकेट (PUC) और बीमा होना अनिवार्य है।यदि कोई भी स्कूल बिना वैध कागजातों के बसें चलाता हुआ पाया गया, तो पुलिस थानों को निर्देश दिए गए हैं कि स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सीधे एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए।इस बार प्रशासन का रुख बेहद कड़ा है। लंबे समय से अपने वाहनों के दस्तावेज दुरुस्त न कराने वाले स्कूलों को चिन्हित कर उनकी मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके अलावा, जो भी स्कूली वाहन बिना रजिस्ट्रेशन या अनफिट पाए जाएंगे, उन्हें जब्त कर सीधे RVSF (रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी) में भेजकर कबाड़ (स्क्रैप) में तब्दील कर दिया जाएगा।

एआरटीओ की अपील

बच्चों की सुरक्षा से न करें खिलवाड़: सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी डॉ० सर्वेश गौतम ने जनपद के सभी अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधकों से अपील की है कि वे प्राइवेट या अनाधिकृत वाहनों से बच्चों को स्कूल भेजकर उनके जीवन से खिलवाड़ न करें। अभिभावक बसों और चालकों की गहन जांच के बाद ही बच्चों को भेजें। वहीं स्कूल प्रबंधन समय रहते अपने वाहनों के कागज दुरुस्त करा लें, क्योंकि हमारा लक्ष्य जिले में अवैध स्कूली वाहनों की संख्या को 'शून्य' करना है और लापरवाही बरतने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

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