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Chandauli News: चंदौली में दरोगा सस्पेंड: मोबाइल छिनैती की रिपोर्ट बदलने का था दबाव
Chandauli News: चंदौली में मोबाइल छिनैती की एफआईआर दर्ज न करने और पीड़ित पर रिपोर्ट बदलने का दबाव बनाने के आरोप में एक उप-निरीक्षक को एसपी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
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Chandauli News: चंदौली में कर्तव्य के प्रति लापरवाही और पीड़ित पर गलत रिपोर्ट लिखाने का दबाव बनाने के आरोप में एक उप-निरीक्षक (दरोगा) को पुलिस अधीक्षक द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।यह पूरा मामला चंदौली जनपद के थाना कोतवाली का है। यहाँ तैनात उप-निरीक्षक (दरोगा) संजय कुमार के खिलाफ एक पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से गंभीर शिकायत की थी। पीड़ित ने बताया कि 20 मई 2026 की शाम करीब 4 बजे कुछ अज्ञात बदमाशों ने उसका मोबाइल फोन झपट लिया था। इस घटना से घबराए पीड़ित ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, लेकिन मौके पर तैनात दरोगा संजय कुमार ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और अपने कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही बरती।
पीड़ित पर बनाया रिपोर्ट बदलने का दबाव
आरोप है कि दरोगा संजय कुमार ने मोबाइल छिनैती जैसी गंभीर वारदात की जानकारी न तो अपने उच्चाधिकारियों को दी और न ही इसकी एफआईआर (FIR) दर्ज की। इसके उलट, उन्होंने पीड़ित पर ही दबाव बनाना शुरू कर दिया कि वह चोरी या छिनैती की बात छिपा ले। दरोगा ने पीड़ित से कहा कि वह केवल मोबाइल गुमशुदगी (खोने) की साधारण रिपोर्ट दर्ज कराए, ताकि पुलिस को मामले की जांच और दौड़-भाग न करनी पड़े।
एसपी ने लिया कड़ा एक्शन, बैठाई जांच
जब यह मामला चंदौली के पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के संज्ञान में आया, तो उन्होंने इसे अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता का गंभीर मामला माना। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए एसपी आकाश पटेल ने दरोगा संजय कुमार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया। निलंबन की अवधि के दौरान उन्हें पुलिस लाइन, चंदौली से संबद्ध किया गया है। इसके साथ ही दरोगा के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
लापरवाही पर पुलिस कप्तान का सख्त संदेश
इस सख्त कार्रवाई के बाद पुलिस अधीक्षक ने विभाग के सभी कर्मियों को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने साफ कहा कि जनता की शिकायतों पर तुरंत और सही कानूनी कार्रवाई न करना किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। पुलिस की छवि को खराब करने वाले या लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी अथवा कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध आगे भी ऐसी ही कठोर दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।


