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Chandauli News: ड्रेन सफाई में भ्रष्टाचार का आरोप, ग्रामीणों ने नहर में उतरकर किया प्रदर्शन
Chandauli News: चंदौली के खिलची गांव में ड्रेन सफाई कार्य पर ग्रामीणों ने सवाल उठाए। किसानों ने नहर में उतरकर प्रदर्शन किया और जांच व कार्रवाई की मांग की।
ड्रेन सफाई में भ्रष्टाचार का आरोप, ग्रामीणों ने नहर में उतरकर किया प्रदर्शन (Photo- Newstrack)
Chandauli News: चंदौली जनपद के शहाबगंज विकासखंड अंतर्गत खिलची ग्राम सभा में ड्रेन सफाई कार्य को लेकर ग्रामीणों और किसानों में भारी आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों ने नहर में खड़े होकर प्रदर्शन किया और कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों का आरोप है कि सफाई कार्य केवल कागजों और औपचारिकता तक सीमित है, जबकि वास्तविक सफाई और खुदाई का कार्य नहीं कराया जा रहा है।
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बताया कि उन्होंने पिछले वर्ष जलभराव की गंभीर समस्या को देखते हुए दिसंबर माह में उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से मुलाकात कर ड्रेन और नहरों की समुचित सफाई कराने की मांग की थी। इसके बाद सिंचाई विभाग के बाढ़ी डिवीजन के अंतर्गत सफाई कार्य के लिए टेंडर जारी किया गया। लेकिन कार्य शुरू होने के बाद भी अपेक्षित स्तर पर काम नहीं हो रहा है।
ग्रामीणों का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि जेसीबी मशीन के जरिए केवल ऊपर से घास-फूस हटाकर सफाई का दिखावा किया जा रहा है। न तो ड्रेन की पूरी तरह खुदाई की जा रही है और न ही उसकी मरम्मत कराई जा रही है। किसानों का कहना है कि यदि इसी तरह अधूरा कार्य किया गया तो बरसात के मौसम में जल निकासी की समस्या जस की तस बनी रहेगी और खेतों में फिर जलभराव होगा।
किसानों ने बताया कि पिछले वर्ष जल निकासी के अभाव में धान की फसल को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। ड्रेन के पूरी तरह पाट जाने के कारण खेतों में पानी भर गया था, जिससे कई किसानों की फसल बर्बाद हो गई थी। इसके बावजूद सिंचाई विभाग ने समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद कार्यदायी संस्था और संबंधित विभाग केवल खानापूर्ति कर रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि नहर और ड्रेन की गुणवत्तापूर्ण सफाई, खुदाई एवं मरम्मत नहीं कराई गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी धन खर्च होने के बावजूद यदि कार्य सही तरीके से नहीं हुआ तो इसका खामियाजा एक बार फिर किसानों को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित कराने की मांग की है।


