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Chandauli News: पिता और मां की मौत से परिवार दुखी, विधायक कैलाश आचार्य ने बंधाया ढांढस
Chandauli News: चंदौली के पंडी गांव में जंगल में बकरियां चराने गए लालमनी खरवार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, 50 बकरियां गायब, दो दिन बाद मां सोमरी देवी का भी निधन।
पिता और मां की मौत से परिवार दुखी, विधायक कैलाश आचार्य ने बंधाया ढांढस (Photo- Newstrack)
Chandauli News: चंदौली जनपद के नौगढ़ क्षेत्र से एक बेहद मर्मस्पर्शी और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है। जंगल में बकरियां चराने गए एक ग्रामीण की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई और उनकी सभी बकरियां चोरी हो गईं। इस गहरे सदमे और पुत्र वियोग को सहन न कर पाने के कारण दो दिन बाद उनकी माता का भी निधन हो गया। एक ही परिवार में दो मौतों और इस दोहरी त्रासदी की खबर मिलते ही प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया।
क्या है पूरी घटना?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हृदयविदारक घटना 15 अक्टूबर 2026 की है। नौगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पंडी गांव के निवासी लालमनी खरवार अपनी बकरियां चराने के लिए गांव से करीब दो किलोमीटर दूर जंगल में गए हुए थे। इसी दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी रहस्यमय तरीके से मौत हो गई। इतना ही नहीं, घटना के समय उनकी सभी 50 बकरियां भी रहस्यमय ढंग से गायब (चोरी) हो गईं।
परिवार इस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि इस गंभीर आघात और असहनीय पुत्र वियोग के कारण ठीक दो दिन बाद लालमनी खरवार की माता सोमरी देवी का भी निधन हो गया। इस अचानक हुई दोहरी दुर्घटना से पूरा परिवार पूरी तरह बिखर गया है और गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
विधायक कैलाश आचार्य ने पंडी गांव पहुंचकर जताया शोक
घटना की गंभीरता को देखते हुए चकिया क्षेत्र के विधायक कैलाश आचार्य तुरंत शोकाकुल पंडी गांव पहुंचे। उनके साथ भाजपा मंडल अध्यक्ष नौगढ़, सर्वजीत सिंह खरवार भी मौजूद रहे।
विधायक कैलाश आचार्य ने पीड़ित परिवार के घर जाकर उनके प्रति गहरी शोक संवेदना प्रकट की। उन्होंने दुखी परिजनों को ढांढस बंधाते हुए हरसंभव सरकारी और व्यक्तिगत मदद दिलाने का भरोसा दिया। परिवार की इस पीड़ा को साझा करते हुए उन्होंने प्रशासन को इस पूरे मामले की कड़े शब्दों में निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने के निर्देश दिए, ताकि इस रहस्यमय घटना का सच सामने आ सके और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो सके।
इस दुखद घड़ी में जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों का सहयोग पीड़ित परिवार के लिए एक बड़ा संबल बना है।


