Chandauli News: नौगढ़ युवाओं के चरित्र प्रमाण पत्र अटके, थाना, LIU और DCRB से पास फिर भी फाइल लंबित

Chandauli News: नौगढ़ के युवाओं के चरित्र प्रमाण पत्र थाना, LIU और DCRB से पास होने के बावजूद SP ऑफिस में अटके हैं।

Sunil Kumar
Published on: 14 Aug 2026 12:35 PM IST
Chandauli News: नौगढ़ युवाओं के चरित्र प्रमाण पत्र अटके, थाना, LIU और DCRB से पास फिर भी फाइल लंबित
X

Chandauli News: उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले का अति पिछड़ा और वनांचल क्षेत्र नौगढ़, जहाँ की जनता आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करती है, वहाँ पुलिस विभाग की उदासीनता का एक नया नमूना देखने को मिला है। नौगढ़ के रहने वाले आवेदक संयोग कुमार (आवेदन संख्या: 318962627114) पिछले 9 दिनों से चरित्र प्रमाण पत्र के लिए भटक रहे हैं। विडंबना देखिए कि नौगढ़ थाने से लेकर डीसीआरबी (DCRB) और एलआईयू (LIU) तक की सभी कठिन जांचें पूरी हो चुकी हैं, लेकिन फाइल जिला मुख्यालय पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय की सुस्ती की भेंट चढ़ गई है।

नौगढ़ से SP ऑफिस की दूरी और कछुआ चाल

अति पिछड़े क्षेत्र नौगढ़ के किसी युवा के लिए नौकरी, रोजगार या उच्च शिक्षा का अवसर बेहद मायने रखता है। आवेदक ने 05 अगस्त 2026 को ₹50 का ऑनलाइन चालान (Challan No. POL263308381) जमा कर सीसीएमटीएनएस (CCTNS) पोर्टल पर आवेदन किया था। थाना नौगढ़ की स्थानीय पुलिस, जिला अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो और खुफिया इकाई (LIU) ने जांच पूरी कर फाइल को हरी झंडी दे दी। लेकिन, जब बात एसपी दफ्तर से अंतिम डिजिटल साइन की आई, तो सिस्टम पर लोडिंग का चक्का घूमना शुरू हो गया जो हफ्तों बाद भी नहीं रुका।

पिछड़े इलाके के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़

डिजिटल पुलिसिंग का ढिंढोरा पीटने वाला विभाग क्या अति पिछड़े क्षेत्रों के युवाओं की मजबूरी नहीं समझता? जब सारी ग्राउंड रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी है, तो कप्तान साहब के दफ्तर में केवल एक क्लिक के लिए 9-9 दिन का इंतजार क्यों कराया जा रहा है? नौगढ़ जैसे दूर-दराज इलाके के युवाओं को समय पर कागजात न मिलने से नौकरी और करियर का नुकसान होने का डर बना रहता है।

कब टूटेगी SP दफ्तर की नींद?

यह मामला सिर्फ एक संयोग कुमार का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की लचर कार्यशैली का आईना है। सवाल यह है कि जब नीचे के सारे स्तर से जांच पूरी हो चुकी है, तो एसपी ऑफिस की यह लालफीताशाही कब खत्म होगी? क्या जिले के शीर्ष पुलिस अधिकारी अपने ही दफ्तर में लटकी फाइलों का संज्ञान लेंगे या पिछड़े इलाके के आवेदक यूं ही सिस्टम की सुस्ती की कीमत चुकाते रहेंगे?

Sunil Kumar
ABOUT THE AUTHOR

Sunil Kumar

Sunilkumarchandauli@newstracksite.vocalwire.com
Next Story